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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
🙏गीता ज्ञान🛕 - सर्वलोकमहेश्वरम् | பர் यज्ञतपसां सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति II भक्त मुझको सब यज्ञ और तपोंका भोगनेवाला मेरा सम्पूर्ण लोकोंके ईश्वरोंका भी ईश्वर तथा सम्पूर्ण भूत-प्राणियोंका सुहृद् अर्थात् स्वार्थरहित दयालु और प्रेमी, ऐसा तत्त्वसे जानकर शान्तिको प्राप्त होता है Il २९ II श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां ३ँ तत्सदिति योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे कर्मसन्न्यासयोगो नाम पञ्चमोधध्यायः II ५ I। ~O श्रोमद्धगवदगीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण, परमपुरुषोत्तम aaafa साक्षात् भगवान श्रोकृष्णको दिव्य वाणी है। यह अनन्त रहस्योंसे पूर्ण है।परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे हा किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता है।जो पुरुष परम श्रद्धा और प्रेममयो विशुद्ध भक्तिसे भगवदगीताका मनन करते अपने हदयको भरकर हैँ॰ वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके स्वरूपको किसो अंशमें झौँको कर सकते हैं।अतएव कल्याण चाहनेवाले नर-्नारियोंको उचित अपना है कि॰वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी गुणोंका अर्जन करते हुए श्रद्धा- भक्तिपूर्वक गीताका श्रवण, मनन, अध्ययन करें एवं भगवान्के आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ जो पुरुष इस प्रकार करते हैं॰ 71474 < जार्यँ उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावोंकी स्फुरणाएँ होती रहती हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवानकी अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र ही भगवान्को प्राप्त हा जाते हैं। ೯ 3 Tನd ೯f: 3ಯ Tನd ೯f: 3 ೯ನ೯ H೧ श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 प्रेस , गोरखपुर से साभार JIInT सर्वलोकमहेश्वरम् | பர் यज्ञतपसां सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति II भक्त मुझको सब यज्ञ और तपोंका भोगनेवाला मेरा सम्पूर्ण लोकोंके ईश्वरोंका भी ईश्वर तथा सम्पूर्ण भूत-प्राणियोंका सुहृद् अर्थात् स्वार्थरहित दयालु और प्रेमी, ऐसा तत्त्वसे जानकर शान्तिको प्राप्त होता है Il २९ II श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां ३ँ तत्सदिति योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे कर्मसन्न्यासयोगो नाम पञ्चमोधध्यायः II ५ I। ~O श्रोमद्धगवदगीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण, परमपुरुषोत्तम aaafa साक्षात् भगवान श्रोकृष्णको दिव्य वाणी है। यह अनन्त रहस्योंसे पूर्ण है।परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे हा किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता है।जो पुरुष परम श्रद्धा और प्रेममयो विशुद्ध भक्तिसे भगवदगीताका मनन करते अपने हदयको भरकर हैँ॰ वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके स्वरूपको किसो अंशमें झौँको कर सकते हैं।अतएव कल्याण चाहनेवाले नर-्नारियोंको उचित अपना है कि॰वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी गुणोंका अर्जन करते हुए श्रद्धा- भक्तिपूर्वक गीताका श्रवण, मनन, अध्ययन करें एवं भगवान्के आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ जो पुरुष इस प्रकार करते हैं॰ 71474 < जार्यँ उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावोंकी स्फुरणाएँ होती रहती हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवानकी अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र ही भगवान्को प्राप्त हा जाते हैं। ೯ 3 Tನd ೯f: 3ಯ Tನd ೯f: 3 ೯ನ೯ H೧ श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 प्रेस , गोरखपुर से साभार JIInT - ShareChat
