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#आयुर्वेद 🇮🇳 मुलेठी — आयुर्वेद की मीठी औषधि, सेहत की रखवाली! मुलेठी को आयुर्वेद में “यष्टिमधु” कहा जाता है। इसका स्वाद मीठा होता है और यह गले, पेट, फेफड़ों तथा शरीर की कमजोरी में बहुत उपयोगी मानी जाती है। 🌟 मुलेठी के मुख्य लाभ 🗣️ 1. गले की खराश और खांसी में राहत मुलेठी गले को ठंडक देती है और सूखी खांसी, गले की जलन व बैठी आवाज में आराम पहुंचाती है। 👉 गायक और वक्ता भी इसका उपयोग करते हैं। 😮‍💨 2. फेफड़ों के लिए लाभकारी बलगम निकालने में मदद करती है और सांस संबंधी समस्याओं में सहायक मानी जाती है। 🔥 3. पेट की जलन और एसिडिटी में आराम मुलेठी पेट की सूजन कम करने और पाचन सुधारने में मदद करती है। 🧠 4. तनाव और कमजोरी में सहायक आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर को ऊर्जा देने और मानसिक थकान कम करने में मददगार मानी जाती है। ✨ 5. त्वचा और चेहरे के लिए फायदेमंद मुलेठी का लेप त्वचा को साफ और चमकदार बनाने में उपयोग किया जाता है। 🩺 मुलेठी का उपयोग कैसे करें? ☕ 1. मुलेठी की चाय 1 छोटा टुकड़ा मुलेठी पानी में उबालें गुनगुना करके पिएं 👉 गले और खांसी में लाभ 🍯 2. शहद के साथ मुलेठी पाउडर + शहद मिलाकर चाटने से गले को आराम मिलता है। 🥛 3. दूध के साथ रात में हल्के गर्म दूध के साथ थोड़ी मुलेठी लेने से कमजोरी में मदद मिल सकती है। ⚠️ सावधानी अधिक मात्रा में सेवन करने से BP बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और हाई BP वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह से सेवन करना चाहिए। लंबे समय तक लगातार अधिक उपयोग उचित नहीं माना जाता। आयुर्वेद का संदेश “छोटी सी मीठी जड़ — लेकिन गुणों का खजाना!” मुलेठी प्राकृतिक तरीके से गले, पेट और शरीर को राहत देने वाली प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधियों में से एक मानी जाती है। डॉ0 विजय शंकर मिश्र:।
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