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#तुझी आठवण... प्रेमरंग
तुझी आठवण... प्रेमरंग - वाह, क्या शायरी है "जो पाया था वो खो कर ন্ী ঐভ লিমা किसी का पूरी तरह होकर भी देख लिया नहीं मिलता इस दुनिया कुछ गिड़गिड़ाने से मैंने उसके सामने रोकर भी देख लिया .!" वाह, क्या शायरी है "जो पाया था वो खो कर ন্ী ঐভ লিমা किसी का पूरी तरह होकर भी देख लिया नहीं मिलता इस दुनिया कुछ गिड़गिड़ाने से मैंने उसके सामने रोकर भी देख लिया .!" - ShareChat