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mamta sharma - Author on ShareChat
mamta sharma
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#om shanti
BRAHMA KUMARIS अनमोल विचार परमात्मा कहते हैं मेरे लाडले बच्चों , सम्मान आपके व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, यह एक निवेश की तरह है, को देते हो, जितना आप दूसरों वह आपको ক মাথ মুনাক্ वापस जरूर मिलता है। To Learn Online Rajyoga Meditation course to this OM SHANTI Send WhatsApp No. +91 7404907974 BRAHMA KUMARIS अनमोल विचार परमात्मा कहते हैं मेरे लाडले बच्चों , सम्मान आपके व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, यह एक निवेश की तरह है, को देते हो, जितना आप दूसरों वह आपको ক মাথ মুনাক্ वापस जरूर मिलता है। To Learn Online Rajyoga Meditation course to this OM SHANTI Send WhatsApp No. +91 7404907974
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    🌸🌹@vsyadav🌹🌸
    #om shanti brahmakumari
    ओम् शान्ति मुरली बापदादा ' मधुबन M7: 01-08-26 " मीठे बच्चे परचिंतन छोड़ अपना कल्याण जैसा बनकर औरों को रास्ता करो , तुम सोने बताओ ' प्रश्नः- अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी ) सुनाओ उत्तरः- वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वतः शीतल हो करते जाती हैं हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वतः रहती है देह-अभिमान छूटता जाता है। नाम रूप का की याद नहीं आती नशा खत्म होता जाता है। दूसरों ೯ 31ಘ ` शान्ति। गीतः तू प्यार का सागर है... केलिए मुख्य सारः- धारणा १ ) निश्चयबुद्धि बन जीते जी इस  7 पुरानी अपना लंगर उठा लेना है। बाप के हर फरमान को पालन कर अपना कल्याण करना है। का चिंतन छोड़ अपनी बुद्धि को स्वच्छ सोने दूसरों 2) जैसा बनाना है। झरमुई- झगमुई में अपना समय नष्ट नहीं करना है। योगबल से अपनी कर्मेन्द्रियों को शान्त, शीतल बनाना है। ओम् शान्ति मुरली बापदादा ' मधुबन M7: 01-08-26 " मीठे बच्चे परचिंतन छोड़ अपना कल्याण जैसा बनकर औरों को रास्ता करो , तुम सोने बताओ ' प्रश्नः- अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी ) सुनाओ उत्तरः- वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वतः शीतल हो करते जाती हैं हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वतः रहती है देह-अभिमान छूटता जाता है। नाम रूप का की याद नहीं आती नशा खत्म होता जाता है। दूसरों ೯ 31ಘ ` शान्ति। गीतः तू प्यार का सागर है... केलिए मुख्य सारः- धारणा १ ) निश्चयबुद्धि बन जीते जी इस  7 पुरानी अपना लंगर उठा लेना है। बाप के हर फरमान को पालन कर अपना कल्याण करना है। का चिंतन छोड़ अपनी बुद्धि को स्वच्छ सोने दूसरों 2) जैसा बनाना है। झरमुई- झगमुई में अपना समय नष्ट नहीं करना है। योगबल से अपनी कर्मेन्द्रियों को शान्त, शीतल बनाना है।
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    #om shanti brahmakumari
    fr3 01/08/26 धारपकाफ्रुख्य () सनयुगु आरात God' HP मेरा बाबा Pedce ईश्वरीय खजाना निश्चयबुद्धि बन जीते जी इस பி से अपना लंगर उठा लेना है दुनिया F BRAHMA KUMARIS IshvariyaKhajana BKhq.org/Join fr3 01/08/26 धारपकाफ्रुख्य () सनयुगु आरात God' HP मेरा बाबा Pedce ईश्वरीय खजाना निश्चयबुद्धि बन जीते जी इस பி से अपना लंगर उठा लेना है दुनिया F BRAHMA KUMARIS IshvariyaKhajana BKhq.org/Join
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    #om shanti brahmakumari
    मैं चलता-फिरता लाइट हाउस हूँ mm क aषान8 योगाभ्यास मैं अव्यक्त स्थिति में स्थित आकारी फरिश्ता लाइट के कार्ब में हूँ । पाबर हाउस शिबबाबा " कि सम्मुच  विराजमान हूँ | सर्वशक्तिमान परमात्मा की सर्वशक्तिया मेरे अंदर समाती जा रही हैं। मैं लाइट हाउस , माइट " हाउस बन गया हूँ । मुझ आत्मा से शक्तियों की रोशनी सारे विश्व के कोने-कोने में फैल रही है और भटकती अशान्त  आत्माओं को सन्मार्ग दिखा रही हैं। मुझ सर्च लाइट से सभी को ठिकाना मिल रहा है। मैं अनुभव कर रही हूँ॰ मैं लाइट हूँ॰ माइट हूँ | मुझसे सभी को फरिश्ते स्वरुप का साक्षात्कार हो रहा है।  चिन्तन क्या मुझे महसूस होता है कि मैं फरिश्ता चल रहा हूँ ? मैं फरिश्ता बात कर रहा हूँ? क्या मैं हर कर्म लाइट - ख्वरूप की स्मृति में रह करता हूँ ? माइट Bohuakumari  ` मैं चलता-फिरता लाइट हाउस हूँ mm क aषान8 योगाभ्यास मैं अव्यक्त स्थिति में स्थित आकारी फरिश्ता लाइट के कार्ब में हूँ । पाबर हाउस शिबबाबा " कि सम्मुच  विराजमान हूँ | सर्वशक्तिमान परमात्मा की सर्वशक्तिया मेरे अंदर समाती जा रही हैं। मैं लाइट हाउस , माइट " हाउस बन गया हूँ । मुझ आत्मा से शक्तियों की रोशनी सारे विश्व के कोने-कोने में फैल रही है और भटकती अशान्त  आत्माओं को सन्मार्ग दिखा रही हैं। मुझ सर्च लाइट से सभी को ठिकाना मिल रहा है। मैं अनुभव कर रही हूँ॰ मैं लाइट हूँ॰ माइट हूँ | मुझसे सभी को फरिश्ते स्वरुप का साक्षात्कार हो रहा है।  चिन्तन क्या मुझे महसूस होता है कि मैं फरिश्ता चल रहा हूँ ? मैं फरिश्ता बात कर रहा हूँ? क्या मैं हर कर्म लाइट - ख्वरूप की स्मृति में रह करता हूँ ? माइट Bohuakumari  `
