MUKESH Nagar
ShareChat
click to see wallet page
@mukeshkhujner
mukeshkhujner
MUKESH Nagar
@mukeshkhujner
व्यस्त रहें, मस्त रहें
#❤️जीवन की सीख #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - 00 बढ़तै चलै॰ अंधैरों में { ज्यादा दभ नह्वी ह्ौता , निवाहौं का उज्ाला भी दीर्यौं सै क्म न्ही हौता MN 00 बढ़तै चलै॰ अंधैरों में { ज्यादा दभ नह्वी ह्ौता , निवाहौं का उज्ाला भी दीर्यौं सै क्म न्ही हौता MN - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 #मेरे विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #❤️जीवन की सीख
🙏 प्रेरणादायक विचार - अथ सप्तमोडध्यायः श्रोभगवानुवाच मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः | असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ।। श्रीभगवान् बोले-्हे पार्थ ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मैरे पण्यण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस प्रकारसे सम्पूर्ण विभूति बल,   ऐश्वर्यादि युक्त,  सबके गुणोंसे आत्मरूप संशयरहित जानेगा, उसको सुन II १ Il मुझको ज्ञानं तेउ्हं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेपतः | यज्ज्ञात्वा नेह भूयोउन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते II मैं तेरे लिये इस   विज्ञानसहित  तत्त्वज्ञानको सम्पूर्णतया कहूँगा, जिसको जानकर संसारमें फिर और कुछ भी जाननेयोग्य शेप नहीं रह जाता II २ II मनुष्याणां सहस्रेपु कश्चिद्यतति सिद्धये  '1 यततामपि सिद्धानां कश्चिन्मां वेत्ति तत्त्वतः ।। कोई एक मेरी प्राप्तिके लिये हजारों मनुप्योंमें यत्न करता है और उन यत् करनेवाले योगियोंमें भी कोई एक मेरे परायण होकर तत्त्वसे मुझको अर्थात्  ೫೫೫೯ಂ `lq ೯ Il ? Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 7 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা अथ सप्तमोडध्यायः श्रोभगवानुवाच मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः | असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ।। श्रीभगवान् बोले-्हे पार्थ ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मैरे पण्यण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस प्रकारसे सम्पूर्ण विभूति बल,   ऐश्वर्यादि युक्त,  सबके गुणोंसे आत्मरूप संशयरहित जानेगा, उसको सुन II १ Il मुझको ज्ञानं तेउ्हं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेपतः | यज्ज्ञात्वा नेह भूयोउन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते II मैं तेरे लिये इस   विज्ञानसहित  तत्त्वज्ञानको सम्पूर्णतया कहूँगा, जिसको जानकर संसारमें फिर और कुछ भी जाननेयोग्य शेप नहीं रह जाता II २ II मनुष्याणां सहस्रेपु कश्चिद्यतति सिद्धये  '1 यततामपि सिद्धानां कश्चिन्मां वेत्ति तत्त्वतः ।। कोई एक मेरी प्राप्तिके लिये हजारों मनुप्योंमें यत्न करता है और उन यत् करनेवाले योगियोंमें भी कोई एक मेरे परायण होकर तत्त्वसे मुझको अर्थात्  ೫೫೫೯ಂ `lq ೯ Il ? Il श्रीमदभगवदगीता अध्याय 7 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #मेरे विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏 प्रेरणादायक विचार
