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#मलमास अधिक मास #राजगीर मलमास मेला 🎉 #राजगीर मलमास मेला 2026
मलमास अधिक मास - पुरूषात्तम मास DAY 6 कथा और महात्म 3াড করী করথা पुरुषोत्तम  ক ৭ম্ত নিন কী কথা সাম राजा अम्बरीष और ऋषि से दुर्वासा  ஈரு = संबंधित है। एक बार दुर्वासा राजा अम्बरीष की परीक्षा लेने का निश्वय किया। वे बिना बताए उनके आश्रम लेकिन राजा उस समय एकादशी 9g4, का व्रत कर रहे थे। ऋषि जी स्नान के लिए गए और देर तक वापस नहीं लौटे। द्वादशी का पारण समय निकट বসলি था, राजा ने केबल जल का आचमन कर व्रत का पारण कर लिया। वापस आने पर ऋषि को क्रोध आया और उन्होंने राजा को दंड देने के लिए क्रूर कृत्य उत्पन किया।  विष्णु 7 लेकिन भगवान के चक्र से सुदर्शन  राजा की रक्षा हुई और ऋषि को क्षमा मांगगी पडं।  आज के विशेष कार्य यह कथा सिखाती है कि भगवान के भक्त की वाराह देव की पूजा करें । सदा रक्षा होती है और व्रत-धर्म में नियमों का विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें।  पालन अति आवश्यक है। भगवान षष्ठी का व्रत रखें और विधिवत पूजा करें । महात्म्य को भी सुनाएं। कथा श्रवण करें और दूसरों  पुरुषोत्तम मास में व्रत, दान, पूजा और कथा का गरीबों को अन, वस्त्र और फल दान करें। विशेष फल मिलता है। इस मास में किया गया वृंदावन की पूजा करें और दीप दें।  বুলমী  हर छोटा कार्य भी हजार गुना फल देता है। यह माह पापों का नाश करने वाला और मोक्ष देने वाला है। षर्ष्ठ दिन की कथा सुनने और पालन करने हैं और भगवान से जीवन के संकट दूर होते  आज का संदेश की कृषा  प्राप्त होती है। धर्म , नियम ओर भगवान पर अट्रूट विश्वास रखने वाले भक्त की सदा रक्षा होती हे। व्रत और उपवास से मन शुद्ध होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। शास्त्री ललित कूमार दवे पुरूषात्तम मास DAY 6 कथा और महात्म 3াড করী করথা पुरुषोत्तम  ক ৭ম্ত নিন কী কথা সাম राजा अम्बरीष और ऋषि से दुर्वासा  ஈரு = संबंधित है। एक बार दुर्वासा राजा अम्बरीष की परीक्षा लेने का निश्वय किया। वे बिना बताए उनके आश्रम लेकिन राजा उस समय एकादशी 9g4, का व्रत कर रहे थे। ऋषि जी स्नान के लिए गए और देर तक वापस नहीं लौटे। द्वादशी का पारण समय निकट বসলি था, राजा ने केबल जल का आचमन कर व्रत का पारण कर लिया। वापस आने पर ऋषि को क्रोध आया और उन्होंने राजा को दंड देने के लिए क्रूर कृत्य उत्पन किया।  विष्णु 7 लेकिन भगवान के चक्र से सुदर्शन  राजा की रक्षा हुई और ऋषि को क्षमा मांगगी पडं।  आज के विशेष कार्य यह कथा सिखाती है कि भगवान के भक्त की वाराह देव की पूजा करें । सदा रक्षा होती है और व्रत-धर्म में नियमों का विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें।  पालन अति आवश्यक है। भगवान षष्ठी का व्रत रखें और विधिवत पूजा करें । महात्म्य को भी सुनाएं। कथा श्रवण करें और दूसरों  पुरुषोत्तम मास में व्रत, दान, पूजा और कथा का गरीबों को अन, वस्त्र और फल दान करें। विशेष फल मिलता है। इस मास में किया गया वृंदावन की पूजा करें और दीप दें।  বুলমী  हर छोटा कार्य भी हजार गुना फल देता है। यह माह पापों का नाश करने वाला और मोक्ष देने वाला है। षर्ष्ठ दिन की कथा सुनने और पालन करने हैं और भगवान से जीवन के संकट दूर होते  आज का संदेश की कृषा  प्राप्त होती है। धर्म , नियम ओर भगवान पर अट्रूट विश्वास रखने वाले भक्त की सदा रक्षा होती हे। व्रत और उपवास से मन शुद्ध होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। शास्त्री ललित कूमार दवे - ShareChat