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#🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी #✍गुलजारांचे साहित्य
🖋शेरो-शायरी - कोई किसी र्में रह गया कोई किसी र्में बह गया , सब अपनी अपनी तकढ़ी२ का खेल था কীৎ কিনী কী নিন মাঠ ৪ী মিল ঠাযা कोई दुआओं में मांगता रह गया' कोई किसी र्में रह गया कोई किसी र्में बह गया , सब अपनी अपनी तकढ़ी२ का खेल था কীৎ কিনী কী নিন মাঠ ৪ী মিল ঠাযা कोई दुआओं में मांगता रह गया' - ShareChat