"उफ्फ इश्क"
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बहुत ही खामोशी
और होशियारी से,
इस दिल को भी
चुराने लगा है कोई!
शख्स आह ही भरे
हर सांसों निगाहों में,
जानबूझकर ही यूं
मुस्कुराने लगा है कोई!
अलबत्ता कमबख्त उनकी
सफेद सी मासुमियत,
यूँ उल्टे सीधे छुअन से
बस तड़पाने लगा है कोई!
मैं गंवार सा शहर में
बस फूल गेंदे सा,
लाल गुलाब बन दिल
महकाने लगा है कोई!
रोज नीयत खराब
होती है उसे देख देख,
यूँ कमसिन हसीन हो
तरसाने लगा है कोई!
मैं जो होश में ना रहूं
तो दोष उसका ही है,
बस यूँ धड़कन को
जमकर बढ़ाने लगा है कोई!
नजाकत ऐसी कि दिल
बिन कहे गुलाम हो जाए,
इश्क की बाहों में यूँ
जबरन बहकाने लगा है कोई!
देवता ससुर सब गुनाह
मेरे माफ़ करे हरदिन ही,
जो कातिल अदाओं से
कयामत बरसाने लगा है कोई!💕💞
........✍️Mgr. Er.
साह-जू-चेरुआ("मोर्गन")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳 मनमोहन 🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️


