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#gautam budh i shalute
gautam budh i shalute - क्रोध में लिया गया निर्णय अक्सर पछतावा बन जाता है गौतम बुद्ध ने कहा कि क्रोध उस जलते हुए अंगारे की तरह है, जिसे हम किसी 1 %$H 41678, 8#} लेकिन सबसे पहले वह हमारे अपने हाथ को जलाता है। क्रोध के समय मनुष्य सही और गलत का अंतर खो देता है, इसलिए वह ऐसे शब्द बोल देता है जो रिश्तों को हमेशा के लिए तोड़ सकते हैं। जो व्यक्ति हर छोटी बात पर गुस्सा करता है वह धीरे-्धीरे अपनी शांति खो देता है। शक्तिशाली वही है जो कठिन समय में भी अपने मन को शांत रखना जानता हो। शांत मन सबसे बड़ी ताकत है। ८८ 99 क्रोध में लिया गया निर्णय अक्सर पछतावा बन जाता है गौतम बुद्ध ने कहा कि क्रोध उस जलते हुए अंगारे की तरह है, जिसे हम किसी 1 %$H 41678, 8#} लेकिन सबसे पहले वह हमारे अपने हाथ को जलाता है। क्रोध के समय मनुष्य सही और गलत का अंतर खो देता है, इसलिए वह ऐसे शब्द बोल देता है जो रिश्तों को हमेशा के लिए तोड़ सकते हैं। जो व्यक्ति हर छोटी बात पर गुस्सा करता है वह धीरे-्धीरे अपनी शांति खो देता है। शक्तिशाली वही है जो कठिन समय में भी अपने मन को शांत रखना जानता हो। शांत मन सबसे बड़ी ताकत है। ८८ 99 - ShareChat