सुनील जैन
ShareChat
click to see wallet page
@350327738
350327738
सुनील जैन
@350327738
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - एक अच्छी आदत स्लो लिविंगः जिँदगी को थोड़ा धीमा करें स्लो लीविंग यानी जिंदगी को धीरे, और पूरा समझदारी से ध्यान देकर जीनाः न कि हर काम जल्दी- जल्दी निपटाना। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार , यह स्ट्रैस कम करने, 5 फोकस बढ़ाने और 6 सामाजिक संवाद को 7 बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। 7 स्लो लिविंग अपनाने के 3 तरीके १. रोजमर्रा की रूटीन में ध्यान 6 रोज के काम में भोजन सबसे अहम है इसलिए इसे धीरे , ध्यान से, आनंद लेकर खाएं। इससे पोषक तत्व बेहतर अवशोषित होंगे। २. माइंडफुल वॉक चलते समय जल्दबाजी की बजाय आस-्पास के वातावरण को महसूस करें। हवा की खुशबू, पक्षियों की आवाज जैसी चीजों पर ध्यान दें। ३. एक समय मैं सिर्फ एक काम करें घर के कामों की सारी लिस्ट खत्म करने के काम पूरा करें और बाकी बाद में बजाय एक इससे काम पूरा होने की खुशी मिलती है।  करें। एक अच्छी आदत स्लो लिविंगः जिँदगी को थोड़ा धीमा करें स्लो लीविंग यानी जिंदगी को धीरे, और पूरा समझदारी से ध्यान देकर जीनाः न कि हर काम जल्दी- जल्दी निपटाना। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार , यह स्ट्रैस कम करने, 5 फोकस बढ़ाने और 6 सामाजिक संवाद को 7 बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। 7 स्लो लिविंग अपनाने के 3 तरीके १. रोजमर्रा की रूटीन में ध्यान 6 रोज के काम में भोजन सबसे अहम है इसलिए इसे धीरे , ध्यान से, आनंद लेकर खाएं। इससे पोषक तत्व बेहतर अवशोषित होंगे। २. माइंडफुल वॉक चलते समय जल्दबाजी की बजाय आस-्पास के वातावरण को महसूस करें। हवा की खुशबू, पक्षियों की आवाज जैसी चीजों पर ध्यान दें। ३. एक समय मैं सिर्फ एक काम करें घर के कामों की सारी लिस्ट खत्म करने के काम पूरा करें और बाकी बाद में बजाय एक इससे काम पूरा होने की खुशी मिलती है।  करें। - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - सेहत काविज्ञान कैलोरी कम करने से होगा वेट लॉस ओमेडः दिन में सिर्फ एक बार खाना कितना फायदेमंद? रेणु रखेजा सप्ताहमेंअधिकतमष्कयबौद न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हीओमेड डइट लेना सित consciouslivingtips  OMAD डाइट क्या है? क्या OMAD से वजन घटता है? OMAD यानी ' वन मील ए डे' इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका हां, फ्रंटियर इन साइकोलॉजी की है, जिसमें व्यक्ति दिन की पूरी स्टडी में पाया कि जिन लोगों ने কলীবী বক্ষ ক্ী সীল ( 1-2 ঘঠ अपनी पूरी कैलोरी शाम ५२७ की विंडो ) में लेता है और २२ - बजे के बीच ली॰ उनका वजन २३ घंटे उपवास करता है। इससे और बॉडी फैट दिन में तीन कुल कैलोरी कम हो जाती है, जो बार खाने वालों से ज्यादा घटा। घटाने में मदद कर सकती वजन लेकिन साथ में सही प्रोटीन लेना है। ओमेड हफ्ते में १-२ दिन और स्टैंथ ट्रेनिंग जरूरी है। करने की सलाह दी जाती है। ए Q OMAD वजन घटाने में ०. क्या यह सभी के लिए Q. OMAD का सेहत पर सुरक्षित है? सबसे अच्छा