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#मेरी कविता #📚कविता-कहानी संग्रह
मेरी कविता - बेहतर से बेहतरीन ढूंढने की तलाश में मुकम्मल वह भी खो गया जो नायाब था.... है जो हाथ उसका क्या करूं अब आय वह नहीं कहीं सजदे में होने वाला 3ldd % भ्रम मेरा झूठा  मेरा झूठा ' ख्वब थ मिल ना सका वह जो मेरे मन के ख्यालात थक फितूर का क्या रंग लाया था सर पर नशा भंग तो पता चला यह तो हुआ जो कोरा जज्बात था. स्वाती छीपा बेहतर से बेहतरीन ढूंढने की तलाश में मुकम्मल वह भी खो गया जो नायाब था.... है जो हाथ उसका क्या करूं अब आय वह नहीं कहीं सजदे में होने वाला 3ldd % भ्रम मेरा झूठा  मेरा झूठा ' ख्वब थ मिल ना सका वह जो मेरे मन के ख्यालात थक फितूर का क्या रंग लाया था सर पर नशा भंग तो पता चला यह तो हुआ जो कोरा जज्बात था. स्वाती छीपा - ShareChat