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#💚islaamic status 💚 #duaye🤲 #islaamic information #Deen ki Baatein #कुरान और हदीस
💚islaamic status 💚 - अस्तग़फ़िरुल्लाह पढ़ने की फज़ीलत क्या है? इंसान से हर दिन जाने अनजाने में गुनाह होते रहते हैं। लेकिन अल्लाह ने माफी का दरवाज़ा हमेशा खुला रखा है। का मतलब है मैं अल्लाह से माफी मांगता हूँ। ४ अस्तग़फ़िरुल्लाह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खुद एक दिन में ७० से ज्यादा बार इस्तिग़फ़ार किया करते थे। (মন্ীষ্ক 6307) बुख़ारीः इस्तिग़फ़ार करने से गुनाह माफ होते हैं, दिल को सुकून मिलता है और रिज़्क में बरकत आती है। अल्लाह तआला फ़रमाता हैः ४अपने रब से माफी मांगो , बेशक वह बहुत माफ करने वाला है। " (TR 76 71.10) हर हाल में " अस्तग़फ़िरुल्लाह " पढ़ने की आदत बनाएं। इस्तिग़फ़ार.दिल को सा़फ और जिँदगी को बेहतर बना देता है। अल्लाह! हमारे ` को माफ़ फरमा और हमें ज्यादा से ज्यादा गुनाहों  इस्तिग़फ़ार करने वाला बना। आमीन। अस्तग़फ़िरुल्लाह पढ़ने की फज़ीलत क्या है? इंसान से हर दिन जाने अनजाने में गुनाह होते रहते हैं। लेकिन अल्लाह ने माफी का दरवाज़ा हमेशा खुला रखा है। का मतलब है मैं अल्लाह से माफी मांगता हूँ। ४ अस्तग़फ़िरुल्लाह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खुद एक दिन में ७० से ज्यादा बार इस्तिग़फ़ार किया करते थे। (মন্ীষ্ক 6307) बुख़ारीः इस्तिग़फ़ार करने से गुनाह माफ होते हैं, दिल को सुकून मिलता है और रिज़्क में बरकत आती है। अल्लाह तआला फ़रमाता हैः ४अपने रब से माफी मांगो , बेशक वह बहुत माफ करने वाला है। " (TR 76 71.10) हर हाल में " अस्तग़फ़िरुल्लाह " पढ़ने की आदत बनाएं। इस्तिग़फ़ार.दिल को सा़फ और जिँदगी को बेहतर बना देता है। अल्लाह! हमारे ` को माफ़ फरमा और हमें ज्यादा से ज्यादा गुनाहों  इस्तिग़फ़ार करने वाला बना। आमीन। - ShareChat