तरीका है? क्या असर पड़ सकता है? लोगों में इंसुलिन में कुछ " नहीं, यह १८ साल से ऊपर के नहीं, ओमेड कोई जादुई तरीका মভী स्वस्थ लोगों के लिए हो सकती नहीं है। वही कैलोरी तीन समय सेंसिटिविटी और ब्लड प्रेशर में है,जो फास्टिंग सहन कर सकें। के भोजन में खाने से भी वजन सुधार पाया। लेकिन एक साथ गर्भवती या स्तनपान कराने घटने का असर लगभग समान ज्यादा खाना ब्लड शुगर स्पाइक वाली महिलाएं, १८ साल से होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ कर सकता है। लगातार ओमेंड उम्र के बच्चे, बहुत साइंस की रिसर्च के मुताबिक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न करने से दुबले कम या बुजुर्ग लोग, डायबिटीज के वजन कम होना कैलोरी कम थकान, कमजोरी और विटामिन मरीजों को इससे बचना चाहिए।  -मिनरल की कमी हो सकती है। करने पर निर्भर करता है। सेहत काविज्ञान कैलोरी कम करने से होगा वेट लॉस ओमेडः दिन में सिर्फ एक बार खाना कितना फायदेमंद? रेणु रखेजा सप्ताहमेंअधिकतमष्कयबौद न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हीओमेड डइट लेना सित consciouslivingtips  OMAD डाइट क्या है? क्या OMAD से वजन घटता है? OMAD यानी ' वन मील ए डे' इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका हां, फ्रंटियर इन साइकोलॉजी की है, जिसमें व्यक्ति दिन की पूरी स्टडी में पाया कि जिन लोगों ने কলীবী বক্ষ ক্ী সীল ( 1-2 ঘঠ अपनी पूरी कैलोरी शाम ५२७ की विंडो ) में लेता है और २२ - बजे के बीच ली॰ उनका वजन २३ घंटे उपवास करता है। इससे और बॉडी फैट दिन में तीन कुल कैलोरी कम हो जाती है, जो बार खाने वालों से ज्यादा घटा। घटाने में मदद कर सकती वजन लेकिन साथ में सही प्रोटीन लेना है। ओमेड हफ्ते में १-२ दिन और स्टैंथ ट्रेनिंग जरूरी है। करने की सलाह दी जाती है। ए Q OMAD वजन घटाने में ०. क्या यह सभी के लिए Q. OMAD का सेहत पर सुरक्षित है? सबसे अच्छा तरीका है? क्या असर पड़ सकता है? लोगों में इंसुलिन में कुछ " नहीं, यह १८ साल से ऊपर के नहीं, ओमेड कोई जादुई तरीका মভী स्वस्थ लोगों के लिए हो सकती नहीं है। वही कैलोरी तीन समय सेंसिटिविटी और ब्लड प्रेशर में है,जो फास्टिंग सहन कर सकें। के भोजन में खाने से भी वजन सुधार पाया। लेकिन एक साथ गर्भवती या स्तनपान कराने घटने का असर लगभग समान ज्यादा खाना ब्लड शुगर स्पाइक वाली महिलाएं, १८ साल से होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ कर सकता है। लगातार ओमेंड उम्र के बच्चे, बहुत साइंस की रिसर्च के मुताबिक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न करने से दुबले कम या बुजुर्ग लोग, डायबिटीज के वजन कम होना कैलोरी कम थकान, कमजोरी और विटामिन मरीजों को इससे बचना चाहिए।  -मिनरल की कमी हो सकती है। करने पर निर्भर करता है। - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - R जानें रोजाना कितना प्रोटीन लेना शरीर के लिए जरूरी है थकान, ड्राय स्किन, जानें प्रोटीन की कमी के 4 संकेत TIME अपर्याप्त प्रोटीन से मांसपेशियां कमजोर और मेटाबॉलिज्म धीमा दैनिक भास्कर से विशेष अनुबंध के तहत  ३. बाल-्नाखू़न कमजोर l. लगातार थकान आप खाने के बाद थकान CR. कम प्रोटीन से एनर्जी घटती बालों काःपतला होना, नाखू़न करते हैं या बाल और नाखू़न महसूस है, मांसपेशियां कमजोर होती ट्टना प्रोटीन की कमी के कारण  कमजोर हो रहे हैं? इसकी वजह हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है। सकता है। इससे फोकस की त्वचा का ड्राई होना भी प्रोटीन प्रोटीन मेटाबॉलिज्म , हार्मोन संतुलन, और मूड " कमी में बदलाव भी की कमी के ঘুচনসানী ٦٩»7  इम्यूनिटी और त्वचा को स्वस्थ रखने हो सकते हैं। सकता हे में मदद करता है। सेंटारा मेडिकल 3,7477 मेडिसिन फिजीशियन २. बार -बार भूख लगना ४ बार -बार बीमार पड़ना कितना प्रोटीन जरूरी? ग्लेन जोन्स के अनुसार प्रोटीन पेट को ज्यादा देर तक प्रोटीन एंटीबॉडी और एंजाइम তন एक्सपर्ट्स के मुताबिक वयस्कों को डाइट में प्रोटीन कम होता है, तो भरा रखता हे। कम प्रोटीन और बनाने में मदद करता है। इसकी रोजाना प्रति किलो वजन १-१ २ ग्राम शरीर मांसपेशियों को तोड़कर प्रोटीन कार्ब्स लेने से ब्लड इम्यूनिटी कमजोर हो कमी से ज्यादा प्रोटीन लेना चाहिए। १०० ग्राम पनीर में शुगर तेजी से ऊपर-नीचे होता की जरूरत   पूरी करने लगता है। सकती है। इससे बिमारी के १८-२० ग्राम और एक कटोरो दाल में इसका असर धीरे- धीरे एनर्जी, है, जिससे जल्दी भूख लगती दौरान रिकवरी में diकत ७-१ ग्राम प्रोटीन होता है। ७्यद समय और ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है। है। सकता है। (]  R जानें रोजाना कितना प्रोटीन लेना शरीर के लिए जरूरी है थकान, ड्राय स्किन, जानें प्रोटीन की कमी के 4 संकेत TIME अपर्याप्त प्रोटीन से मांसपेशियां कमजोर और मेटाबॉलिज्म धीमा दैनिक भास्कर से विशेष अनुबंध के तहत  ३. बाल-्नाखू़न कमजोर l. लगातार थकान आप खाने के बाद थकान CR. कम प्रोटीन से एनर्जी घटती बालों काःपतला होना, नाखू़न करते हैं या बाल और नाखू़न महसूस है, मांसपेशियां कमजोर होती ट्टना प्रोटीन की कमी के कारण  कमजोर हो रहे हैं? इसकी वजह हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है। सकता है। इससे फोकस की त्वचा का ड्राई होना भी प्रोटीन प्रोटीन मेटाबॉलिज्म , हार्मोन संतुलन, और मूड " कमी में बदलाव भी की कमी के ঘুচনসানী ٦٩»7  इम्यूनिटी और त्वचा को स्वस्थ रखने हो सकते हैं। सकता हे में मदद करता है। सेंटारा मेडिकल 3,7477 मेडिसिन फिजीशियन २. बार -बार भूख लगना ४ बार -बार बीमार पड़ना कितना प्रोटीन जरूरी? ग्लेन जोन्स के अनुसार प्रोटीन पेट को ज्यादा देर तक प्रोटीन एंटीबॉडी और एंजाइम তন एक्सपर्ट्स के मुताबिक वयस्कों को डाइट में प्रोटीन कम होता है, तो भरा रखता हे। कम प्रोटीन और बनाने में मदद करता है। इसकी रोजाना प्रति किलो वजन १-१ २ ग्राम शरीर मांसपेशियों को तोड़कर प्रोटीन कार्ब्स लेने से ब्लड इम्यूनिटी कमजोर हो कमी से ज्यादा प्रोटीन लेना चाहिए। १०० ग्राम पनीर में शुगर तेजी से ऊपर-नीचे होता की जरूरत   पूरी करने लगता है। सकती है। इससे बिमारी के १८-२० ग्राम और एक कटोरो दाल में इसका असर धीरे- धीरे एनर्जी, है, जिससे जल्दी भूख लगती दौरान रिकवरी में diकत ७-१ ग्राम प्रोटीन होता है। ७्यद समय और ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है। है। सकता है। (] - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - गिरीश कुमार मूम्मी , अब स्कूल  कॉलेज में कंटेंट क़िएट२ लैबू সুলঠী बेटा , अब रील के लिए भी फी़स ढेनी होगी , यही ढ़िन ढ़ेसुन। बाकी था ! गिरीश कुमार मूम्मी , अब स्कूल  कॉलेज में कंटेंट क़िएट२ लैबू সুলঠী बेटा , अब रील के लिए भी फी़स ढेनी होगी , यही ढ़िन ढ़ेसुन। बाकी था ! - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - सेसिबल मीम्स सौरभ जैन कल तक आ़म आढ़मी दुखी था कि SIR से उसका नामन कट जाए |  आढ़मी दुस्ी हें दि एपस्टीन आज बड़े फाइल मॅं उसका नाम नृ आ जाए ! सेसिबल मीम्स सौरभ जैन कल तक आ़म आढ़मी दुखी था कि SIR से उसका नामन कट जाए |  आढ़मी दुस्ी हें दि एपस्टीन आज बड़े फाइल मॅं उसका नाम नृ आ जाए ! - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - @RR बात कहूंगा खरीनखरी बजट के बाद देश दो खेमों में, मैं बीच में! सुरेंद्र शर्मा मे तो अपने देशवासियों से यही कहता ह कि॰ अंतरराप्ट्रीय   स्थिति 31R खराब   है।   इधर कव एव लेखक अमेरिका ने टेरिफ घटाकर १८% किया है और जो चीज महंगी हो गई 6 उसका एक दिन surendershurmakavila hotmail com उधर रूस हमसे रूठकर बैठ गया है। अमेरिका उपवास कर लो।आत्यनिर्शर चनो। बजट क्या आया, भूचाल-्सा आ गया। मे जहां तो शहंशाह है। एक झटके में ही ५०% के टैरिफ रहता हू॰ बाइं तरफ वाले घर में भाजपाई रहते पड़ोसियों के बीच फंसा हुआ हूं। हंसकर घर को १८% कर दिया। किसी दिन दिमाग फिर घूम हें और दाएं तरफ वाले घर में कांग्रेसो रहते हे। से बाहर निकलता हूं तो कांग्रेसी भाई मिल जाते गया तो इसे फिर पांच सो प्रतिशत कर देगा। हैं।वे कहते हें, शर्मा जी, कैसे कवि हो? देश आजादी के बाद से बजट की यहो हालत अमेरिका पूरे संसार का एकमात्र गिरगिट देश है। होती हे। सत्तावाले जश्न मनाते हे और विपक्षी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और आप हंस इतनी तेजी स रंग बदलता हे कि गिरगिट के भी पीटते हें। मेरी पत्नी कांग्रेसी पड़ोसियों से চ মা?' তানী रंग उड़ जाएं। 4 T1 मिलकर आड। उन्हांने उसे बताया कि बजट के उनकी लानत सुनकर मैं अपना मुंह लटका अपने देशवासियों से यही कहता हूं कारण महंगाई बढ गई है। पत्नी ने आकर मुझसे लेता हूं। मुंह लटकाते ही भाजपाई भाई मिल जाते कि॰जो चीज महंगो हो ग्ई है, उसका एक दिन हैं। वे डांटते हुए कहते हैं हमें तो शुरू से ही कि तुम मुझे जो घरखर्चा देते हो, उसे अब उपवास कर लो। गरीब अलग रो रहे हें। उनका कहा चढ़ाना पड़ेगा। मेने उससे कहा कि मैं अभी-अभी शक था कि आप हमारे कभी नहों रहे। कहना हे कि ज्यादा बच्चे इसलिए पैदा कर रहे बाएं वाले पड़ोसियों से मिलकर आया हूं। उन्होंने कभी-कभी सोचता हूं कि घर बदल लूंI थे ताकि उन्हें प्रति व्यवित के हिसाब से मिलने बताया हे कि भाभी जी का घर खर्च घटा दो। लेकिन घर बदलने से मेरी दयनीय स्थिति नहों सस्ता राशन ज्यादा मिल सके। अमीर की মালা मेरी पत्नो झल्लाकर बोली, मैं तो वहीं अपनी मुसीबतें हें। मेरी सलाह है कि आराम से सुधर सकती, क्योंकि मेरे परिवार में ही आधे जहां जाने से मुझे फायदा होगा। ' चाहते