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#✍गुलजारांचे साहित्य #📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी
✍गुलजारांचे साहित्य - 66 আঞ্জীঠী, तभी तक पूछे आओगे , জন নক কাম चिरागों के जलते ही बुझा दी जाती है तिलियां.. ! ! 66 আঞ্জীঠী, तभी तक पूछे आओगे , জন নক কাম चिरागों के जलते ही बुझा दी जाती है तिलियां.. ! ! - ShareChat