ShareChat
click to see wallet page
search
🙏जिसने आसक्ति जीती, उसने स्वयं को जीत लिया… ##🙏 मन की बात 🙏# #🌞 Good Morning🌞 #🙌भारतीय संस्कृति एवं विरासत🏰 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🌞सुप्रभात सन्देश
#🙏 मन की बात 🙏# - अध्याय १५ श्लोक 5 जितसंगदोषाः आसक्ति पर विजय आसक्ति मन को बाँध देती है। जो उसके दोषों को पहचानकर उस पर विजय पा लेता है, वही भीतर से मुक्त होता है। बंधन से ऊपर उठना ही सच्ची स्वतंत्रता है। पंचदशोडध्यायः श्लोकः ५ श्रीमद्भागवतगीता अध्याय १५ श्लोक 5 जितसंगदोषाः आसक्ति पर विजय आसक्ति मन को बाँध देती है। जो उसके दोषों को पहचानकर उस पर विजय पा लेता है, वही भीतर से मुक्त होता है। बंधन से ऊपर उठना ही सच्ची स्वतंत्रता है। पंचदशोडध्यायः श्लोकः ५ श्रीमद्भागवतगीता - ShareChat