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#रामायण चौपाई #रामायण कथा #रामायण
रामायण चौपाई - जब हनुमान जी सीता मॉ को ढूंढ कर लोटे तो श्री राम ने पूछा - हनुमान तुमने लंका में र्मौं सीता को पहचाना केसे ~ हनुमान जी ने कहा प्रभु मैंने पहचाना नहीं।  राम जीने कह्ा केसे - हनुमान जी योले  जव में लका में था नो मेरे मन र्में आपका नाम था। { जब मेने अशोक बाटिका र्में कदम रखा तो मेरे रृदय मै आप थे। ओर जहों आप थे ~ बहों मों सीता TI प्रविसि नगर कीजे सब काजा।   कोशलपुर राजा।।  दिदय राखि इसीलिए तुलसीदास जी लिखते हें " - हनुमान तुमने पूरी लंका छान मारी  राम जी हेसने लगे ओर बोले  ओर कह रहे हो रमने पहचाना नर्ही। हनुमान जी बोले ~ प्रभु र्मने तो सिर्फ आपको हृदय ्में रखा ओर मौं  सीना खूद सामने आ गरई। ೯ಫ7 ಗ@ಗೆ#Ti firr fತrf ೯1 राम जी बोले  লা {  हनुमान जी बोले प्रभु आप ही तो कढ़ते हो - ్ जाकी रही भावना जेसी। प्रभु मूरत देखी तिन तेसी।।  अगर भावना सच्ची हो तो भगवान खुद दर्शन दे देते हें ~ तो मों सीता क्यों नहों दिखर्ती। राम जी ने हनुमान को हृदय से लगा लिया ओर कह दिया a सुन सूत तोय उरन र्म नाहीं।  देखउ करि चिचार मन माहीं।। ஈ# जय शी राम दारतान जब हनुमान जी सीता मॉ को ढूंढ कर लोटे तो श्री राम ने पूछा - हनुमान तुमने लंका में र्मौं सीता को पहचाना केसे ~ हनुमान जी ने कहा प्रभु मैंने पहचाना नहीं।  राम जीने कह्ा केसे - हनुमान जी योले  जव में लका में था नो मेरे मन र्में आपका नाम था। { जब मेने अशोक बाटिका र्में कदम रखा तो मेरे रृदय मै आप थे। ओर जहों आप थे ~ बहों मों सीता TI प्रविसि नगर कीजे सब काजा।   कोशलपुर राजा।।  दिदय राखि इसीलिए तुलसीदास जी लिखते हें - हनुमान तुमने पूरी लंका छान मारी  राम जी हेसने लगे ओर बोले  ओर कह रहे हो रमने पहचाना नर्ही। हनुमान जी बोले ~ प्रभु र्मने तो सिर्फ आपको हृदय ्में रखा ओर मौं  सीना खूद सामने आ गरई। ೯ಫ7 ಗ@ಗೆ#Ti firr fತrf ೯1 राम जी बोले  লা {  हनुमान जी बोले प्रभु आप ही तो कढ़ते हो - ్ जाकी रही भावना जेसी। प्रभु मूरत देखी तिन तेसी।।  अगर भावना सच्ची हो तो भगवान खुद दर्शन दे देते हें ~ तो मों सीता क्यों नहों दिखर्ती। राम जी ने हनुमान को हृदय से लगा लिया ओर कह दिया a सुन सूत तोय उरन र्म नाहीं।  देखउ करि चिचार मन माहीं।। ஈ# जय शी राम दारतान - ShareChat