ShareChat
click to see wallet page
search
एक दिन माता यशोदा अपने लल्ला के लिए दही मथने लगी भगवान कृष्ण माता यशोदा के पास आए माता यशोदा ने कृष्ण को गले से लगाया और अपनी गोद में बैठा लिया और दही मथने लगी किसी काम से माता यशोदा ने कान्हा जी को अपनी गोद से नीचे उतारा और अंदर चली गई इसी बात से कान्हा जी रुष्ट हो गए और उन्होंने दही का मटका फोड़ डाला.. थोड़ी देर में माता यशोदा आई उन्होंने दही के मटके को टुकडे टुकडे देखे तो वह समझ गई कि यह सब मेरे प्यारे लल्ला की ही शैतानी है इसके बाद माता यशोदा मन ही मन विचार करने लगी कि इसको एक बार बांध तो देना चाहिए नहीं तो यह और भी उधम मचाएगा माता यशोदा अपने लल्ला को ऊखल से बांध रही थी तब एक अदभुद घटना घटी जब माता यशोदा अपने उद्यमी और नटखट लड़के को रस्सी से बांधने लगी तब वे दो अंगुल छोटी पड़ गई तब उन्होंने दूसरी रस्सी उसमें जोड़ी तब भी रस्सी छोटी पड़ गई इस प्रकार माता यशोदा रस्सी के टुकड़े जोड़ने लगी और वह दो उंगली छोटी पड़ने लगी माता यशोदा के यह सब करने से भगवान कृष्ण ने देखा कि मां बहुत थक गई है और उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने आप ही मां के बंधन में बंध गए भगवान कृष्ण ने माता यशोदा के वात्सल्य के बंधन में बध कर अपने भक्तों को यह सीख दी की मैं प्रेमी भक्तों के बस में हूं भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला अदभुत थी जय श्री कृष्ण 🚩🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat