Amezing_Ashwini
मुर्गियां सूरज उगने से पहले कैसे जान लेती हैं कि सुबह होने वाली है?
बहुत से लोग मानते हैं कि मुर्गे केवल सूरज की पहली किरण देखकर बांग देते हैं, लेकिन विज्ञान इससे कहीं अधिक दिलचस्प कहानी बताता है। शोध से पता चला है कि मुर्गों के शरीर में एक बेहद सटीक जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। यही आंतरिक घड़ी उन्हें दिन और रात के चक्र का अनुमान लगाने में मदद करती है।
इसके साथ ही मुर्गियों और मुर्गों की आंखें प्रकाश के प्रति इंसानों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती हैं। वे प्रकाश में होने वाले बेहद सूक्ष्म बदलावों को महसूस कर सकते हैं। भोर से पहले जब वातावरण में रोशनी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है, तब उन्हें दिन के आने का संकेत मिलने लगता है। इसी कारण वे अक्सर इंसानों से पहले सक्रिय हो जाते हैं।
हालांकि यह दावा कि मुर्गियां हमेशा ठीक 45 मिनट पहले दिन की रोशनी देख लेती हैं, वैज्ञानिक रूप से निश्चित संख्या के रूप में स्थापित नहीं है। लेकिन यह सच है कि उनकी प्रकाश संवेदनशीलता और जैविक घड़ी उन्हें सूर्योदय से पहले जागने और आवाज़ लगाने में मदद करती है।
यही वजह है कि सदियों से मुर्गे को प्रकृति की सबसे भरोसेमंद “जीवित अलार्म घड़ी” माना जाता रहा है।
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