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#🗣कबीर अमृतवाणी📢
🗣कबीर अमृतवाणी📢 - "<~49* कबीर , हस्ती चढ़िये ज्ञान का, दुलीचा  SI2I सहज स्वान रूप संसार है, भूंकन दे झकमार । | శైf dT भावार्थः कबीर साहेब जी कहते ज्ञानरूपी हाथी पर सहजरूपी कालीन बिछाकर अपने मार्ग पर निश्चित होकर चलते रहो। यह संसार  कुत्ते के समान हे जो हाथी  को देखकर  चलते भौंकता अकारण उसकी रहता है। तुम्हें नहीं करनी परवाह चाहिए। "<~49* कबीर , हस्ती चढ़िये ज्ञान का, दुलीचा  SI2I सहज स्वान रूप संसार है, भूंकन दे झकमार । | శైf dT भावार्थः कबीर साहेब जी कहते ज्ञानरूपी हाथी पर सहजरूपी कालीन बिछाकर अपने मार्ग पर निश्चित होकर चलते रहो। यह संसार  कुत्ते के समान हे जो हाथी  को देखकर  चलते भौंकता अकारण उसकी रहता है। तुम्हें नहीं करनी परवाह चाहिए। - ShareChat