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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीतामृत 3 ३० अप्रैल & बाह्यस्पर्शेष्वसक्तात्मा विन्दत्यात्मनि यत्सुखम् ब्रह्मयोगयुक्तात्मा सुखमक्षयमश्नरुते ٤ Il ২? || ऐसा मुक्त पुरुष भौतिक इन्द्रियसुख अपितु की ओर आकृष्ट नहीं होता , संदैव समाधि में रहकर अपने अन्तर में आनन्द का अनुभव करता है। इस स्वरूपसिद्ध व्यक्ति परब्रह्म में एकाग्रचित प्रकार होने के कारण असीम सुख भोगता है। 5.21) गीतामृत 3 ३० अप्रैल & बाह्यस्पर्शेष्वसक्तात्मा विन्दत्यात्मनि यत्सुखम् ब्रह्मयोगयुक्तात्मा सुखमक्षयमश्नरुते ٤ Il ২? || ऐसा मुक्त पुरुष भौतिक इन्द्रियसुख अपितु की ओर आकृष्ट नहीं होता , संदैव समाधि में रहकर अपने अन्तर में आनन्द का अनुभव करता है। इस स्वरूपसिद्ध व्यक्ति परब्रह्म में एकाग्रचित प्रकार होने के कारण असीम सुख भोगता है। 5.21) - ShareChat