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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - नमन शहीदों को तिलाड़ी शहीद स्मारक तिलाड़ी कांड एक ऐतिहासिक घटना है, जो टिहरी रियासत में ३० मई ११३० को हुई थी যহ ঘনা तब हुई जब टिहरी रियासत के दीवान चक्रधर जुयाल ने टिहरी गढ़वाल राज्य के वन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर गोलियां चलवा दी थीं. इस घटना को रवाईं ढंडक और गढ़वाल का जलियांवाला बाग कांड भी कहा जाता है. बड़कोट। डा. राधेश्याम बिजल्वाण बताते हैं सिंह, कि इस आंदोलन में क्षेत्र के अजीत ؟7 सिंह, सिंह, किस्या, गौर हीरा, हंसरू तुलसी, नाराण, भगीरथ हरिराम, गौरू गुंदर, ज्वाला सिंह सिंह, सिंह, িলা, মনন गुलाब लुदर सिंह मीनू शेरजंग , ब्रह्मीदत्त, हरक सिंह, जीतू उदयराम, मोल्या आदि लोग নামঘ शहीद हुए थे। तभी से क्षेत्र के ग्रामीण हर साल तीस मई को तिलाड़ी शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन तिलाड़ी शहीद स्मारक पर एकत्र होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। नमन शहीदों को तिलाड़ी शहीद स्मारक तिलाड़ी कांड एक ऐतिहासिक घटना है, जो टिहरी रियासत में ३० मई ११३० को हुई थी যহ ঘনা तब हुई जब टिहरी रियासत के दीवान चक्रधर जुयाल ने टिहरी गढ़वाल राज्य के वन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर गोलियां चलवा दी थीं. इस घटना को रवाईं ढंडक और गढ़वाल का जलियांवाला बाग कांड भी कहा जाता है. बड़कोट। डा. राधेश्याम बिजल्वाण बताते हैं सिंह, कि इस आंदोलन में क्षेत्र के अजीत ؟7 सिंह, सिंह, किस्या, गौर हीरा, हंसरू तुलसी, नाराण, भगीरथ हरिराम, गौरू गुंदर, ज्वाला सिंह सिंह, सिंह, িলা, মনন गुलाब लुदर सिंह मीनू शेरजंग , ब्रह्मीदत्त, हरक सिंह, जीतू उदयराम, मोल्या आदि लोग নামঘ शहीद हुए थे। तभी से क्षेत्र के ग्रामीण हर साल तीस मई को तिलाड़ी शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन तिलाड़ी शहीद स्मारक पर एकत्र होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। - ShareChat