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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - एनालिसिस एलडीएफ की कलह नेदिया कांग्रेस के यूडीएफ को मौका भरकर केरल में विजयन ३०% की बैरौजगारी दरभूल रैवड़ी ' बांटते रहे, इसीलिए हारे शहरों में यूडीएफ मजबूत, गांवों में लेफ्ट का किला ढहया केए शाजी तिरुवनंतपुरम से सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत... कांग्रेस में लौटीं मुस्लिम ईसाई सीटें दुनिया में पहली बार केरल में १९५७ में सबसे बड़ी जीत यूडीएफ ने मलप्पुरम सीट पर ईसाई और मुस्लिम ने यूडीएफ की तरफ समुदायों लोकतांत्रिक तरीके से किसी वामपंथी दल की ३५,००० से ज्यादा वोट की दर्ज की। अझिकोड वापसी की है। मालाबार क्षेत्र में इंडियन यूनियन पहली सरकार बनी थी। आज उसी केरल से सीट पर हुई जहां सीपीआईएम उम्मीदवार के.वी॰ मुस्लिम लीग ने २० से अधिक सोटें जीती हें देश की आखिरी वाम सरकार का पतन हो सुमेष केवल ३४९ मतों के मामूली जीत दर्ज की। जो दर्शाता है कि मुस्लिम समुदाय ने पूरी तरह से बेरोजगारी दर होने के I7#29.9%` कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया है। इसी तरह शहरों में ८०% सीटें यूडीएफ ने जीतीं बावजूद एलडीएफ गठबंधन के मुखिया और मध्य केरल में कोट्टायम और इदुव्की जैसे जिलों सीएम   पिनाराई विजयन सामाजिक कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड जैसे शहरों में सुरक्षा की ईसाई बहुल सीटों पर ने वलीन स्विप यूडीएफ पेंशन के नाम पर हजारों करोड़ रुपए जनता ८०% से अधिक सीटें जीती हैं। वहीं ಶತೆಗ್ किया है। यहां एलडीएफ के सहयोगी ' केरल में बांटते रहे। इसी अनदेखी ने गठबंधन की गांवों में वामंथियों के किले जैसे- कन्नूर , पलक्कड़ কাঁঈল (বস) को भारी नुकसान हुआ, व्योंकि जड़ें कमजोर कर दी और कांग्रेस को सत्ता में के ग्रामीण हिस्सों में यूडीएफ ने सेंध लगाई " ईसाई वोट बैंक वापस कांग्रेस की ओर लौटा है। वापसी का मौका दिया। मुस्लिम लीग चौथी सबसे बड़ी पार्टी महिला विधायकों की संख्या घटी.. ऐसे बढ़ी कांग्रेसः सरकार में चल रही विधानसभा  সুলিস লীঘ 23,78,053 সনী ক লাথ নীথী नई ( १६वीं ) में ११ महिला विधायक अंतर्कलह को नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन होंगी, जो पिछली विधानसभा ( १२ ) से एक कम है। सबसे बड़ी वोट पाने वाली पार्टी बनकर उभरी। भांप गए। उन्होंने जमीनी कैंपेन ক্িমা] शुरू टीम यूडीएफ का नारा दिया। गठबंधन में भाजपा ने पहली बार तीन सीटें जीतीं, लेकिन मामूली वौट शेयर बढ़ा गुटबाजी खत्म कराई। प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरण ने सेमी ्कैडर शैली के अनुरूप  भाजपा ने केरल में तीन सीटें जीतीं। २०२१ में पार्टी ने एक भी सीट बूथ स्तर पर टीमें गठित कीं। वहीं, केसी नहीं जीती थी। हालांकि इस बार पार्टी का वोट शेयर न के बराबर वणुगोपाल एक महीने केरल में ही रहे, ताकि ही बढ़ा है। इस बार पार्टी को ११ ४२% ( २४ ६६ लाख ) वोट इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसे হুম লীানবুন मिला है, जो २०२१ में ११ ३०% था। जबकि २०२४ के लोकसभा  संगठन गठबंधन से दूर न भागें।  चुनाव में में उसे १६ ६८% और २०२५ के निकाय  স चुनावों मालाबार क्षेत्र में सभी १६ सीटें जितवाकर १४ ६% वोट मिले थे। वहीं, कांग्रेस का वोटर शेयर २०२१ के यूडीएफ को क्लीन स्विप कराया।  जीत के बाद भाजपा के आर.