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#गीता #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
गीता - आत्मसम्भाविताः स्तब्धा धनमानमदान्विताः यजन्ते   नामयज्ञैस्ते   दम्भेनाविधिपूर्वकम् I। वे अपने आपको हो श्रेष्ठ माननेवाले घमण्डी पुरुप धन और मानके मदसे युक्त होकर केवल नाममात्रके यज्ञेंद्वार पाखण्डसे शास्त्रविधिरहित यजन करते हैं II१७ ।l अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं च संश्रिताः | मामात्मपरदेहेषु  प्रद्विषन्तोडभ्यसूयकाः II वे अहंकार, बल, घमण्ड, कामना और क्रोधादिके निन्दा करनेवाले पुरुष अपने परायण और दूसरोंको और दूसरोंके शरीरमें स्थित मुझ अन्तर्यामीसे द्वेष करनेवाले होते हैं Il १८ Il तानहं   द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान्। योनिषु  क्षिपाम्यजस्रमशुभानासुरीष्वेव  [| उन द्वेष करनेवाले पापाचारी और क्रूरकर्मी नराधमोंको मैँ संसारमें बार-बार आसुरी योनियोंमें ;ী ভালনা চুঁll ?ৎ Il आसुरीं योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि।  मामप्राप्यैव कौन्तेय ततो यान्त्यधमां गतिम्।। हे अर्जुन! वे मूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म-्जन्ममें आसुरी योनिको प्राप्त होते हैँ॰ फिर उससे भौ अति नोच गतिको हो प्राप्त होते हैँ अर्थात घोर नरकोंमें पड़ते हैँ II २० Il श्रीमद्भगवढ्गीता अध्याय १६ गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार आत्मसम्भाविताः स्तब्धा धनमानमदान्विताः यजन्ते   नामयज्ञैस्ते   दम्भेनाविधिपूर्वकम् I। वे अपने आपको हो श्रेष्ठ माननेवाले घमण्डी पुरुप धन और मानके मदसे युक्त होकर केवल नाममात्रके यज्ञेंद्वार पाखण्डसे शास्त्रविधिरहित यजन करते हैं II१७ ।l अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं च संश्रिताः | मामात्मपरदेहेषु  प्रद्विषन्तोडभ्यसूयकाः II वे अहंकार, बल, घमण्ड, कामना और क्रोधादिके निन्दा करनेवाले पुरुष अपने परायण और दूसरोंको और दूसरोंके शरीरमें स्थित मुझ अन्तर्यामीसे द्वेष करनेवाले होते हैं Il १८ Il तानहं   द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान्। योनिषु  क्षिपाम्यजस्रमशुभानासुरीष्वेव  [| उन द्वेष करनेवाले पापाचारी और क्रूरकर्मी नराधमोंको मैँ संसारमें बार-बार आसुरी योनियोंमें ;ী ভালনা চুঁll ?ৎ Il आसुरीं योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि।  मामप्राप्यैव कौन्तेय ततो यान्त्यधमां गतिम्।। हे अर्जुन! वे मूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म-्जन्ममें आसुरी योनिको प्राप्त होते हैँ॰ फिर उससे भौ अति नोच गतिको हो प्राप्त होते हैँ अर्थात घोर नरकोंमें पड़ते हैँ II २० Il श्रीमद्भगवढ्गीता अध्याय १६ गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार - ShareChat