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माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक ऐसा निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्र की आत्मा और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती प्रदान करता है। ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समकक्ष दर्जा देने का निर्णय, भारत की गौरवशाली परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और राष्ट्रीय एकता के मूल भाव को और सुदृढ़ करने वाला है। यह केवल एक औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि देशभक्ति, त्याग और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा को सम्मान देने का सशक्त माध्यम है। ‘वंदे मातरम्’ सदैव से जन-जन के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाता रहा है, और यह कदम उस भावना को और विस्तार देगा। इस निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। वंदे मातरम् 🇮🇳 #VandeMataram #जागो और जगाओ
जागो और जगाओ - राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् वन्दे मातरम्। सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।।१।। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम् फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम् सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्  सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्। ।२ ।।  कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले के बॉले माँ तुमि अबले बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्  रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम्। ।३।।  तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म त्वम् हि प्राणाः शरीरे , बाहुते तुमि माँ शक्ति हृदय़े तुमि माँ भक्ति, तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे मन्दिरे। वन्दे मातरम्। I४ ।। त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी  कमलदलविहारिणी কমলা वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम् सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्।।५।।  श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम् धरणीम् भरणीम् मातरम्। वन्दे मातरम्। I६।। राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् वन्दे मातरम्। सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।।१।। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम् फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम् सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्  सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्। ।२ ।।  कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले के बॉले माँ तुमि अबले बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्  रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम्। ।३।।  तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म त्वम् हि प्राणाः शरीरे , बाहुते तुमि माँ शक्ति हृदय़े तुमि माँ भक्ति, तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे मन्दिरे। वन्दे मातरम्। I४ ।। त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी  कमलदलविहारिणी কমলা वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम् सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्।।५।।  श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम् धरणीम् भरणीम् मातरम्। वन्दे मातरम्। I६।। - ShareChat