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*What Does the Quran Say About Human Beings?* *क़ुरआन इंसान के बारे में क्या कहता है?* *21/06/2026* #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #Qur'an and We #points to ponder #*આપણે વિચારીશું ખરા?*
सोचने वाली बात - (१) "और इंसान बहुत ही जल्दबाज़ है।"*(क़ुरआन 17:11)* (२) " इंसान जल्दबाज़ी के स्वभाव से पैदा किया गया है।"*(क़ुरआन 21:37)* (३) "जब हम इंसान पर अपना अनुग्रह करते हैं तो वह मुँह फेर लेता है और किनारा कर लेता है, और पहुँचती है जब उसे कोई तकलीफ़ तो वह निराश हो जाता है।" (<3I 17:83) (४) "और इंसान बहुत ही कंजूस (तंग-दिल) है।"*(क़ुरआन 17:100)* (५) "और इंसान सबसे अधिक झगड़ा करने वाला है।"*(क़ुरआन 18:54)* (६) "क्या इंसान को याद नहीं कि हमने उसे इससे पहले पैदा किया था, जबकि वह कुछ भी नहीं था?"*(क़ुरआन 19:67)* 21/6/26 10:07 (१) "और इंसान बहुत ही जल्दबाज़ है।"*(क़ुरआन 17:11)* (२) " इंसान जल्दबाज़ी के स्वभाव से पैदा किया गया है।"*(क़ुरआन 21:37)* (३) "जब हम इंसान पर अपना अनुग्रह करते हैं तो वह मुँह फेर लेता है और किनारा कर लेता है, और पहुँचती है जब उसे कोई तकलीफ़ तो वह निराश हो जाता है।" (<3I 17:83) (४) "और इंसान बहुत ही कंजूस (तंग-दिल) है।"*(क़ुरआन 17:100)* (५) "और इंसान सबसे अधिक झगड़ा करने वाला है।"*(क़ुरआन 18:54)* (६) "क्या इंसान को याद नहीं कि हमने उसे इससे पहले पैदा किया था, जबकि वह कुछ भी नहीं था?"*(क़ुरआन 19:67)* 21/6/26 10:07 - ShareChat