#❤️जीवन की सीख ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕
❤️जीवन की सीख - 26 घववी गणतंत्र दिवस पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ MN 26 घववी गणतंत्र दिवस पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ MN - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
🙏गीता ज्ञान🛕 - 96 ೯@@@ মমযাঙী কা साहस के साथ करेंगे तो CIHGII सफलता जखूर मिलेगी॰ डरेंगे तो छोटी सी परेशानी भी बड़ी लगेगी। MN 96 ೯@@@ মমযাঙী কা साहस के साथ करेंगे तो CIHGII सफलता जखूर मिलेगी॰ डरेंगे तो छोटी सी परेशानी भी बड़ी लगेगी। MN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 26 घववरी मुसीबत epr है॰ तो ओधा सच fud पूरा सच है। MN 26 घववरी मुसीबत epr है॰ तो ओधा सच fud पूरा सच है। MN - ShareChat
#मतदाता दिवस #राष्ट्रीय मतदाता दिवस #मतदाता दिवस की बधाई #🌐राष्ट्रीय पर्यटन दिवस #राष्ट्रीय-पर्यटन-दिवस🏞🇹🇯❣️
मतदाता दिवस - २५ जनवरी নিণম राष्ट्राय मतदाता मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवर पर्यटन के महत्व को समझाने के लिए। MN २५ जनवरी নিণম राष्ट्राय मतदाता मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवर पर्यटन के महत्व को समझाने के लिए। MN - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕 ##भगवद गीता🙏🕉️ #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔
🙏 प्रेरणादायक विचार - कामक्रोधवियुक्तानां यतींनां यतचेतसाम्। अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम्।। हुए   चित्तवाले, काम-क्रोधसे f67, जीते साक्षात्कार किये हुए ज्ञानी परब्रह्म परमात्माका लिये सब ओरसे शान्त परब्रह्म परमात्मा पुरुषोंके ٤٦ ٩؟٠ ٤١١ ?٤ ١١ स्पर्शान्कृत्वा बहिर्बाह्यांश्चक्षुश्चैवान्तरे भ्रुवोः प्राणापानौ समौ कृत्वा नासाभ्यन्तरचारिणौ यतेन्द्रियमनोबुद्धिर्मुनिर्मोक्षपरायणः विगतेच्छाभयक्रोधो यः सदा मुक्त एव सः I।  बाहरके विषय- भोगोंको न चिन्तन करता हुआ बाहर ही निकालकर और नेत्रोंकी दृष्टिको भृकुटीके बीचमें स्थित करके तथा नासिकामें विचरनेवाले प्राण और अपानवायुको सम करके, जिसकी इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि जीती हुई हैँ, ऐसा जो मोक्षपरायण मुनि * इच्छा, भय और क्रोधसे रहित हो गया है, परमेश्वरके स्वरूपका निरन्तर मनन करनेवाला मुक्त ही है Il २७-२८ II वह सदा श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 गीता प्रेस , गोरखपुर से साभार कामक्रोधवियुक्तानां यतींनां यतचेतसाम्। अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम्।। हुए   चित्तवाले, काम-क्रोधसे f67, जीते साक्षात्कार किये हुए ज्ञानी परब्रह्म परमात्माका लिये सब ओरसे शान्त परब्रह्म परमात्मा पुरुषोंके ٤٦ ٩؟٠ ٤١١ ?٤ ١١ स्पर्शान्कृत्वा बहिर्बाह्यांश्चक्षुश्चैवान्तरे भ्रुवोः प्राणापानौ समौ कृत्वा नासाभ्यन्तरचारिणौ यतेन्द्रियमनोबुद्धिर्मुनिर्मोक्षपरायणः विगतेच्छाभयक्रोधो यः सदा मुक्त एव सः I।  बाहरके विषय- भोगोंको न चिन्तन करता हुआ बाहर ही निकालकर और नेत्रोंकी दृष्टिको भृकुटीके बीचमें स्थित करके तथा नासिकामें विचरनेवाले प्राण और अपानवायुको सम करके, जिसकी इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि जीती हुई हैँ, ऐसा जो मोक्षपरायण मुनि * इच्छा, भय और क्रोधसे रहित हो गया है, परमेश्वरके स्वरूपका निरन्तर मनन करनेवाला मुक्त ही है Il २७-२८ II वह सदा श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 गीता प्रेस , गोरखपुर से साभार - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार ##भगवद गीता🙏🕉️ #❤️जीवन की सीख
