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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 30.04.2026 सचमें / अनपढ़ राजनीतिज्ञ पढ़े-लिखे नहीं है बुराई को भी अपनी प्रशंसा समझते हैं अतः विपक्षी को पागल कहते हैं पागल खुद है सबके विचार मिल नहीं सकते है! Status (Contacts) + # Aa 30.04.2026 सचमें / अनपढ़ राजनीतिज्ञ पढ़े-लिखे नहीं है बुराई को भी अपनी प्रशंसा समझते हैं अतः विपक्षी को पागल कहते हैं पागल खुद है सबके विचार मिल नहीं सकते है! Status (Contacts) + # - ShareChat