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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 17.6.2026 हास्य व्यंग जिनकी भाषा वाणी में धार नहीं होती है ऐसे ही हर राजनीतिज्ञ दल में गद्दार रहते हैं वाले ये ही देश को डुबोने राजनीतिज्ञ आधुनिक हैं! होते Status (Contacts) + # Aa 17.6.2026 हास्य व्यंग जिनकी भाषा वाणी में धार नहीं होती है ऐसे ही हर राजनीतिज्ञ दल में गद्दार रहते हैं वाले ये ही देश को डुबोने राजनीतिज्ञ आधुनिक हैं! होते Status (Contacts) + # - ShareChat