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#🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
🖋शेरो-शायरी - वो जमाना अब नहीं रहा दोस्तों. 4 लोगों को किसी से बिछड़कर अफसोस होता था. वो जमाना अब नहीं रहा दोस्तों. 4 लोगों को किसी से बिछड़कर अफसोस होता था. - ShareChat