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♥️B S Sagar♥️ - Author on ShareChat
🌹🙏♥️B S Sagar♥️🙏🌹
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#gautambuddh
पंचशील का पालन "পাত থীলী কা পালন ;ী সীনন को सच्चे अर्थो में पवित्र बनाता है। हिंसा न करना (मन, कर्म, वचन से) असत्य वचन न बोलना चोरी न करना व्यभिचार न करना Namo नशीले पदाथीं का सेवन न करना buddhay पंचशील का पालन "পাত থীলী কা পালন ;ী সীনন को सच्चे अर्थो में पवित्र बनाता है। हिंसा न करना (मन, कर्म, वचन से) असत्य वचन न बोलना चोरी न करना व्यभिचार न करना Namo नशीले पदाथीं का सेवन न करना buddhay
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    #gautambuddh
    IuSI&G:II बुद्धभूमि 1 गौतम बुद्ध अहकार सत्य को स्वीकार नहीं और सत्थ कौ करता , जानने वाला कभी अहंकार नहीं करता, IuSI&G:II बुद्धभूमि 1 गौतम बुद्ध अहकार सत्य को स्वीकार नहीं और सत्थ कौ करता , जानने वाला कभी अहंकार नहीं करता,
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    🌹🙏♥️B S Sagar♥️🙏🌹
    #gautambuddh
    आखिर क्या हुआ था बुद्ध के जन्म के पहले ? भगवान बुद्ध का जन्म कोई साधारण घटना नहीं थी, यह एक महान दिव्य योजना का हिस्सा थी, जो संसार के दुखों को समाप्त करने के लिए हुई। बुद्ध के जतम् से पहले की घटनाएँ इसका महत्व क्या है? तथागत के आने की दिव्य योजना यह दर्शाता है कि बुद्घ का जन्म संयोग नहीं , जब संसार में अधर्म , अज्ञान और दुख बढ़ने लगे , तब देवताओं ने विघार किया कि धरती पर एक महान কাসন্স ৪ী,সী [সানী बल्कि एक महान उद्रेश्य के लिए हुआ| प्राणियों को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाए। सभी ' जीवन हमें सिखाता है कि हर बुद्घ का प्राणी दुखों से मुक्ति पा सकता है। माया देवी का पवित्र स्वप्न उनका जन्म आशा , करूणा और ज्ञान एक रात महारानी माया देवी ने स्वप्न देखा कि एक श्वेत हाथी , के प्रकाश का प्रतीक है। जिसके छह दातत थे, उनके दाहिने पार्श्व से प्रवेश कर गया। यह स्वप्न बहुत शुभ माना गया और बताता गया कि उनके गर्भ से एक महान पुरुप का जन्म होगा। देवताओं ने की रक्षा 3 देवताओं ने निश्व्य किया कि यह महान आत्मा सुरक्षित रूप से जन्म ले सके लिए वे हर समय महारानी $ और गर्भस्थ शिशु की रक्षा करेंगे। माया देवी का मायके जाना प्रथा के अनुसार , प्रसव के लिए महारानी माया देवी अपने मायके देवदह जाने के लिए निकलीं | रास्ते में लुम्बिनी वन में उनके प्रसव पीडा़ प्रारंभ हुई। ५ ) लुम्बिनी वन में जन्म लुम्बिनी वन में एक साल के वृक्ष की डाल पकड़कर महारानी माया देवी ने शुद्घोदन पुत्र को जन्म दिया। यह बालक जन्म लेते ही सात कदम चला और कहा "अग्ो हमस्मि लोके" (मैं जगत में श्रेष्ठ बुद्ध ही सत्य है आखिर क्या हुआ था बुद्ध के जन्म के पहले ? भगवान बुद्ध का जन्म कोई साधारण घटना नहीं थी, यह एक महान दिव्य योजना का हिस्सा थी, जो संसार के दुखों को समाप्त करने के लिए हुई। बुद्ध के जतम् से पहले की घटनाएँ इसका महत्व क्या है? तथागत के आने की दिव्य योजना यह दर्शाता है कि बुद्घ का जन्म संयोग नहीं , जब संसार में अधर्म , अज्ञान और दुख बढ़ने लगे , तब देवताओं ने विघार किया कि धरती पर एक महान কাসন্স ৪ী,সী [সানী बल्कि एक महान उद्रेश्य के लिए हुआ| प्राणियों को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाए। सभी ' जीवन हमें सिखाता है कि हर बुद्घ का प्राणी दुखों से मुक्ति पा सकता है। माया देवी का पवित्र स्वप्न उनका जन्म आशा , करूणा और ज्ञान एक रात महारानी माया देवी ने स्वप्न देखा कि एक श्वेत हाथी , के प्रकाश का प्रतीक है। जिसके छह दातत थे, उनके दाहिने पार्श्व से प्रवेश कर गया। यह स्वप्न बहुत शुभ माना गया और बताता गया कि उनके गर्भ से एक महान पुरुप का जन्म होगा। देवताओं ने की रक्षा 3 देवताओं ने निश्व्य किया कि यह महान आत्मा सुरक्षित रूप से जन्म ले सके लिए वे हर समय महारानी $ और गर्भस्थ शिशु की रक्षा करेंगे। माया देवी का मायके जाना प्रथा के अनुसार , प्रसव के लिए महारानी माया देवी अपने मायके देवदह जाने के लिए निकलीं | रास्ते में लुम्बिनी वन में उनके प्रसव पीडा़ प्रारंभ हुई। ५ ) लुम्बिनी वन में जन्म लुम्बिनी वन में एक साल के वृक्ष की डाल पकड़कर महारानी माया देवी ने शुद्घोदन पुत्र को जन्म दिया। यह बालक जन्म लेते ही सात कदम चला और कहा "अग्ो हमस्मि लोके" (मैं जगत में श्रेष्ठ बुद्ध ही सत्य है