❤️जीवन की सीख - ]2 फखवरी जीवन में सबरोे ज्यादा सफल वो लोग हुए है जिनमें सबसो ज्यादा धैर्य और लगन थी, इसलिए धैर्य और लगन को जीवन में आत्मसात करें। M ]2 फखवरी जीवन में सबरोे ज्यादा सफल वो लोग हुए है जिनमें सबसो ज्यादा धैर्य और लगन थी, इसलिए धैर्य और लगन को जीवन में आत्मसात करें। M - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #मेरे विचार #❤️जीवन की सीख
🙏 प्रेरणादायक विचार - प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संशुद्धकिल्बिषः 1 अनेकजन्मसंसिद्द्धस्ततो याति परां गतिम्।l परन्तु प्रयत्नपूर्वक अभ्यास करनेवाला योगी तो पिछले अनेक जन्मोंके संस्कारबलसे इसी जन्ममें पापोंसे रहित हा फिर तत्काल संसिद्ध होकर सम्पूर्ण  ही परमगतिको प्राप्त हो जाता है Il ४५ Il तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः | कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन १। योगी तपस्वियोंसे श्रेष्ठ है, शास्त्रज्ञानियोंसे भी श्रेष्ठ माना गया है और सकाम कर्म करनेवालोंसे भी योगी बह ' शब्दसे श्रनानौोंके बरनें जन्न लेनेवाला योगश्रप्ट परुप समड़ना चाहिने। श्रेष्ठ है; इससे हे अर्जुन ! हा ।l ४६ Il লু সীর্যী योगिनामपि मद्गतेनान्तरात्मना । सर्वेषां श्रदद्धावान्भजते या मां स मे युक्ततमो मतः ११  योगियोंमें भी जो श्रद्धावान् योगी मुझमें সম্পুত लगे हुए अन्तरात्मासे निरन्तर भजता है, मुझको वह योगी मुझे परम श्रेष्ठ मान्य है Il ४७ Il ३> तत्सदिति श्रीमद्भगवदीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे आत्मसंयमयोगो  नाम षष्ठाडध्यायः II ६।l -==0-=-= श्रीमदभगवदगीता अध्याय 6 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संशुद्धकिल्बिषः 1 अनेकजन्मसंसिद्द्धस्ततो याति परां गतिम्।l परन्तु प्रयत्नपूर्वक अभ्यास करनेवाला योगी तो पिछले अनेक जन्मोंके संस्कारबलसे इसी जन्ममें पापोंसे रहित हा फिर तत्काल संसिद्ध होकर सम्पूर्ण  ही परमगतिको प्राप्त हो जाता है Il ४५ Il तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः | कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन १। योगी तपस्वियोंसे श्रेष्ठ है, शास्त्रज्ञानियोंसे भी श्रेष्ठ माना गया है और सकाम कर्म करनेवालोंसे भी योगी बह ' शब्दसे श्रनानौोंके बरनें जन्न लेनेवाला योगश्रप्ट परुप समड़ना चाहिने। श्रेष्ठ है; इससे हे अर्जुन ! हा ।l ४६ Il লু সীর্যী योगिनामपि मद्गतेनान्तरात्मना । सर्वेषां श्रदद्धावान्भजते या मां स मे युक्ततमो मतः ११  योगियोंमें भी जो श्रद्धावान् योगी मुझमें সম্পুত लगे हुए अन्तरात्मासे निरन्तर भजता है, मुझको वह योगी मुझे परम श्रेष्ठ मान्य है Il ४७ Il ३> तत्सदिति श्रीमद्भगवदीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे आत्मसंयमयोगो  नाम षष्ठाडध्यायः II ६।l -==0-=-= श्रीमदभगवदगीता अध्याय 6 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#मेरे विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔
मेरे विचार - ٦٦ [R] जीतनै रै जीत पहले और ह्वार सै पहले हर॰ चाहिए। कभी नर्ह्ी भाननी MN ٦٦ [R] जीतनै रै जीत पहले और ह्वार सै पहले हर॰ चाहिए। कभी नर्ह्ी भाननी MN - ShareChat
##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #मेरे विचार
#भगवद गीता🙏🕉️ - फखवर 0 धनी बनने के प्रयास में हो सकता है॰ असफलता प्राप्त परतु @1 गुणवान बनने के प्रयास 61 Fuad नर्ही होते। M फखवर 0 धनी बनने के प्रयास में हो सकता है॰ असफलता प्राप्त परतु @1 गुणवान बनने के प्रयास 61 Fuad नर्ही होते। M - ShareChat
##भगवद गीता🙏🕉️ #मेरे विचार