चंद्रशेखर | २५.1२% से बढ़कर २८ ७९% पर पहुंच गया है। एनालिसिस एलडीएफ की कलह नेदिया कांग्रेस के यूडीएफ को मौका भरकर केरल में विजयन ३०% की बैरौजगारी दरभूल रैवड़ी ' बांटते रहे, इसीलिए हारे शहरों में यूडीएफ मजबूत, गांवों में लेफ्ट का किला ढहया केए शाजी तिरुवनंतपुरम से सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत... कांग्रेस में लौटीं मुस्लिम ईसाई सीटें दुनिया में पहली बार केरल में १९५७ में सबसे बड़ी जीत यूडीएफ ने मलप्पुरम सीट पर ईसाई और मुस्लिम ने यूडीएफ की तरफ समुदायों लोकतांत्रिक तरीके से किसी वामपंथी दल की ३५,००० से ज्यादा वोट की दर्ज की। अझिकोड वापसी की है। मालाबार क्षेत्र में इंडियन यूनियन पहली सरकार बनी थी। आज उसी केरल से सीट पर हुई जहां सीपीआईएम उम्मीदवार के.वी॰ मुस्लिम लीग ने २० से अधिक सोटें जीती हें देश की आखिरी वाम सरकार का पतन हो सुमेष केवल ३४९ मतों के मामूली जीत दर्ज की। जो दर्शाता है कि मुस्लिम समुदाय ने पूरी तरह से बेरोजगारी दर होने के I7#29.9%` कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया है। इसी तरह शहरों में ८०% सीटें यूडीएफ ने जीतीं बावजूद एलडीएफ गठबंधन के मुखिया और मध्य केरल में कोट्टायम और इदुव्की जैसे जिलों सीएम   पिनाराई विजयन सामाजिक कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड जैसे शहरों में सुरक्षा की ईसाई बहुल सीटों पर ने वलीन स्विप यूडीएफ पेंशन के नाम पर हजारों करोड़ रुपए जनता ८०% से अधिक सीटें जीती हैं। वहीं ಶತೆಗ್ किया है। यहां एलडीएफ के सहयोगी ' केरल में बांटते रहे। इसी अनदेखी ने गठबंधन की गांवों में वामंथियों के किले जैसे- कन्नूर , पलक्कड़ কাঁঈল (বস) को भारी नुकसान हुआ, व्योंकि जड़ें कमजोर कर दी और कांग्रेस को सत्ता में के ग्रामीण हिस्सों में यूडीएफ ने सेंध लगाई " ईसाई वोट बैंक वापस कांग्रेस की ओर लौटा है। वापसी का मौका दिया। मुस्लिम लीग चौथी सबसे बड़ी पार्टी महिला विधायकों की संख्या घटी.. ऐसे बढ़ी कांग्रेसः सरकार में चल रही विधानसभा  সুলিস লীঘ 23,78,053 সনী ক লাথ নীথী नई ( १६वीं ) में ११ महिला विधायक अंतर्कलह को नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन होंगी, जो पिछली विधानसभा ( १२ ) से एक कम है। सबसे बड़ी वोट पाने वाली पार्टी बनकर उभरी। भांप गए। उन्होंने जमीनी कैंपेन ক্িমা] शुरू टीम यूडीएफ का नारा दिया। गठबंधन में भाजपा ने पहली बार तीन सीटें जीतीं, लेकिन मामूली वौट शेयर बढ़ा गुटबाजी खत्म कराई। प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरण ने सेमी ्कैडर शैली के अनुरूप  भाजपा ने केरल में तीन सीटें जीतीं। २०२१ में पार्टी ने एक भी सीट बूथ स्तर पर टीमें गठित कीं। वहीं, केसी नहीं जीती थी। हालांकि इस बार पार्टी का वोट शेयर न के बराबर वणुगोपाल एक महीने केरल में ही रहे, ताकि ही बढ़ा है। इस बार पार्टी को ११ ४२% ( २४ ६६ लाख ) वोट इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसे হুম লীানবুন मिला है, जो २०२१ में ११ ३०% था। जबकि २०२४ के लोकसभा  संगठन गठबंधन से दूर न भागें।  चुनाव में में उसे १६ ६८% और २०२५ के निकाय  স चुनावों मालाबार क्षेत्र में सभी १६ सीटें जितवाकर १४ ६% वोट मिले थे। वहीं, कांग्रेस का वोटर शेयर २०२१ के यूडीएफ को क्लीन स्विप कराया।  जीत के बाद भाजपा के आर.चंद्रशेखर | २५.1२% से बढ़कर २८ ७९% पर पहुंच गया है। - ShareChat