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8.4.2026 लोग कुछ पढ़ाई करते हैं। डिग्रियां लेते हैं। पैसे कमाते हैं। बंगला बनाते हैं। कार खरीदते हैं। खाते पीते हैं। डांस करते हैं, और सो जाते हैं। लोग समझते हैं, कि मनुष्य जीवन इतना ही है। परंतु ध्यान देने की बात यह है, कि *"मनुष्य जीवन इतना ही नहीं है। यह तो केवल स्वार्थ पूर्ति है।"* मनुष्य जीवन में सबसे विशेष बात यह है, कि *"स्वार्थ पूर्ति करते हुए कुछ परोपकार भी करना चाहिए। दूसरों की सेवा भी करनी चाहिए। कुछ दान करना चाहिए। मूक प्राणियों पर दया करनी चाहिए। गरीब कमजोर रोगी आदि की सहायता करनी चाहिए। प्रतिदिन अपने घर में वैदिक यज्ञ करना चाहिए। ईश्वर की सुबह-शाम उपासना करनी चाहिए। माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। वृद्धों और विकलांगों की रक्षा करनी चाहिए। वेद के विद्वानों का सत्कार सम्मान और उनसे विद्या प्राप्त करनी चाहिए। यह सब भी मनुष्य जीवन की सफलता के अंतर्गत है।"* *"तो केवल खा पी कर सो न जाएं। इन उत्तम कर्मों का आचरण भी करें। तभी आपका यह मानव जीवन सफल होगा और आगे भी मनुष्य जीवन फिर से मिल जाएगा।"* *"यदि आप ने ऊपर बताए शुभ कर्मों का आचरण नहीं किया, और खा पी कर पशु पक्षियों के समान यदि आप सो जाएंगे, तो न कुछ पुण्य मिलेगा, और न ही अगला जन्म मनुष्य का।"* दूसरी बात -- *"यदि शुभ कर्म नहीं किया, तो कुछ न कुछ अशुभ कर्म ही करेंगे। और फिर उनका फल पशु पक्षी वृक्ष आदि योनियों में भोगना होगा, जो कि बहुत दुखदायक लगेगा।"* *"इसलिए पढ़ाई-लिखाई धन कमाना इत्यादि के साथ-साथ शुभ कर्मों का आचरण भी करें। इससे आपका मन बुद्धि और आत्मा पवित्र होगा, तथा आप का मनुष्य जीवन भी सफल हो जाएगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"* #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓
❤️जीवन की सीख - जीवन जीने का अर्थ केवल स्वार्थ पूर्ति करना ही नहीं है , बल्कि दूसरों की सेवा करना परोपकार करना , दान , दया आदि शुभ कर्म करके अपने शरीर , मन , बुद्धि और आत्मा को पवित्र करना है। ಫಣನ ওতো ক্ষা ०८ अप्रैल स्वामी विवेकानंद परिव्राजक https lldarshanyog org निदेशक , दर्शन योग महाविद्यालय जीवन जीने का अर्थ केवल स्वार्थ पूर्ति करना ही नहीं है , बल्कि दूसरों की सेवा करना परोपकार करना , दान , दया आदि शुभ कर्म करके अपने शरीर , मन , बुद्धि और आत्मा को पवित्र करना है। ಫಣನ ওতো ক্ষা ०८ अप्रैल स्वामी विवेकानंद परिव्राजक https lldarshanyog org निदेशक , दर्शन योग महाविद्यालय - ShareChat