सुनील जैन
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सुनील जैन
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☝ मेरे विचार - देक्सःकाई बदलात नहीं टैक्स रिजीम में १३ लाख तक ন্সুী आय पर २६ हजार को बचत योग्य टैक्स में रिजीम नई रिजीम रिजीम कर पुरानी पुरानी  में टैक्स में टैक्स कुल आय अतर मेंटैक्स स्लैब १३ लाख 2,10,600 78,000 26,000 14 & इनकम स्लैब 2,41,800 टैक्स 93,600 31,200 15 " 2,73,000 1,09,200 36,400 0-2.569 शून्य 16 m೬ 3,04,200 1,24,800 52,000 २.५=5 लाख 5% १७ लाख 3,35,400 1,45,600 62,400 5-10 লয়্ 20% १८ लाख 3,66,600 1,66,400 72,800 १० लाख से ऊपर   ३०% १९ लाख 3,97,800 1,87200 83,200 स्टैंडर्ड डिडक्शनः 20 লাম্র 4,29,000 2,08,000 93,600 रिजीम में वेतनभोगी २१ लाख 4,60,200 पुराने 2,34,000 98,800 कर्मचारियों को ५०,००० 22 লাম্র 4,91,400 2,60,000 1,04,000 की सीधी छूट। नई रिजीम 23 লাভ 5,22,600 2,86,000 1,09,200 में यह छूट ७५ हजार है। २४ लाख 5,53,800 3,12,000 1,14,400 इसमें कोई बदलाव नहीं 25 5,85,000 लाख 3,43,200 1,14,400 किया गया है। देक्सःकाई बदलात नहीं टैक्स रिजीम में १३ लाख तक ন্সুী आय पर २६ हजार को बचत योग्य टैक्स में रिजीम नई रिजीम रिजीम कर पुरानी पुरानी  में टैक्स में टैक्स कुल आय अतर मेंटैक्स स्लैब १३ लाख 2,10,600 78,000 26,000 14 & इनकम स्लैब 2,41,800 टैक्स 93,600 31,200 15 " 2,73,000 1,09,200 36,400 0-2.569 शून्य 16 m೬ 3,04,200 1,24,800 52,000 २.५=5 लाख 5% १७ लाख 3,35,400 1,45,600 62,400 5-10 লয়্ 20% १८ लाख 3,66,600 1,66,400 72,800 १० लाख से ऊपर   ३०% १९ लाख 3,97,800 1,87200 83,200 स्टैंडर्ड डिडक्शनः 20 লাম্র 4,29,000 2,08,000 93,600 रिजीम में वेतनभोगी २१ लाख 4,60,200 पुराने 2,34,000 98,800 कर्मचारियों को ५०,००० 22 লাম্র 4,91,400 2,60,000 1,04,000 की सीधी छूट। नई रिजीम 23 লাভ 5,22,600 2,86,000 1,09,200 में यह छूट ७५ हजार है। २४ लाख 5,53,800 3,12,000 1,14,400 इसमें कोई बदलाव नहीं 25 5,85,000 लाख 3,43,200 1,14,400 किया गया है। - ShareChat
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☝ मेरे विचार - मर्केटःतीन बड़े बदलाव सटोरियों को झटका, पीएसयू रीट्स जैसे नए निवेश  नया इनकम टैक्स एक्ट २०२५... ८०० रीट्स का आगाज... सरकारी पीएसयू २ फ्यूचर एंड ऑप्शंस.. हर ट्रेड पर ढाई गुना कीमत देनी होगी... सट्टेबाजी पर लगाम संपत्तियों का आईपीओ लाएगी सरकार से घटकर सिर्फ ५३६ रह गईं धाराएं अप्रैल २०२६ से एक नया आयकर अधिनियम लागू होगा  संपत्तियों से पैसा ತಾಗೆ' केंद्र सरकार ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज की योजना बना सरकार अपनी उन जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों और फॉर्म को सरल बनाना है। रही है जिनसे रेंटल इनकम ( किराया ) आता है। सरकारी  टैक्स एसटीटी , बढ़ाने का प्रस्ताव रखा ह। स्ररकार काट कह्ना हैसकि इसका मनकसद ८०० से घटकर सिर्फ ५३६ रह गई धाराएंः अब समझना संपत्तियों को म्यूचुअल फंड की तरह यूनिट्स में बदला  सट्टेबाजी পঢনী  और रिटर्न भरना होगा आसान। इससे निवेशकों के लिए आईपीओ लाकर आम निवेशकों को हिस्सा रोकना व अतिरिक्त राजस्व जुटाना है। नई दरें 1 अप्रैल जाएगा। इनक  अनुपालन आसान होगा।  