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आँसू से मत धोइए, अपने सारे ख्वाब I जिसकी ख़ातिर नीद को, कितने किए ख़राब ॥ #कविता #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह
कविता - ऑंसू ` से मत थोईए अपने सारे खाब | किए जिसकी खातिर नौद को , कितने ব্বহান || ऑंसू ` से मत थोईए अपने सारे खाब | किए जिसकी खातिर नौद को , कितने ব্বহান || - ShareChat