#✍️ साहित्य एवं शायरी #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #❤💖 प्यार मोहब्बत शायरी बस तुम और म💗💞❤ैं #💚💜♥️♤लव शायरी♤मेरे दिल के अल्फाज♤मेरे जज्बात♤♥️💜💚{सुकून सिर्फ तुम}♥️रश्मिदत्ता♥️👈 #❤️💙दिल चीज है क्या_आप मेरी जान लीजिए,,बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए💙❤️आई लव यू विजय जान जी❤️💙😘🙈
![✍️ साहित्य एवं शायरी - उम्मीद का दामन थामे थामे तमाम उम्र काट दी। पर जिंदगी की दुश्वारियां है कि जाती ही नहीं हैI११११ हम अपने जख्मों को किसी को दिखाते नही है। पर ये नज़रें है कि अश्कों को छुपाती ही नहीं हैे।ा२१] लिए। अब अंधेरे का लेते है हम सहारा सुकूंन के रोशनी में परछाइयां है ग्मों की जाती ही नहीं है।।३१] खुदा के हर दर पर जाकर हमने दुआये मांगी है। पर मेरी अर्जियाँ है कि असर में आती ही नहीं है।।४l] वो पूंछतें है कि हमसे कितनी मोहब्बत करते हो। चाहतो में गहराइयां है कि नापी जाती ही नहीं है।१५१ ] वो कहते है हर पल को दिल से जियो मुस्कुराके। गरीबी में ये जिंदगियां है कि जी जाती ही नहीं है।।६। | ताज मोहम्मद उम्मीद का दामन थामे थामे तमाम उम्र काट दी। पर जिंदगी की दुश्वारियां है कि जाती ही नहीं हैI११११ हम अपने जख्मों को किसी को दिखाते नही है। पर ये नज़रें है कि अश्कों को छुपाती ही नहीं हैे।ा२१] लिए। अब अंधेरे का लेते है हम सहारा सुकूंन के रोशनी में परछाइयां है ग्मों की जाती ही नहीं है।।३१] खुदा के हर दर पर जाकर हमने दुआये मांगी है। पर मेरी अर्जियाँ है कि असर में आती ही नहीं है।।४l] वो पूंछतें है कि हमसे कितनी मोहब्बत करते हो। चाहतो में गहराइयां है कि नापी जाती ही नहीं है।१५१ ] वो कहते है हर पल को दिल से जियो मुस्कुराके। गरीबी में ये जिंदगियां है कि जी जाती ही नहीं है।।६। | ताज मोहम्मद - ShareChat ✍️ साहित्य एवं शायरी - उम्मीद का दामन थामे थामे तमाम उम्र काट दी। पर जिंदगी की दुश्वारियां है कि जाती ही नहीं हैI११११ हम अपने जख्मों को किसी को दिखाते नही है। पर ये नज़रें है कि अश्कों को छुपाती ही नहीं हैे।ा२१] लिए। अब अंधेरे का लेते है हम सहारा सुकूंन के रोशनी में परछाइयां है ग्मों की जाती ही नहीं है।।३१] खुदा के हर दर पर जाकर हमने दुआये मांगी है। पर मेरी अर्जियाँ है कि असर में आती ही नहीं है।।४l] वो पूंछतें है कि हमसे कितनी मोहब्बत करते हो। चाहतो में गहराइयां है कि नापी जाती ही नहीं है।१५१ ] वो कहते है हर पल को दिल से जियो मुस्कुराके। गरीबी में ये जिंदगियां है कि जी जाती ही नहीं है।।६। | ताज मोहम्मद उम्मीद का दामन थामे थामे तमाम उम्र काट दी। पर जिंदगी की दुश्वारियां है कि जाती ही नहीं हैI११११ हम अपने जख्मों को किसी को दिखाते नही है। पर ये नज़रें है कि अश्कों को छुपाती ही नहीं हैे।ा२१] लिए। अब अंधेरे का लेते है हम सहारा सुकूंन के रोशनी में परछाइयां है ग्मों की जाती ही नहीं है।।३१] खुदा के हर दर पर जाकर हमने दुआये मांगी है। पर मेरी अर्जियाँ है कि असर में आती ही नहीं है।।४l] वो पूंछतें है कि हमसे कितनी मोहब्बत करते हो। चाहतो में गहराइयां है कि नापी जाती ही नहीं है।१५१ ] वो कहते है हर पल को दिल से जियो मुस्कुराके। गरीबी में ये जिंदगियां है कि जी जाती ही नहीं है।।६। | ताज मोहम्मद - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_578585_2c3a4cb2_1781414573170_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=170_sc.jpg)

