ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - गाइड ಟ೫ಗಿಹ सामाजिक व्यवहार की सकारात्मकता डॉ॰ रितु पाण्डेय शर्मा  reetupost@yahoo com प्रकृति कभी अकेले नहीं जीती। एक शोध में fs हुआ है कि वन के वृक्ष एक भूमिगत फफूंदीय जाल के माध्यम से जुड़े रहते हैं। जब कोई वृक्ष रोगग्रस्त, संकटग्रस्त होता है, या सूखे का सामना करता है तो निकटवर्ती वृक्ष विशेषतः वृक्ष उसे कार्बन फॉस्फोरस, जल भेजते हैं। परिपक्व माता यह व्यवहार स्वजाति तक सीमित नहीं, भिन्न प्रजातियों के శాశేానాాే గగార్లే  वृक्ष भी इस नेटवर्क में संकेत साझा करते  रासायनिक चेतावनी संकेत भी प्रसारित करते कीट के आक्रमण की सूचना। प्रकृति का यह तंत्र स्पष्ट करता है कि विकास का आधार केवल सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट की प्रतिस्पर्धा नहीं, पारस्परिक संबद्धता से भी है। हार्वर्ड के अध्ययन ने भी बताया है कि सुख और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा स्रोत धन या यश नहीं , गहरे और निःस्वार्थ मानवीय संबंध हैं। मनुष्य का मस्तिष्क मूलतः सामाजिक है, जो संबंधों और सामूहिक जुड़ाव, सह-अस्तित्व से प्रभावित  होता है। यही कारण है कि सकारात्मक सामाजिक व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। के प्रति मंगल-्भाव रखता है, उसके जो व्यक्ति दूसरों मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन और सेरोटोनिन का स्राव बढ़ता जीवन है, जो तनाव घटाता है, प्रसन्नता को गहराता है और को अर्थपूर्ण बनाता है। यह उसी जैविक नियम की मानवीय अभिव्यक्ति है, जो हर जीवन में, हर मिट्टी के नीचे, छुपे हुए चुपचाप काम करता रहता है। मिनट रीड + गाइड ಟ೫ಗಿಹ सामाजिक व्यवहार की सकारात्मकता डॉ॰ रितु पाण्डेय शर्मा  reetupost@yahoo com प्रकृति कभी अकेले नहीं जीती। एक शोध में fs हुआ है कि वन के वृक्ष एक भूमिगत फफूंदीय जाल के माध्यम से जुड़े रहते हैं। जब कोई वृक्ष रोगग्रस्त, संकटग्रस्त होता है, या सूखे का सामना करता है तो निकटवर्ती वृक्ष विशेषतः वृक्ष उसे कार्बन फॉस्फोरस, जल भेजते हैं। परिपक्व माता यह व्यवहार स्वजाति तक सीमित नहीं, भिन्न प्रजातियों के శాశేానాాే గగార్లే  वृक्ष भी इस नेटवर्क में संकेत साझा करते  रासायनिक चेतावनी संकेत भी प्रसारित करते कीट के आक्रमण की सूचना। प्रकृति का यह तंत्र स्पष्ट करता है कि विकास का आधार केवल सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट की प्रतिस्पर्धा नहीं, पारस्परिक संबद्धता से भी है। हार्वर्ड के अध्ययन ने भी बताया है कि सुख और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा स्रोत धन या यश नहीं , गहरे और निःस्वार्थ मानवीय संबंध हैं। मनुष्य का मस्तिष्क मूलतः सामाजिक है, जो संबंधों और सामूहिक जुड़ाव, सह-अस्तित्व से प्रभावित  होता है। यही कारण है कि सकारात्मक सामाजिक व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। के प्रति मंगल-्भाव रखता है, उसके जो व्यक्ति दूसरों मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन और सेरोटोनिन का स्राव बढ़ता जीवन है, जो तनाव घटाता है, प्रसन्नता को गहराता है और को अर्थपूर्ण बनाता है। यह उसी जैविक नियम की मानवीय अभिव्यक्ति है, जो हर जीवन में, हर मिट्टी के नीचे, छुपे हुए चुपचाप काम करता रहता है। मिनट रीड + - ShareChat