#✍️फादर्स स्पेशल कोट्स और कविता 👩🎤 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें गीत: न्याय का महासंग्राम
खून खौलता है रग-रग में, अब प्रतिशोध की ज्वाला है,
भरत तिवारी के कातिलों का, अंत होने वाला है!
सोनी शुक्ला 'क्रांति' की ये, खुली चुनौती भारी है,
अन्याय के इस गढ़ को ढाने, अब अपनी बारी है!
(अंतरा 1 - मांग और आक्रोश)
वीर भरत के नाम से सुंदर, एक पार्क बनना चाहिए,
लगे वहाँ पर भव्य प्रतिमा, नाम अमर होना चाहिए।
जिसने उसका खून बहाया, वो चैन से सो न पाएगा,
न्याय की इस महा-अग्नि में, पापी हर झुलस जाएगा!
(अंतरा 2 - दोषियों पर प्रहार)
वर्दी की आड़ में छिपकर जिसने, अपनी ताकत दिखाई है,
उस फर्जी एनकाउंटर की, अब उलटी गिनती आई है।
कानूनन फांसी का फंदा, उन दोषियों को पहनाना है,
घुटनों पर लाकर सरकार को, अपना हक मनवाना है!
(अंतरा 3 - क्रांति की हुंकार)
चुप न बैठेगी कलम ये मेरी, जब तक इंसाफ न लाएंगे,
जुल्म ढाने वाले हर हाकिम को, सबक हम सिखाएंगे।
जनहित का यह सिंहनाद अब, दिल्ली तक गूंजेगा,
भरत तिवारी को न्याय दिलाने, जन-जन अब उमड़ेगा!
रचयिता: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति'
लखनऊ उत्तर प्रदेश



