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धार्मिक इतिहास #Dharmik Sikh
Dharmik Sikh - 96 II 3RGRI II १८  सातिनामु करता पुरख निरभउ निरवैरु अकाल 96 मूरर्ते सैभं गुरु प्रसादि II अजुनी  fFr हे अकाल पुरख सच्चे पातशाह ! दातार! साडी अरदास कबूल करनी| साडा मन नीवां, मत ऊँची रखना | नेताणियां दे ताप, निओटियां दी ओट, सर्वत दा भला, सरब सुक्ख देना। नानक नाम चढ़दी कला , भाणे सरबत दा भला।। वाहेगुरु जी का खालसा ! वाहेगुरु जी की फतेह।। Oaheguub ( % G|Oohequ ddduta CXa Galsa, 96 II 3RGRI II १८  सातिनामु करता पुरख निरभउ निरवैरु अकाल 96 मूरर्ते सैभं गुरु प्रसादि II अजुनी  fFr हे अकाल पुरख सच्चे पातशाह ! दातार! साडी अरदास कबूल करनी| साडा मन नीवां, मत ऊँची रखना | नेताणियां दे ताप, निओटियां दी ओट, सर्वत दा भला, सरब सुक्ख देना। नानक नाम चढ़दी कला , भाणे सरबत दा भला।। वाहेगुरु जी का खालसा ! वाहेगुरु जी की फतेह।। Oaheguub ( % G|Oohequ ddduta CXa Galsa, - ShareChat