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    om shanti   brahmakumari
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    #om shanti brahmakumari
    ओम शान्ति 31ITI26 Pamanokaaroup (Godly semice स्लोगन [ मन को आर्डर प्रमाण चलाओ तो मन्मनाभव की स्थिति स्वतः रहेगी| ओम शान्ति 31ITI26 Pamanokaaroup (Godly semice स्लोगन [ मन को आर्डर प्रमाण चलाओ तो मन्मनाभव की स्थिति स्वतः रहेगी|
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    Om Shanti Pavanokaaroup (Godlyservice अनुभव कहता है कि जीवन में यदि सुख शांति चाहिए तो किसी से शिकायत करने के बजाय स्वयं को बदलो क्योंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से बेहतर है अपने पैरों में चप्पल पहन लेना. Good Morning Om Shanti Pavanokaaroup (Godlyservice अनुभव कहता है कि जीवन में यदि सुख शांति चाहिए तो किसी से शिकायत करने के बजाय स्वयं को बदलो क्योंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से बेहतर है अपने पैरों में चप्पल पहन लेना. Good Morning
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    ओम शान्ति 25|7|26 Parano ka aroup Godlly service शिवबाबा है रचयिता| नई दुनिया रचते हैं। विष्णु तो पहले ब्रह्मा को जिरूर रचना है। और शंकर को कभी प्रजापिता नहीं कहते हैं। ब्रह्मा को ही प्रजापिता कहते हैं। तो शिवबाबा प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा एडाप्ट वही आत्माओं को पावन करते हैंl... बनाते हैं, आत्मा ही पतित बनी है। इस कारण शरीर भी पतित मिलता है। सोने में चांदी, ताम्बे, लोहे की खाद डालते हैं तो आत्मा में भी खाद पड़ती है। असुल में मुक्तिधाम में रहने वाली है, आत्मा पवित्र जहाँ शिवबाबा भी रहते हैं। मुरली साकार ओम शान्ति 25|7|26 Parano ka aroup Godlly service शिवबाबा है रचयिता| नई दुनिया रचते हैं। विष्णु तो पहले ब्रह्मा को जिरूर रचना है। और शंकर को कभी प्रजापिता नहीं कहते हैं। ब्रह्मा को ही प्रजापिता कहते हैं। तो शिवबाबा प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा एडाप्ट वही आत्माओं को पावन करते हैंl... बनाते हैं, आत्मा ही पतित बनी है। इस कारण शरीर भी पतित मिलता है। सोने में चांदी, ताम्बे, लोहे की खाद डालते हैं तो आत्मा में भी खाद पड़ती है। असुल में मुक्तिधाम में रहने वाली है, आत्मा पवित्र जहाँ शिवबाबा भी रहते हैं। मुरली साकार
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    #om shanti brahmakumari
    ೪ रिश्ते तब खिलते हैं जब हम लोगों को उनकी कमियों सहित स्वीकार करते हैं, क्योंकि प्रेम बदलने से नहीं, स्वीकार करने से নননা ট ! स्वीकार ही सच्चा प्रेम है, यही रिश्तों की सुंदरता है। আম থযানি ೪ रिश्ते तब खिलते हैं जब हम लोगों को उनकी कमियों सहित स्वीकार करते हैं, क्योंकि प्रेम बदलने से नहीं, स्वीकार करने से নননা ট ! स्वीकार ही सच्चा प्रेम है, यही रिश्तों की सुंदरता है। আম থযানি
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    #om shanti brahmakumari
    ज़िंदगी बहुत छोटी है, इसे क्रोध, पछतावे, शिकायतों और चिंताओं में गंवाइए मत हर परिस्थिति में खुश रहें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। Vichar Aur Sehat विचार और सेहत ज़िंदगी बहुत छोटी है, इसे क्रोध, पछतावे, शिकायतों और चिंताओं में गंवाइए मत हर परिस्थिति में खुश रहें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। Vichar Aur Sehat विचार और सेहत
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    #om shanti brahmakumari
    ओम शान्ति 22|7|26 Parwano kaeroup Godly service सर्व कमजोरियों वा 0 आकर्षण से मुक्त बनने वाली भैं उपराम व साक्षी आत्मा हूं ओम शान्ति 22|7|26 Parwano kaeroup Godly service सर्व कमजोरियों वा 0 आकर्षण से मुक्त बनने वाली भैं उपराम व साक्षी आत्मा हूं
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