बेचा जाएगा और जो पैसा आएगा , उसे नए इंफ्रास्ट्रक्चर २०२६ से लागू होँगी। फ्यूचर्स की बिक्री पर एसटीटी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में देरी परः पहले ऑडिट रिपोर्ट सिक्युरिटीज के प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा। एसबीआई को 0 ०२% से बढ़ाकर 0.०५% किया जाएगा| ऑप्शन देर से जमा करने पर भारी जुर्माना  लगता था, लेकिन अब रिसर्च हेड सनी अग्रवाल कहते हैं कि उदाहरण के तौर प्रीमियम पर टैक्स 0. १% से बढ़ाकर 0 १५% कर दिया है। इसे बदलकर ' लेट फीस' कर दिया गया है। 1 महीने तक पर सरकार के पास रोड एसेट्स के रीट्स आ सकते हैं। ९३% रिटेल निवेशक घाटे में रहते हैं एनएचएआई के पास सड़कों का बड़ा पोर्टफोलियो है।  की देरी पर ७५,००० को लेट फीस देनी होगी। 1 महीने से फ्यूचर्स : की देरी पर अधिकतम १.५ लाख तक की लेट फीस। भारतीय खाद्य निगम ) जैसे एफसीआई रिटेल निवेशक १.८१ लाख करोड़ का वेयरहाउस ज्यादा संस्थानों के वेयरहाउस जहां से फिक्स रेंटल इनकम आती है। केंद्र सरकार क्रिप्टो सेक्टर पर शिकंजा कसा है। अब नुकसान हुआ रिटेल 2022 अगर क्रिप्टो से जुड़े लेनन्देन की तय जानकारी क्रिप्टो पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन्स भी इसमें आ सकती हैं निवेशकों को साल 2023 85 समय पर नहीं देंगे या उसमें गलत जिनसे तय टैरिफ या किराया आता है। 2024 २०२२ से २०२४ तक। एक्सचज सरकार को 112 को बिना कर्ज बढ़ाए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड विवरण दिया तो सीधा जुर्माना लगेगा। यह २०० रुः ८% सक्सेस रेट है 2025 सरकार मिलेगा। फिक्स्ड इनकम वाले एसेट्स में निवेश का मौका। प्रतिदिन होगा। निवेशक लाख में। एंड ऑप्शंस का फ्यूचर्स  मर्केटःतीन बड़े बदलाव सटोरियों को झटका, पीएसयू रीट्स जैसे नए निवेश  नया इनकम टैक्स एक्ट २०२५... ८०० रीट्स का आगाज... सरकारी पीएसयू २ फ्यूचर एंड ऑप्शंस.. हर ट्रेड पर ढाई गुना कीमत देनी होगी... सट्टेबाजी पर लगाम संपत्तियों का आईपीओ लाएगी सरकार से घटकर सिर्फ ५३६ रह गईं धाराएं अप्रैल २०२६ से एक नया आयकर अधिनियम लागू होगा  संपत्तियों से पैसा ತಾಗೆ' केंद्र सरकार ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज की योजना बना सरकार अपनी उन जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों और फॉर्म को सरल बनाना है। रही है जिनसे रेंटल इनकम ( किराया ) आता है। सरकारी  टैक्स एसटीटी , बढ़ाने का प्रस्ताव रखा ह। स्ररकार काट कह्ना हैसकि इसका मनकसद ८०० से घटकर सिर्फ ५३६ रह गई धाराएंः अब समझना संपत्तियों को म्यूचुअल फंड की तरह यूनिट्स में बदला  सट्टेबाजी পঢনী  और रिटर्न भरना होगा आसान। इससे निवेशकों के लिए आईपीओ लाकर आम निवेशकों को हिस्सा रोकना व अतिरिक्त राजस्व जुटाना है। नई दरें 1 अप्रैल जाएगा। इनक  अनुपालन आसान होगा।  बेचा जाएगा और जो पैसा आएगा , उसे नए इंफ्रास्ट्रक्चर २०२६ से लागू होँगी। फ्यूचर्स की बिक्री पर एसटीटी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में देरी परः पहले ऑडिट रिपोर्ट सिक्युरिटीज के प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा। एसबीआई को 0 ०२% से बढ़ाकर 0.