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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - खेती से कमाई का नया युग पर राष्ट्रीय कार्यशाला  एग्री विजन-२०२६ गोशालाओं में तैयार होगी काली हल्दी, अश्वगंधा, शतावर जैसी औषधीय फसलें भास्कर न्यूज | जयपुर  [10 Fortune' में एग्री নিতন-2026: जयपुर खेती से कमाई का नया युग ' राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि गो आधारित खेती और स्टार्टअप मॉडल भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं टोंक रोड स्थित   श्री पिंजरापोल गोशाला में वेस्ट टू-वेल्थ मॉडल हुए आयोजन में 6 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने आधुनिक सकती हैं, जिनकी मांग देश-विदेश टिकाऊ इस दौरान प्रतिभागियों को और लाभकारी खेती के नए आयामों में तेजी से बढ़ रही है॰ विशेषज्ञों इंटरनेशनल मार्केटिंग एक्सपोर्ट पर  मंथन किया। गोशालाओं की ने कृषि को पारंपरिक पेशे से आगे बिजनेस, सरकारी योजनाओं और खाली जमीन पर औषधीय फसलें बढ़ाकर स्टार्टअप और प्रोफेशनल @dd वेस्ट टू वेल्य मॉडल की तैयार करने की बात कही।  इंडस्ट्री के रूप मेँ विकसित करने जानकारी दी। पिंजरापोल गोशाला कार्यशाला   में पर जोर दिया। स्वयं सहायता समूह भी को एकलाइव लैब के रूप में यह নান सामने   आई और किसान उत्पादक संगठन के कि কালী हल्दी, प्रस्तुत किया, जहा किसानों ने সংলযাঁঙা;  प्रोसेसिंग और जरिए হানানয सफेद उत्पादन, खेती और गो आधारित और प्राकृतिक " मूसली   जैसी औषधीय কমল मार्केटिंग जोड़कर   किसानों को க்அளிகபுாி किसानों के लिए कम जमीन में की आय में कई गुना वृद्धि की करीब से समझा। ज्यादा मुनाफा देने वाली साबित हो संभावनाएं जताई। खेती से कमाई का नया युग पर राष्ट्रीय कार्यशाला  एग्री विजन-२०२६ गोशालाओं में तैयार होगी काली हल्दी, अश्वगंधा, शतावर जैसी औषधीय फसलें भास्कर न्यूज | जयपुर  [10 Fortune' में एग्री নিতন-2026: जयपुर खेती से कमाई का नया युग ' राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि गो आधारित खेती और स्टार्टअप मॉडल भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं टोंक रोड स्थित   श्री पिंजरापोल गोशाला में वेस्ट टू-वेल्थ मॉडल हुए आयोजन में 6 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने आधुनिक सकती हैं, जिनकी मांग देश-विदेश टिकाऊ इस दौरान प्रतिभागियों को और लाभकारी खेती के नए आयामों में तेजी से बढ़ रही है॰ विशेषज्ञों इंटरनेशनल मार्केटिंग एक्सपोर्ट पर  मंथन किया। गोशालाओं की ने कृषि को पारंपरिक पेशे से आगे बिजनेस, सरकारी योजनाओं और खाली जमीन पर औषधीय फसलें बढ़ाकर स्टार्टअप और प्रोफेशनल @dd वेस्ट टू वेल्य मॉडल की तैयार करने की बात कही।  इंडस्ट्री के रूप मेँ विकसित करने जानकारी दी। पिंजरापोल गोशाला कार्यशाला   में पर जोर दिया। स्वयं सहायता समूह भी को एकलाइव लैब के रूप में यह নান सामने   आई और किसान उत्पादक संगठन के कि কালী हल्दी, प्रस्तुत किया, जहा किसानों ने সংলযাঁঙা;  प्रोसेसिंग और जरिए হানানয सफेद उत्पादन, खेती और गो आधारित और प्राकृतिक " मूसली   जैसी औषधीय কমল मार्केटिंग जोड़कर   किसानों को க்அளிகபுாி किसानों के लिए कम जमीन में की आय में कई गुना वृद्धि की करीब से समझा। ज्यादा मुनाफा देने वाली साबित हो संभावनाएं जताई। - ShareChat