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    🌹🙏♥️B S Sagar♥️🙏🌹
    #gautambuddh
    सच्ची शांति तब मिलती है, जब हम हर जीव से प्रेम करना सीखते हैं। ತ೯ सच्ची शांति तब मिलती है, जब हम हर जीव से प्रेम करना सीखते हैं। ತ೯
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  • ♥️B S Sagar♥️ - Author on ShareChat
    🌹🙏♥️B S Sagar♥️🙏🌹
    #gautambuddh
    28 a बुद्धज्ञान सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं अगर मन परिवर्तित हो जाए तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं? buddhay Namo laptouanslom bhante seel Sagar 28 a बुद्धज्ञान सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं अगर मन परिवर्तित हो जाए तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं? buddhay Namo laptouanslom bhante seel Sagar
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    #gautambuddh
    २४ जून बुद्ध ज्ञान इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता अगर आपकी एक इच्छा पूरी होती है इच्छा तुरंत जन्म ले लेती है al दूसरी Namo buddhay [a t0 t[astuut bhante seel Sagar २४ जून बुद्ध ज्ञान इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता अगर आपकी एक इच्छा पूरी होती है इच्छा तुरंत जन्म ले लेती है al दूसरी Namo buddhay [a t0 t[astuut bhante seel Sagar
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    #gautambuddh
    22 জুন बुद्ध ज्ञान अकेलापन ऐसे व्यक्ति को देता है खुशी जो कि संतोषी है, जिसने धर्म के बारे में सुना है और उसे साफ़ तौर पर देखा है buddhay Namo Tap Uo Uramsfonn bhante seel Sagar 22 জুন बुद्ध ज्ञान अकेलापन ऐसे व्यक्ति को देता है खुशी जो कि संतोषी है, जिसने धर्म के बारे में सुना है और उसे साफ़ तौर पर देखा है buddhay Namo Tap Uo Uramsfonn bhante seel Sagar
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  • __bysoul.x - Author on ShareChat
    __bysoul.x
    गौतम बुद्ध म्हणतात कठीण काळात शांत रहा, उत्तर वेळ देईल🥺🙇 . . . . #explore #explorepage #sharechat #exploring #explore #virelpost #views #gautambuddh #gautambuddha ##gautambuddha
    गौतम बुद्ध म्हणतात कठीण काळात शांत रहा, उत्तर वेळ देईल
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  • ♥️B S Sagar♥️ - Author on ShareChat
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    #gautambuddh
    ತರಡರ್ತಂತ್ಾ २० जून गुस्से के लिए दंडित नहीं होते आप अपने आप अपने गुस्से के द्वारा दंडित होते हो buddhay Namo Tap Vo alus omuo bhante seel Sagar ತರಡರ್ತಂತ್ಾ २० जून गुस्से के लिए दंडित नहीं होते आप अपने आप अपने गुस्से के द्वारा दंडित होते हो buddhay Namo Tap Vo alus omuo bhante seel Sagar
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  • ♥️B S Sagar♥️ - Author on ShareChat
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    #gautambuddh
    बोधिवचन यदि समस्या का कोई समाधान है तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं और यदि उसका कोई समाधान ही नहीं तो फिर चिंता करने से क्या लाभ? / [apttasfui buddhay Namo bhante seel Sagar बोधिवचन यदि समस्या का कोई समाधान है तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं और यदि उसका कोई समाधान ही नहीं तो फिर चिंता करने से क्या लाभ? / [apttasfui buddhay Namo bhante seel Sagar
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