ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - मैं किसी की पसंदीदा नहीं हूँ और अब बनना भी नहीं चाहती मैं ज़रूरत के हिसाब से पसंद की गई हूँ॰ दिल से नहीं, पर अब फर्क नहीं पड़ता कौन क्या सोचता है॰ किसे क्या कहना है मुझे खुद को जानने का हक है मैं किसी को जज नहीं करती , कोई बात करे तो कर लेती हूँ न करे तो भी ठीक हूँ॰. अकेलापन बोझ नहीं , मेरी ताकत है अब क्योंकि जो मैं हूँ वो दुनिया नहीं जानती  मुझे सच में अगर कोई जानता है, तो वो मैं खुद हूँ बाकी सबने उतना ही समझा, मुझे जितनी उन्हें मेरी ज़रूरत थीः @sona_creationa3 मैं किसी की पसंदीदा नहीं हूँ और अब बनना भी नहीं चाहती मैं ज़रूरत के हिसाब से पसंद की गई हूँ॰ दिल से नहीं, पर अब फर्क नहीं पड़ता कौन क्या सोचता है॰ किसे क्या कहना है मुझे खुद को जानने का हक है मैं किसी को जज नहीं करती , कोई बात करे तो कर लेती हूँ न करे तो भी ठीक हूँ॰. अकेलापन बोझ नहीं , मेरी ताकत है अब क्योंकि जो मैं हूँ वो दुनिया नहीं जानती  मुझे सच में अगर कोई जानता है, तो वो मैं खुद हूँ बाकी सबने उतना ही समझा, मुझे जितनी उन्हें मेरी ज़रूरत थीः @sona_creationa3 - ShareChat