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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - कभी कभी सोचती हूं क्या सच में मैं इतनी मजबूत हूं॰ या बस हालात ने मुझे मजबूत बना दिया है. मैंने हर उस चीज़ को खोया है, जिसे मैंने दिल से चाहा था. मैंने हर उस इंसान को जाते देखा है, जिसे मैंने अपना माना था. फिर भी मैं खड़ी हूं मुस्कुरा रही हूं॰॰ इसलिए नहीं कि मैं खुश हूं शायद बल्कि इसलिए कि अब रोने की आदत छूट गई 6 कभी कभी सोचती हूं क्या सच में मैं इतनी मजबूत हूं॰ या बस हालात ने मुझे मजबूत बना दिया है. मैंने हर उस चीज़ को खोया है, जिसे मैंने दिल से चाहा था. मैंने हर उस इंसान को जाते देखा है, जिसे मैंने अपना माना था. फिर भी मैं खड़ी हूं मुस्कुरा रही हूं॰॰ इसलिए नहीं कि मैं खुश हूं शायद बल्कि इसलिए कि अब रोने की आदत छूट गई 6 - ShareChat