०५% किया जाएगा| ऑप्शन देर से जमा करने पर भारी जुर्माना  लगता था, लेकिन अब रिसर्च हेड सनी अग्रवाल कहते हैं कि उदाहरण के तौर प्रीमियम पर टैक्स 0. १% से बढ़ाकर 0 १५% कर दिया है। इसे बदलकर ' लेट फीस' कर दिया गया है। 1 महीने तक पर सरकार के पास रोड एसेट्स के रीट्स आ सकते हैं। ९३% रिटेल निवेशक घाटे में रहते हैं एनएचएआई के पास सड़कों का बड़ा पोर्टफोलियो है।  की देरी पर ७५,००० को लेट फीस देनी होगी। 1 महीने से फ्यूचर्स : की देरी पर अधिकतम १.५ लाख तक की लेट फीस। भारतीय खाद्य निगम ) जैसे एफसीआई रिटेल निवेशक १.८१ लाख करोड़ का वेयरहाउस ज्यादा संस्थानों के वेयरहाउस जहां से फिक्स रेंटल इनकम आती है। केंद्र सरकार क्रिप्टो सेक्टर पर शिकंजा कसा है। अब नुकसान हुआ रिटेल 2022 अगर क्रिप्टो से जुड़े लेनन्देन की तय जानकारी क्रिप्टो पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन्स भी इसमें आ सकती हैं निवेशकों को साल 2023 85 समय पर नहीं देंगे या उसमें गलत जिनसे तय टैरिफ या किराया आता है। 2024 २०२२ से २०२४ तक। एक्सचज सरकार को 112 को बिना कर्ज बढ़ाए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड विवरण दिया तो सीधा जुर्माना लगेगा। यह २०० रुः ८% सक्सेस रेट है 2025 सरकार मिलेगा। फिक्स्ड इनकम वाले एसेट्स में निवेश का मौका। प्रतिदिन होगा। निवेशक लाख में। एंड ऑप्शंस का फ्यूचर्स - ShareChat
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☝ मेरे विचार - [u8a] 1 2 बनय 31 3 4 [u8a] 1 2 बनय 31 3 4 - ShareChat
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☝ मेरे विचार - चित्रचरित्र 2 1 3 चित्रचरित्र 2 1 3 - ShareChat
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☝ मेरे विचार - ऑपसेशनसिंदूरकेबदबडाकदम रक्षाा. रक्षा बजट १५% बढा, 8 साल में सबसे ज्यादा भास्कर न्यूज | नईदिल्ली 8 साल में ऐसे बढा रक्षा बजट 15% 9.5% बजट आवंटन (लाख करोड़ रु॰) बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7 ८५ लाख करोड़ 4*986 7.85 13% 9.8% रुपए आवंटित हुए हैं। ये पिछले साल से १५% 6.81 9.3% 6.22 5.93 5.25 ज्यादा है। प्रतिशत के लिहाज से यह 8 साल की 4.71 4.78 4.31 4.04 सबसे बड़ी वृद्धि है। चीन और पाक से बढ़ती चुनौतियों के बीच सेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने पर  जोर है। नए हथियार और सैन्य विमान खरीदने के 24-25 25-26 26-27 18-19 19-20 20-21 21-22 22-23 23-24 लिए पूंजीगत व्यय २२% बढ़ाया है। केंद्रीय बजट ६३,७३३ करोड़ रुपए २५,0२३ करोड़ रुपए २.१९ लाख करोड़ रुपए का १४ ७% हिस्सा रक्षा को मिला है।ये मंत्रालयों व्यय के लिए, नौसेना बेड़े के लिए आवंटित विमान और एयरो इंजनों पर इनसे पूंजीगत  में सर्वाधिक है। आधुनिकीकरण पर १.