हो तो चुप रहो, कुछ எ5்ரி जिंदगी बसर करना लोग बजट को सरकार का मास्टर स्ट्रोक बताते मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि॰मैं इस हैं ओर आधे इसे जनविरोधी बजट बताते हें। न कहो। सब कुछ सहो और जेही विधि राखे फिर सोचता हूं कि देश बदल लूंI लेकिन सत्ता, तेही विधि रहिए। बजट को प्रशंसा करू या आलोचना। मैं दो @RR बात कहूंगा खरीनखरी बजट के बाद देश दो खेमों में, मैं बीच में! सुरेंद्र शर्मा मे तो अपने देशवासियों से यही कहता ह कि॰ अंतरराप्ट्रीय   स्थिति 31R खराब   है।   इधर कव एव लेखक अमेरिका ने टेरिफ घटाकर १८% किया है और जो चीज महंगी हो गई 6 उसका एक दिन surendershurmakavila hotmail com उधर रूस हमसे रूठकर बैठ गया है। अमेरिका उपवास कर लो।आत्यनिर्शर चनो। बजट क्या आया, भूचाल-्सा आ गया। मे जहां तो शहंशाह है। एक झटके में ही ५०% के टैरिफ रहता हू॰ बाइं तरफ वाले घर में भाजपाई रहते पड़ोसियों के बीच फंसा हुआ हूं। हंसकर घर को १८% कर दिया। किसी दिन दिमाग फिर घूम हें और दाएं तरफ वाले घर में कांग्रेसो रहते हे। से बाहर निकलता हूं तो कांग्रेसी भाई मिल जाते गया तो इसे फिर पांच सो प्रतिशत कर देगा। हैं।वे कहते हें, शर्मा जी, कैसे कवि हो? देश आजादी के बाद से बजट की यहो हालत अमेरिका पूरे संसार का एकमात्र गिरगिट देश है। होती हे। सत्तावाले जश्न मनाते हे और विपक्षी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और आप हंस इतनी तेजी स रंग बदलता हे कि गिरगिट के भी पीटते हें। मेरी पत्नी कांग्रेसी पड़ोसियों से চ মা?' তানী रंग उड़ जाएं। 4 T1 मिलकर आड। उन्हांने उसे बताया कि बजट के उनकी लानत सुनकर मैं अपना मुंह लटका अपने देशवासियों से यही कहता हूं कारण महंगाई बढ गई है। पत्नी ने आकर मुझसे लेता हूं। मुंह लटकाते ही भाजपाई भाई मिल जाते कि॰जो चीज महंगो हो ग्ई है, उसका एक दिन हैं। वे डांटते हुए कहते हैं हमें तो शुरू से ही कि तुम मुझे जो घरखर्चा देते हो, उसे अब उपवास कर लो। गरीब अलग रो रहे हें। उनका कहा चढ़ाना पड़ेगा। मेने उससे कहा कि मैं अभी-अभी शक था कि आप हमारे कभी नहों रहे। कहना हे कि ज्यादा बच्चे इसलिए पैदा कर रहे बाएं वाले पड़ोसियों से मिलकर आया हूं। उन्होंने कभी-कभी सोचता हूं कि घर बदल लूंI थे ताकि उन्हें प्रति व्यवित के हिसाब से मिलने बताया हे कि भाभी जी का घर खर्च घटा दो। लेकिन घर बदलने से मेरी दयनीय स्थिति नहों सस्ता राशन ज्यादा मिल सके। अमीर की মালা मेरी पत्नो झल्लाकर बोली, मैं तो वहीं अपनी मुसीबतें हें। मेरी सलाह है कि आराम से सुधर सकती, क्योंकि मेरे परिवार में ही आधे जहां जाने से मुझे फायदा होगा। ' चाहते हो तो चुप रहो, कुछ எ5்ரி जिंदगी बसर करना लोग बजट को सरकार का मास्टर स्ट्रोक बताते मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि॰मैं इस हैं ओर आधे इसे जनविरोधी बजट बताते हें। न कहो। सब कुछ सहो और जेही विधि राखे फिर सोचता हूं कि देश बदल लूंI लेकिन सत्ता, तेही विधि रहिए। बजट को प्रशंसा करू या आलोचना। मैं दो - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - तीकली कॉमेन्ट्री अबकी बार हार के बाद टीवी फूटे, तो वर्ल्ड बैंक से मदद लेनी पड़ेगी दोस्ती का डिस्काउंट है, जिसे हम எக3 पुरानी  छोड़ना नहीं चाहते। साहब, तेल हम वहां से लेेंगे जहां पंकज प्रसून व्यंग्यकार और कवि से सस्ता मिलेगा, क्योंकि हम ` अतिथि देवो भव' के बचत ही लाभ है' में भी विश्वास रखते हैं। साथ प्रस्तुत हैं इस हफ्ते के मुख्य समाचार.. ३. शहबाज शरीफ ने कहा कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की ४२६ 1. चोरी हुइ।  