दया मोहन गर्ग
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दया मोहन गर्ग
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डरनाहैतोपहलेमातापितागुरुसेडरेंझूंटनाबोले?
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 25.02 हास्य व्यंग गए थे भक्त স্তুনন कथा प्रवचन चैन आ जाएगा पर कुछ की चेन चोरी हो गई बेचैन होकर आए बताओ भक्ति शक्ति किधर गई प्रबंधक सोते रह गये! Status (Contacts) + # Aa 25.02 हास्य व्यंग गए थे भक्त স্তুনন कथा प्रवचन चैन आ जाएगा पर कुछ की चेन चोरी हो गई बेचैन होकर आए बताओ भक्ति शक्ति किधर गई प्रबंधक सोते रह गये! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 25.02 Rவர लोभी चोर डकैत चोकीदार सोते नहीं वाले होते हैं সুলান सरकारी कर्मचारी नहीं होते हैं @2 झोला तिजोरियां भरने वाले गुलाम चोकीदार होते हैं! Status (Contacts) + # Aa 25.02 Rவர लोभी चोर डकैत चोकीदार सोते नहीं वाले होते हैं সুলান सरकारी कर्मचारी नहीं होते हैं @2 झोला तिजोरियां भरने वाले गुलाम चोकीदार होते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 25.2 हास्य व्यंग वोटर्स की सलाह को अनदेखा मत करो सत्ताधारीTEAवाले चाचा मंहगा सूट पहन के देश नहीं संभाल पा रहे पत्नी कि धोती पहन के निकलो सब कुछ संभाल लोगे! Status (Contacts) + # Aa 25.2 हास्य व्यंग वोटर्स की सलाह को अनदेखा मत करो सत्ताधारीTEAवाले चाचा मंहगा सूट पहन के देश नहीं संभाल पा रहे पत्नी कि धोती पहन के निकलो सब कुछ संभाल लोगे! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - My status Aa Just now 25.02 हास्य व्यंग में रहते हुए जो राजनीति भेदभाव को दूर नहीं कर सकते वह जाति समाज हिंदू मुसलमान धर्म के भेदभाव को कभी नहीं दूर कर सकते! घटटि चलाना सभी राजनीतिज्ञ दल जानते हैं पर मोटा बारीक गोल और दलिया पिसना कोई नहीं जानते सिर्फ आपस में उलझना उलझाना जानते हैं! 0 (Contacts) + ` 000 My status Aa Just now 25.02 हास्य व्यंग में रहते हुए जो राजनीति भेदभाव को दूर नहीं कर सकते वह जाति समाज हिंदू मुसलमान धर्म के भेदभाव को कभी नहीं दूर कर सकते! घटटि चलाना सभी राजनीतिज्ञ दल जानते हैं पर मोटा बारीक गोल और दलिया पिसना कोई नहीं जानते सिर्फ आपस में उलझना उलझाना जानते हैं! 0 (Contacts) + ` 000 - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 24.02 Rவர लिए जो परायों के अपनापन दिखाते हैं वही लोग गुंडे बदमाश मवाली होते हैं जो राजनीति में बैठे हैं रिश्ते में अंधभक्तों के बाप लगते हैं! Status (Contacts) + # Aa 24.02 Rவர लिए जो परायों के अपनापन दिखाते हैं वही लोग गुंडे बदमाश मवाली होते हैं जो राजनीति में बैठे हैं रिश्ते में अंधभक्तों के बाप लगते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 24.02 हास्य व्यंग खून पीने वाले और बॉडी नोचने वाले राजनीतिज्ञों में फर्क होता है खून पीने वाले जल्दी चले जाते हैं और दूसरे वाले देर से जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 24.02 हास्य व्यंग खून पीने वाले और बॉडी नोचने वाले राजनीतिज्ञों में फर्क होता है खून पीने वाले जल्दी चले जाते हैं और दूसरे वाले देर से जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 24.02 हास्य व्यंग जंग कई तरह की होती जंग जंग में फर्क होता एक जंग करवाई जाती एक जंग की जाती जंग खा जाती दूसरी तीसरी जंग नजर नहीं आती इसमें होती जग हंसाई है! Status (Contacts) + # Aa 24.02 हास्य व्यंग जंग कई तरह की होती जंग जंग में फर्क होता एक जंग करवाई जाती एक जंग की जाती जंग खा जाती दूसरी तीसरी जंग नजर नहीं आती इसमें होती जग हंसाई है! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 24.02 हास्य व्यंग भिखारी के भेष में चौकीदार चोर घूमते हैं देखो जरा सोच समझ कर भीख देना दिल दिमाग की चोरी करते हैं और तन मन में भी घुस/बस जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 24.02 हास्य व्यंग भिखारी के भेष में चौकीदार चोर घूमते हैं देखो जरा सोच समझ कर भीख देना दिल दिमाग की चोरी करते हैं और तन मन में भी घुस/बस जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - My status Aa Just now 23.2 हास्य व्यंग गांधी के चाहने वाले सांवरकर का HTT dd Tiao को चाहने वाले गांधी का नाम लेते दोनों आपस में बुराईयां करते पर नाम लेना जरूरी समझते हैं! दोस्ताना बनाए जो रखते हैं आपस में यार! (Contacts) + ` My status Aa Just now 23.2 हास्य व्यंग गांधी के चाहने वाले सांवरकर का HTT dd Tiao को चाहने वाले गांधी का नाम लेते दोनों आपस में बुराईयां करते पर नाम लेना जरूरी समझते हैं! दोस्ताना बनाए जो रखते हैं आपस में यार! (Contacts) + ` - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - My status Aa Just now 23.02 हास्य व्यंग बड़ी जली पार्टी से जलने से बचने के g भागते हुए बिना देखे बटन दबा जाते हैं बटन किसी का भी दबाओ पर वोट बड़ी जली पार्टी के ही जाते हैं! काहू को मारे नहीं पापी नहीं है राम, राम आपहु आप मर जायसी कर कर खोटे काम! (Contacts) + ` My status Aa Just now 23.02 हास्य व्यंग बड़ी जली पार्टी से जलने से बचने के g भागते हुए बिना देखे बटन दबा जाते हैं बटन किसी का भी दबाओ पर वोट बड़ी जली पार्टी के ही जाते हैं! काहू को मारे नहीं पापी नहीं है राम, राम आपहु आप मर जायसी कर कर खोटे काम! (Contacts) + ` - ShareChat