८५ लाख खर्च होंगे यानी रक्षा बजट किए हैं, जो रक्षा बजट का नए हथियार व सैन्य साजो- खर्च होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने करोड़ सामान खरीदे जाएंगे का 8 फीसदी लगभग ३% है कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में रक्षा डिफेंस आवंटन अगले वित्त वर्ष की अनुमानित जीडीपी का दो प्रतिशत है और यह २०२५- पूंजीगत व्यय बढ़ना रक्षा प्रणाली को और बजट व मजबूत बनाने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। २६ के बजटीय अनुमान की तुलना में १५. १९ प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है ऑपसेशनसिंदूरकेबदबडाकदम रक्षाा. रक्षा बजट १५% बढा, 8 साल में सबसे ज्यादा भास्कर न्यूज | नईदिल्ली 8 साल में ऐसे बढा रक्षा बजट 15% 9.5% बजट आवंटन (लाख करोड़ रु॰) बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7 ८५ लाख करोड़ 4*986 7.85 13% 9.8% रुपए आवंटित हुए हैं। ये पिछले साल से १५% 6.81 9.3% 6.22 5.93 5.25 ज्यादा है। प्रतिशत के लिहाज से यह 8 साल की 4.71 4.78 4.31 4.04 सबसे बड़ी वृद्धि है। चीन और पाक से बढ़ती चुनौतियों के बीच सेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने पर  जोर है। नए हथियार और सैन्य विमान खरीदने के 24-25 25-26 26-27 18-19 19-20 20-21 21-22 22-23 23-24 लिए पूंजीगत व्यय २२% बढ़ाया है। केंद्रीय बजट ६३,७३३ करोड़ रुपए २५,0२३ करोड़ रुपए २.१९ लाख करोड़ रुपए का १४ ७% हिस्सा रक्षा को मिला है।ये मंत्रालयों व्यय के लिए, नौसेना बेड़े के लिए आवंटित विमान और एयरो इंजनों पर इनसे पूंजीगत  में सर्वाधिक है। आधुनिकीकरण पर १.८५ लाख खर्च होंगे यानी रक्षा बजट किए हैं, जो रक्षा बजट का नए हथियार व सैन्य साजो- खर्च होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने करोड़ सामान खरीदे जाएंगे का 8 फीसदी लगभग ३% है कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में रक्षा डिफेंस आवंटन अगले वित्त वर्ष की अनुमानित जीडीपी का दो प्रतिशत है और यह २०२५- पूंजीगत व्यय बढ़ना रक्षा प्रणाली को और बजट व मजबूत बनाने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। २६ के बजटीय अनुमान की तुलना में १५. १९ प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है - ShareChat
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☝ मेरे विचार - ग़्नालिसिस अमेरिकी निर्यातकों को बड़ी राहत दिख रही पूंजी - प्रधान और टेक्नोलॉजी आधारित निर्यात को लिए न्यूक्लियर जेनरेशन इक्विपमेंट, एब्जॉर्बर अजय श्रीवास्तव मजबूती देते हैं। रॉड्स और प्रोजेक्ट इंपोर्ट्स पर शून्य सीमा शुल्क इनपुट की ऊंची लागतः कई अहम संस्थापक घरलू अमेरिकी निर्माताओं और तकनीको प्रदाताओं को जीटीआरआई हैं। स्टील रसायन और दीर्घकालिक नीति स्पष्टता देती है, जो इस क्षेत्र मुद्दे बजट से बाहर लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख घरेलू इनपुट की ऊंची  में दुर्लभ है। ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल स्वच्छ लागत कम करने के लिए ठोस टैरिफ या नियामक बजट में टैरिफ और सीमा शुल्क संबंधी कुछ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और भारतीय निर्यातकों की अमेरिकी निर्यातकों के लिए भारत में नए अमेरिकी निर्यात के लिए बाधाएं कम हुई हैं। इससे कदम नहीं उठाए बदलाव प्रतिस्पर्धात्मकता लगातार दबाव में बनी हुई है। अवसर खोलते हैं। प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में ये लिथियम ्आयन सेल निर्माण के लिए कैपिटल सीमा शुल्क में बदलाव चुनिंदा अमेरिका के लिए अप्रत्यक्ष रूप से अनुकूल गुड्स और सोलर ग्लास में प्रयुक्त