किलो की कांस्य प्रतिमा यह अंगूर खट्टे हैं आधुनिक संस्करण है। का शहबाज साहब जानते हैं कि हारने के बाद जो टीवी चोर भी अब वैचारिक हो गए हैं। गांधो को लोग हैं उन्हें नया खरीदने के लिए वर्ल्ड बैंक लोनते  जीवन में नहीं उतार पा रहे, तो सोचा मूर्ति ही उतार सें लें। ४२६ किलो का वजन उठाना बताता है कि बापू लेना पड़ेगा। क्रिकेट तो बहाना है असल का महत्व आज भी भारी है। भारत में हम गांधी को भारत के सामने खड़े होने की हिम्मत जुटाना महंगा पड़ रहा है। खेल से तौबा करना असल में सेल्फ- विचारों से बेदखल कर रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया में उन्हें गोल से बचने की एक नाकाम कोशिश है। जमीन से बेदखल कर दिया। शायद उन चोरों को लगा होगा कि जिस महापुरुष ने पूरी दुनिया को हिला मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि राहुल दिया, उसकी मूर्ति उठाना ही असली मर्दानगी है। 4. गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा। २. ट्रम्प ने दावा किया है कि अब रूस से तेल सदन उस खटारा बस जैसा है जिसे विपक्ष धव्का दे रहा है॰ पर ड्राइवर हैंड-ब्रेक खींचकर सवारी नहीं खरीदेगा भारत। आईने से शुरू के शोर को दोष दे रहा है। सत्ता पक्ष चाहता है कि ट्रम्प साहब की दुनिया उनके अपने राहुल म्यूट बटन वाले वीडियो की तरह रहें दिखें होकर वहीं खत्म हो जाती है। उन्हें लगता है कि भारत पर सुनाई न दें। इस खींचतान में लोकतंत्र कोने में अपना चूल्हा उनकी डील की आग से जलाएगा। कहीं रो रहा है। रूस का तेल भारत के लिए केवल ईंधन भर नहीं, तीकली कॉमेन्ट्री अबकी बार हार के बाद टीवी फूटे, तो वर्ल्ड बैंक से मदद लेनी पड़ेगी दोस्ती का डिस्काउंट है, जिसे हम எக3 पुरानी  छोड़ना नहीं चाहते। साहब, तेल हम वहां से लेेंगे जहां पंकज प्रसून व्यंग्यकार और कवि से सस्ता मिलेगा, क्योंकि हम ` अतिथि देवो भव' के बचत ही लाभ है' में भी विश्वास रखते हैं। साथ प्रस्तुत हैं इस हफ्ते के मुख्य समाचार.. ३. शहबाज शरीफ ने कहा कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की ४२६ 1. चोरी हुइ।  किलो की कांस्य प्रतिमा यह अंगूर खट्टे हैं आधुनिक संस्करण है। का शहबाज साहब जानते हैं कि हारने के बाद जो टीवी चोर भी अब वैचारिक हो गए हैं। गांधो को लोग हैं उन्हें नया खरीदने के लिए वर्ल्ड बैंक लोनते  जीवन में नहीं उतार पा रहे, तो सोचा मूर्ति ही उतार सें लें। ४२६ किलो का वजन उठाना बताता है कि बापू लेना पड़ेगा। क्रिकेट तो बहाना है असल का महत्व आज भी भारी है। भारत में हम गांधी को भारत के सामने खड़े होने की हिम्मत जुटाना महंगा पड़ रहा है। खेल से तौबा करना असल में सेल्फ- विचारों से बेदखल कर रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया में उन्हें गोल से बचने की एक नाकाम कोशिश है। जमीन से बेदखल कर दिया। शायद उन चोरों को लगा होगा कि जिस महापुरुष ने पूरी दुनिया को हिला मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि राहुल दिया, उसकी मूर्ति उठाना ही असली मर्दानगी है। 4. गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा। २. ट्रम्प ने दावा किया है कि अब रूस से तेल सदन उस खटारा बस जैसा है जिसे विपक्ष धव्का दे रहा है॰ पर ड्राइवर हैंड-ब्रेक खींचकर सवारी नहीं खरीदेगा भारत। आईने से शुरू के शोर को दोष दे रहा है। सत्ता पक्ष चाहता है कि ट्रम्प साहब की दुनिया उनके अपने राहुल म्यूट बटन वाले वीडियो की तरह रहें दिखें होकर वहीं खत्म हो जाती है। उन्हें लगता है कि भारत पर सुनाई न दें। इस खींचतान में लोकतंत्र कोने में अपना चूल्हा उनकी डील की आग से जलाएगा। कहीं रो रहा है। रूस का तेल भारत के लिए केवल ईंधन भर नहीं, - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - कार्टूनकौना रुस औ२ वेनेज़ुएला का নল সিলা 3377&.. इतलिए गृ़ड़ो झटके मा२ रहीऐ ! कार्टूनकौना रुस औ२ वेनेज़ुएला का নল সিলা 3377&.. इतलिए गृ़ड़ो झटके मा२ रहीऐ ! - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - a 0 00 माइंड ट्विस्टर खटाई और मिठाई! पिछला सवाल था- खटाई में पड़़ना ही क्यों कहते हैं॰ मिठाई मैं पड़ना क्यों नहीं यदि खटाई का काम मिठाई करने लगे तो आपस में युद्ध होगा फिर मध्यस्थता के लिए ट्रम्प को  आना पड़ सकता है। - शिव चन्द्र साह काम खटाई की जगह मिठाई में पड़ने लगे तो काम को लटकाना बंद हो जाएगा और घूसखोरी विलुप्त কী সাসৌ| प्रभात सुमन अगर काम मिठाई' में पड़ गया, तो दुनिया वाले उसे सुलझाने के बजाय चम्मच लेकर खाने पहुंच जाएंगे! - शंभु दयाल कुमावत खटाई में तो आदमी बिना पूछे पड़ जाता है, मिठाई में पड़ने के लिए पहले जेब और फिर चाहिए। - निशांत कुमार अंबष्ट किस्मत खुलनी  खटाई का खटिया से नजदीकी सम्बंध है इसलिए खटाई में पड़़ना कहते हैं। नरेंद्र माखीजा, बिलासपुर मिठाई में पडने का ठेका तो मक्खियों चींटियों ने ले रखा है। इसलिए मामलों को खटाई में ही डालना पड़ता है ! - एम. शकील, जयपुर a 0 00 माइंड ट्विस्टर खटाई और मिठाई! पिछला सवाल था- खटाई में पड़़ना ही क्यों कहते हैं॰ मिठाई मैं पड़ना क्यों नहीं यदि खटाई का काम मिठाई करने लगे तो आपस में युद्ध होगा फिर मध्यस्थता के लिए ट्रम्प को  आना पड़ सकता है। - शिव चन्द्र साह काम खटाई की जगह मिठाई में पड़ने लगे तो काम को लटकाना बंद हो जाएगा और घूसखोरी विलुप्त কী সাসৌ| प्रभात सुमन अगर काम मिठाई' में पड़ गया, तो दुनिया वाले उसे सुलझाने के बजाय चम्मच लेकर खाने पहुंच जाएंगे! - शंभु दयाल कुमावत खटाई में तो आदमी बिना पूछे पड़ जाता है, मिठाई में पड़ने के लिए पहले जेब और फिर चाहिए। - निशांत कुमार अंबष्ट किस्मत खुलनी  खटाई का खटिया से नजदीकी सम्बंध है इसलिए खटाई में पड़़ना कहते हैं। नरेंद्र माखीजा, बिलासपुर मिठाई में पडने का ठेका तो मक्खियों चींटियों ने ले रखा है। इसलिए मामलों को खटाई में ही डालना पड़ता है ! - एम. शकील, जयपुर - ShareChat