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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - शुभ प्रभात लोग डूबते हैं तो समंदर को दोष देते हैं, মঁিলে ন মিলে নী मुकद्दर को दोष देते हैं, खुद तो संभल कर चल नर्ही सकते , (  जब लगती हैं ठोकर तो पत्थर को दोष देते है। शुभ प्रभात लोग डूबते हैं तो समंदर को दोष देते हैं, মঁিলে ন মিলে নী मुकद्दर को दोष देते हैं, खुद तो संभल कर चल नर्ही सकते , (  जब लगती हैं ठोकर तो पत्थर को दोष देते है। - ShareChat