सोडियम নন্ वस्तुओं बजट एंटीमोनाइट के ड्यूटी-फ्री आयात से उन्नत मशीनरी सीमित टैरिफ   रेशनलाइजेशन साबित होता दिख रहा है। नागरिक और रक्षा रह OHen और सामग्री आपूर्ति करने वाली अमेरिकी कंपनियों होने से दर संरचना लगभग अपरिवर्तित रही। विमानन क्षेत्र में विमान पुर्जों तथा मेंटेनेंस, रिपेयर की लागत घटेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त दवा, बरकरार   हैं। जारी   जटिलताएं एंड ओवरहॉल से जुड़े इनपुट्स पर सीमा शुल्क लब समय दुर्लभ रोगों की औषधियों तथा एक्स-रे ट्यूब और वैश्विक व्यापार के बढते विखंडन और खासतौर खत्म करने का सीधा लाभ अमेरिकी एयरोस्पेस फ्लैट - पैनल डिटेक्टर जैसे अहम मेडिकल डिवाइस पर अमेरिकी बाजार में ऊंची टैरिफ बाधाओं के कंपनियों , इंजन निर्माताओं और मेंटेनेंस सेवा देने कंपोनेंट्स पर शून्य शुल्क से अमेरिकी फार्मा और बावजूद, प्रभावित निर्यातकों के लिए आकस्मिक  वाली फर्मों को होगा। क्षेत्र में भी लाभः परमाणु मेड टेक निर्यातकों के लिए भारतीय बाजार तक योजना या सहायता रणनीति पेश नहीं को। पिछले ऊर्जा परमाणु 8/ पहुंच और आसान होगी। कुल मिलाकर, ये कदम बजट में घोषित निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत ऊर्जा क्षेत्र में बजट घोषणाएं और दूरगामी नहीं हुआ " बिना किसी शोर-शराबे के भारत में अमेरिका के अब तक कोई भी फंड वितरण है। तक सभी पंजीकृत परमाणु संयंत्रों के 2035 ग़्नालिसिस अमेरिकी निर्यातकों को बड़ी राहत दिख रही पूंजी - प्रधान और टेक्नोलॉजी आधारित निर्यात को लिए न्यूक्लियर जेनरेशन इक्विपमेंट, एब्जॉर्बर अजय श्रीवास्तव मजबूती देते हैं। रॉड्स और प्रोजेक्ट इंपोर्ट्स पर शून्य सीमा शुल्क इनपुट की ऊंची लागतः कई अहम संस्थापक घरलू अमेरिकी निर्माताओं और तकनीको प्रदाताओं को जीटीआरआई हैं। स्टील रसायन और दीर्घकालिक नीति स्पष्टता देती है, जो इस क्षेत्र मुद्दे बजट से बाहर लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख घरेलू इनपुट की ऊंची  में दुर्लभ है। ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल स्वच्छ लागत कम करने के लिए ठोस टैरिफ या नियामक बजट में टैरिफ और सीमा शुल्क संबंधी कुछ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और भारतीय निर्यातकों की अमेरिकी निर्यातकों के लिए भारत में नए अमेरिकी निर्यात के लिए बाधाएं कम हुई हैं। इससे कदम नहीं उठाए बदलाव प्रतिस्पर्धात्मकता लगातार दबाव में बनी हुई है। अवसर खोलते हैं। प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में ये लिथियम ्आयन सेल निर्माण के लिए कैपिटल सीमा शुल्क में बदलाव चुनिंदा अमेरिका के लिए अप्रत्यक्ष रूप से अनुकूल गुड्स और सोलर ग्लास में प्रयुक्त सोडियम নন্ वस्तुओं बजट एंटीमोनाइट के ड्यूटी-फ्री आयात से उन्नत मशीनरी सीमित टैरिफ   रेशनलाइजेशन साबित होता दिख रहा है। नागरिक और रक्षा रह OHen और सामग्री आपूर्ति करने वाली अमेरिकी कंपनियों होने से दर संरचना लगभग अपरिवर्तित रही। विमानन क्षेत्र में विमान पुर्जों तथा मेंटेनेंस, रिपेयर की लागत घटेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त दवा, बरकरार   हैं। जारी   जटिलताएं एंड ओवरहॉल से जुड़े इनपुट्स पर सीमा शुल्क लब समय