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - 25 जनवरीअकेला वही चल सकता जिरोे खुद पर भरोसा है॰ होता है॰ वरना झूंड में तो जानवर भी चलते है। MN 25 जनवरीअकेला वही चल सकता जिरोे खुद पर भरोसा है॰ होता है॰ वरना झूंड में तो जानवर भी चलते है। MN - ShareChat
#❤️जीवन की सीख ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 प्रेरणादायक विचार #📖जीवन का लक्ष्य🤔
❤️जीवन की सीख - গ5 ডানIতরখ] आपकी इच्छाएं जब কাক্চী সনলে ম্ীতী तो ऐसा लगेगा कि आपके पास उपलब्धि प्राप्त करने लिए अलौकिक के शक्तियां हैं। MN গ5 ডানIতরখ] आपकी इच्छाएं जब কাক্চী সনলে ম্ীতী तो ऐसा लगेगा कि आपके पास उपलब्धि प्राप्त करने लिए अलौकिक के शक्तियां हैं। MN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕 ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - २४ जनवरी बालिका राष्ट्रीय दिवस लड़कियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के ٤١؟١ MN २४ जनवरी बालिका राष्ट्रीय दिवस लड़कियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के ٤١؟١ MN - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕 ##भगवद गीता🙏🕉️ #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात्। कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स F7: Il ತತೆ मनुष्यशरीरमें   शरीरका नाश जो साधक इस होनेसे पहले- पहले हो काम-क्रोधसे उत्पन्न होनेवाले वेगको सहन करनेमें समर्थ हो जाता है, वही पुरुष योगी है और वही ೯ Il ?3 Il ತತೆ योउन्तःसुखोउन्तरारामस्तथान्तर्ज्योतिरेव यः ( स योगी ब्रह्मनिर्वाणं ब्रह्मभूतोउधिगच्छति I। जो पुरुष अन्तरात्मामें ही सुखवाला है, आत्मामें जो आत्मामें   ही रमण   करनेवाला है ही तथा ज्ञानवाला है, वह सच्चिदानन्दघन परब्रह्म परमात्माके साथ एकीभावको प्राप्त सांख्ययोगी शान्त ब्रह्मको प्राप्त होता हैIl २४ II लभन्ते ब्रह्मनिर्वाणमृषयः क्षीणकल्मषाः सर्वभूतहिते छिन्नद्वैधा यतात्मानः रताः जिनके सब पाप नष्ट हो गये हैं॰ जिनके सब हो गये हैं, जो सम्पूर्ण निवृत्त संशय ज्ञानके द्वारा प्राणियोंके हितमें रत हैं और जिनका जीता हुआ मन निश्चलभावसे परमात्मामें स्थित है, वे ब्रह्मवेत्ता সুষপ হাল সম্মন্ধী সাম #্ীন ইঁ Il ২৬ Il श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 गीता प्रेस , गोरखपुर से साभार शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात्। कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स F7: Il ತತೆ मनुष्यशरीरमें   शरीरका नाश जो साधक इस होनेसे पहले- पहले हो काम-क्रोधसे उत्पन्न होनेवाले वेगको सहन करनेमें समर्थ हो जाता है, वही पुरुष योगी है और वही ೯ Il ?3 Il ತತೆ योउन्तःसुखोउन्तरारामस्तथान्तर्ज्योतिरेव यः ( स योगी ब्रह्मनिर्वाणं ब्रह्मभूतोउधिगच्छति I। जो पुरुष अन्तरात्मामें ही सुखवाला है, आत्मामें जो आत्मामें   ही रमण   करनेवाला है ही तथा ज्ञानवाला है, वह सच्चिदानन्दघन परब्रह्म परमात्माके साथ एकीभावको प्राप्त सांख्ययोगी शान्त ब्रह्मको प्राप्त होता हैIl २४ II लभन्ते ब्रह्मनिर्वाणमृषयः क्षीणकल्मषाः सर्वभूतहिते छिन्नद्वैधा यतात्मानः रताः जिनके सब पाप नष्ट हो गये हैं॰ जिनके सब हो गये हैं, जो सम्पूर्ण निवृत्त संशय ज्ञानके द्वारा प्राणियोंके हितमें रत हैं और जिनका जीता हुआ मन निश्चलभावसे परमात्मामें स्थित है, वे ब्रह्मवेत्ता সুষপ হাল সম্মন্ধী সাম #্ীন ইঁ Il ২৬ Il श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 5 गीता प्रेस , गोरखपुर से साभार - ShareChat