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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ - ShareChat