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#श्रीरामचरितमानस चोपाई
‼️श्रीरामचरितमानस की दिव्य चौपाई‼️
“जौं तपु करे कुमारी तुम्हारी।
भाविउ मेटि सकहिं त्रिपुरारी॥ जद्यपि बर अनेक जग माहीं।
एहि कहँ सिव तजि दूसर नाहीं॥”
🙏 भावार्थ :
यदि तुम्हारी पुत्री पार्वती तप करें,
तो त्रिपुरारी महादेव उनका संकल्प पूर्ण कर सकते हैं।
यद्यपि संसार में वर अनेक हैं,
पर इस कार्य के लिए शिव को छोड़कर qकोई दूसरा योग्य नहीं है।
🕉️ यह चौपाई बताती हैं कि
भावी (प्रारब्ध या भविष्य में लिखी बात) राक्षस का संहार करने वाले भगवान शिव ही मिटा या बदल सकते हैं। जब नारद जी ने पार्वती जी के पिता हिमालय को बताया कि पार्वती जी के भाग्य में वैरागी और अघोरी (भगवान शिव) से विवाह लिखा है, तो माता पार्वती के माता-पिता चिंतित हो गए। तब नारद जी ने उन्हें यह कहकर ढांढस बंधाया कि यदि तुम्हारी पुत्री तपस्या करे, तो भगवान शिव उसका भाग्य बदल सकते हैं। कि सच्चे तप, सच्ची श्रद्धा और भक्ति के आगे भाग्य का लिखा भी बदल जाता है और भगवान शिव सब कुछ शुभ कर सकते हैं1