दुर्लभ रोगों की औषधियों तथा एक्स-रे ट्यूब और वैश्विक व्यापार के बढते विखंडन और खासतौर खत्म करने का सीधा लाभ अमेरिकी एयरोस्पेस फ्लैट - पैनल डिटेक्टर जैसे अहम मेडिकल डिवाइस पर अमेरिकी बाजार में ऊंची टैरिफ बाधाओं के कंपनियों , इंजन निर्माताओं और मेंटेनेंस सेवा देने कंपोनेंट्स पर शून्य शुल्क से अमेरिकी फार्मा और बावजूद, प्रभावित निर्यातकों के लिए आकस्मिक  वाली फर्मों को होगा। क्षेत्र में भी लाभः परमाणु मेड टेक निर्यातकों के लिए भारतीय बाजार तक योजना या सहायता रणनीति पेश नहीं को। पिछले ऊर्जा परमाणु 8/ पहुंच और आसान होगी। कुल मिलाकर, ये कदम बजट में घोषित निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत ऊर्जा क्षेत्र में बजट घोषणाएं और दूरगामी नहीं हुआ " बिना किसी शोर-शराबे के भारत में अमेरिका के अब तक कोई भी फंड वितरण है। तक सभी पंजीकृत परमाणु संयंत्रों के 2035 - ShareChat
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☝ मेरे विचार - గనగ 0 नए रोजगार का इको- सिस्टम तैयार हो रहा था। राज्यों का अनुदान जोडने पर प्रभावी केपेक्स अनस रहमान जुनैद शक्ति कार्यक्रम लंबे समय से अपेक्षित हे। भारत जेनेरिक दवाओं में वैश्विक ्नेताक रदम है। करीब १७ १५ ट्रिलियन हो जाता है। यह जीडीपी  संस्थापक अगली छलांग बायोलॉजिक्स, बायोस्िमिलस्हा का ४ ४% है। शॉर्ट टर्म रियायतों से दीर्घकालिक  हुरुन इंडिया ओर समृद्धि नहीं आती। समृद्धि का आधार सड़क  जटिल थरेपीज में है। यही वे क्षेत्र हे कीटअग्लीप लहर कीयहीडे क्ैप्र औरहलंर्ेभवरत भारत  बंदरगाह  औद्योगिक   कॉरिडोर और   डिजिटल केंद्रीय ஏuE 2026-27 9# ## # इंफ्रास्ट्रक्चर होते हैं जो कारोबार बढ़ाते है। आया संपत्ति का सृजन होगा।  भारत की संपत्ति सृजन की कहानी नए Ulch सही औद्योगिक दांवः बजट का रणनीतिक  एमएसएमई स्टार्टअप ओर dగ स्तर पर पहुंच रही है। ऐसी अर्थव्यवस्था भारत फट फोकस उन क्षेत्रों पर है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर सकारात्मक संकेतः एमएसएमई रोजगार नहीं   रहा, गिने-चुने घरानों तक जहां सफलता परिभाषित करेंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का और विकास के इंजन हे। १० हजार करोड़ का सीमित हो। भारतीय अरबपतियोँ की सामूहिक  आईएसएम २० के रूप मे विस्तार अहम कदम प्रस्तावित एसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस के সপনি एक ट्रिलियन डॉलर से पार हो चुकी है। है। भारत करीब १०% चिप आयात करता है। নক্কন নলেনা সসংন विस्तार सिर्फ एक साल में ७५ नए अरबपति बने है। इस 3ঁ কৃূমে क विनिर्माण और प्रौद्योगिकी शक्ति बनने के लिए यह निर्यात सीमा को हटाना व्यावहारिक कदम हें।  पृष्ठभूमि में बजट संकेत देता है कि भारत अगले निर्भरता घटानी होगी। चिप डिजाइन प्रोत्साहन के स्टार्टअप के लिए धारा ८O IAC के तहत टैक्स कैसी दशक में अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। लिए 5,००० करोड़ का प्रावधान और इलेक्ट्रॉनिक हॉलीडे ३१ माचं २०३० तक কদনম dGTTI TEd 27 सही प्राथमिकताः बजट में निवेश कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का आवंटन ४० हजार वाला कदम हे। १० हजार करोड़ के डीप टेक आधारित विकास पर जोर है। पूंजीगत व्यय