#भगवद गीता🙏🕉️ - फखवर 0 धनी बनने के प्रयास में हो सकता है॰ असफलता प्राप्त परतु @1 गुणवान बनने के प्रयास 61 Fuad नर्ही होते। M फखवर 0 धनी बनने के प्रयास में हो सकता है॰ असफलता प्राप्त परतु @1 गुणवान बनने के प्रयास 61 Fuad नर्ही होते। M - ShareChat
#मेरे विचार #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏कर्म क्या है❓
मेरे विचार - प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संशुद्धकिल्बिषः 1 अनेकजन्मसंसिद्द्धस्ततो याति परां गतिम्।l परन्तु प्रयत्नपूर्वक अभ्यास करनेवाला योगी तो पिछले अनेक जन्मोंके संस्कारबलसे इसी जन्ममें पापोंसे रहित हा फिर तत्काल संसिद्ध होकर सम्पूर्ण  ही परमगतिको प्राप्त हो जाता है Il ४५ Il तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः | कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन १। योगी तपस्वियोंसे श्रेष्ठ है, शास्त्रज्ञानियोंसे भी श्रेष्ठ माना गया है और सकाम कर्म करनेवालोंसे भी योगी बह ' शब्दसे श्रनानौोंके बरनें जन्न लेनेवाला योगश्रप्ट परुप समड़ना चाहिने। श्रेष्ठ है; इससे हे अर्जुन ! हा ।l ४६ Il লু সীর্যী योगिनामपि मद्गतेनान्तरात्मना । सर्वेषां श्रदद्धावान्भजते या मां स मे युक्ततमो मतः ११  योगियोंमें भी जो श्रद्धावान् योगी मुझमें সম্পুত लगे हुए अन्तरात्मासे निरन्तर भजता है, मुझको वह योगी मुझे परम श्रेष्ठ मान्य है Il ४७ Il ३> तत्सदिति श्रीमद्भगवदीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे आत्मसंयमयोगो  नाम षष्ठाडध्यायः II ६।l -==0-=-= श्रीमदभगवदगीता अध्याय 6 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संशुद्धकिल्बिषः 1 अनेकजन्मसंसिद्द्धस्ततो याति परां गतिम्।l परन्तु प्रयत्नपूर्वक अभ्यास करनेवाला योगी तो पिछले अनेक जन्मोंके संस्कारबलसे इसी जन्ममें पापोंसे रहित हा फिर तत्काल संसिद्ध होकर सम्पूर्ण  ही परमगतिको प्राप्त हो जाता है Il ४५ Il तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः | कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन १। योगी तपस्वियोंसे श्रेष्ठ है, शास्त्रज्ञानियोंसे भी श्रेष्ठ माना गया है और सकाम कर्म करनेवालोंसे भी योगी बह ' शब्दसे श्रनानौोंके बरनें जन्न लेनेवाला योगश्रप्ट परुप समड़ना चाहिने। श्रेष्ठ है; इससे हे अर्जुन ! हा ।l ४६ Il লু সীর্যী योगिनामपि मद्गतेनान्तरात्मना । सर्वेषां श्रदद्धावान्भजते या मां स मे युक्ततमो मतः ११  योगियोंमें भी जो श्रद्धावान् योगी मुझमें সম্পুত लगे हुए अन्तरात्मासे निरन्तर भजता है, मुझको वह योगी मुझे परम श्रेष्ठ मान्य है Il ४७ Il ३> तत्सदिति श्रीमद्भगवदीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे आत्मसंयमयोगो  नाम षष्ठाडध्यायः II ६।l -==0-=-= श्रीमदभगवदगीता अध्याय 6 प्रेस , गोरखपुर से साभार যীলা - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #मेरे विचार #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 प्रेरणादायक विचार
❤️जीवन की सीख - ]] फखवरी गहरे दुःख हमेशा निःशब्द और मौन होते है। M ]] फखवरी गहरे दुःख हमेशा निःशब्द और मौन होते है। M - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #मेरे विचार #❤️जीवन की सीख
🙏कर्म क्या है❓ - फखवरी 10 भाग्य बारिशि के पानी के समान होता है॰ और परिश्रम कुएँ के जल के सामान होता है। M फखवरी 10 भाग्य बारिशि के पानी के समान होता है॰ और परिश्रम कुएँ के जल के सामान होता है। M - ShareChat