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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #☝ मेरे विचार #🏠घर-परिवार
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कहानी चार रिश्तों की "माँ, पिता, पैसा और समय" चारों बहुत अच्छे साथी थे ! বুক্ষ নিন নাহী ক্ষী ওল ক্ীনা পভা, মী পুন্তা तो सबने एक-दूसरे "अब हम कहाँ मिलेंगे ?" माँ ने कहा F "मैं हर उस घर में मिलूँगी, बसती होगी !" जहाँ बच्चों की खुशी पिता ने कहा 'ಕ  में मिलूँगा, "मैं उस इंसान जो जिम्मेदारियों से भागता नहीं होगा पैसे ने कहा - " मैं मेहनती लोगों के पास मिलूँगा समय चुप था.. तुम क्यों चुप हो ?" सबने पूछा F समय मुस्कुराकर बोला - "3 ಗಹ' बार चला गया,  मिलूँगा... !" तो फिर कभी वापस नहीं Follow@-zf fjjr | Llke& Camment कहानी चार रिश्तों की "माँ, पिता, पैसा और समय" चारों बहुत अच्छे साथी थे ! বুক্ষ নিন নাহী ক্ষী ওল ক্ীনা পভা, মী পুন্তা तो सबने एक-दूसरे "अब हम कहाँ मिलेंगे ?" माँ ने कहा F "मैं हर उस घर में मिलूँगी, बसती होगी !" जहाँ बच्चों की खुशी पिता ने कहा 'ಕ  में मिलूँगा, "मैं उस इंसान जो जिम्मेदारियों से भागता नहीं होगा पैसे ने कहा - " मैं मेहनती लोगों के पास मिलूँगा समय चुप था.. तुम क्यों चुप हो ?" सबने पूछा F समय मुस्कुराकर बोला - "3 ಗಹ' बार चला गया,  मिलूँगा... !" तो फिर कभी वापस नहीं Follow@-zf fjjr | Llke& Camment - ShareChat