बजट करोड़ किया गया है। ये ऐसे इकोसिस्टम के आधार फंड ऑफ फंड्स का क्रियान्वयन इसका संकेत हे केंद्र बना हुआ है। कैपेक्स बढ़ाकर १२ २ लाख हैं, जो न सिर्फ रोजगार पैदा करेंगे chl बल्कि बड़ी कि भारत सिर्फ उपभोक्ता प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि करोड़ किया है। ये पिछले साल ११ २ लाख करोड़ कंपनियों को भी॰ जन्म देंगे। इसी तरहः बायोफामा गंभीर तकनीकी कंपनियां खडी करना चाहता हे। గనగ 0 नए रोजगार का इको- सिस्टम तैयार हो रहा था। राज्यों का अनुदान जोडने पर प्रभावी केपेक्स अनस रहमान जुनैद शक्ति कार्यक्रम लंबे समय से अपेक्षित हे। भारत जेनेरिक दवाओं में वैश्विक ्नेताक रदम है। करीब १७ १५ ट्रिलियन हो जाता है। यह जीडीपी  संस्थापक अगली छलांग बायोलॉजिक्स, बायोस्िमिलस्हा का ४ ४% है। शॉर्ट टर्म रियायतों से दीर्घकालिक  हुरुन इंडिया ओर समृद्धि नहीं आती। समृद्धि का आधार सड़क  जटिल थरेपीज में है। यही वे क्षेत्र हे कीटअग्लीप लहर कीयहीडे क्ैप्र औरहलंर्ेभवरत भारत  बंदरगाह  औद्योगिक   कॉरिडोर और   डिजिटल केंद्रीय ஏuE 2026-27 9# ## # इंफ्रास्ट्रक्चर होते हैं जो कारोबार बढ़ाते है। आया संपत्ति का सृजन होगा।  भारत की संपत्ति सृजन की कहानी नए Ulch सही औद्योगिक दांवः बजट का रणनीतिक  एमएसएमई स्टार्टअप ओर dగ स्तर पर पहुंच रही है। ऐसी अर्थव्यवस्था भारत फट फोकस उन क्षेत्रों पर है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर सकारात्मक संकेतः एमएसएमई रोजगार नहीं   रहा, गिने-चुने घरानों तक जहां सफलता परिभाषित करेंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का और विकास के इंजन हे। १० हजार करोड़ का सीमित हो। भारतीय अरबपतियोँ की सामूहिक  आईएसएम २० के रूप मे विस्तार अहम कदम प्रस्तावित एसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस के সপনি एक ट्रिलियन डॉलर से पार हो चुकी है। है। भारत करीब १०% चिप आयात करता है। নক্কন নলেনা সসংন विस्तार सिर्फ एक साल में ७५ नए अरबपति बने है। इस 3ঁ কৃূমে क विनिर्माण और प्रौद्योगिकी शक्ति बनने के लिए यह निर्यात सीमा को हटाना व्यावहारिक कदम हें।  पृष्ठभूमि में बजट संकेत देता है कि भारत अगले निर्भरता घटानी होगी। चिप डिजाइन प्रोत्साहन के स्टार्टअप के लिए धारा ८O IAC के तहत टैक्स कैसी दशक में अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। लिए 5,००० करोड़ का प्रावधान और इलेक्ट्रॉनिक हॉलीडे ३१ माचं २०३० तक কদনম dGTTI TEd 27 सही प्राथमिकताः बजट में निवेश कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का आवंटन ४० हजार वाला कदम हे। १० हजार करोड़ के डीप टेक आधारित विकास पर जोर है। पूंजीगत व्यय बजट करोड़ किया गया है। ये ऐसे इकोसिस्टम के आधार फंड ऑफ फंड्स का क्रियान्वयन इसका संकेत हे केंद्र बना हुआ है। कैपेक्स बढ़ाकर १२ २ लाख हैं, जो न सिर्फ रोजगार पैदा करेंगे chl बल्कि बड़ी कि भारत सिर्फ उपभोक्ता प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि करोड़ किया है। ये पिछले साल ११ २ लाख करोड़ कंपनियों को भी॰ जन्म देंगे। इसी तरहः बायोफामा गंभीर तकनीकी कंपनियां खडी करना चाहता हे। - ShareChat
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