दया मोहन गर्ग
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दया मोहन गर्ग
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डरनाहैतोपहलेमातापितागुरुसेडरेंझूंटनाबोले?
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.04.26 Rவர केस काटने का काम BJPमें होता है केस कैसे हो जड़ सहित काट देते हैं जरूरत है उसकी दुकान के अंदर जाने की खाकी काला कुछ नहीं कर सकेगा! Status (Contacts) + # Aa 4.04.26 Rவர केस काटने का काम BJPमें होता है केस कैसे हो जड़ सहित काट देते हैं जरूरत है उसकी दुकान के अंदर जाने की खाकी काला कुछ नहीं कर सकेगा! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A सचमें / १नजारा देखके थोड़ी थोड़ा गम खुशी हुआ१ने २जे से कहा में तुझसे वीछूड जाऊंगा दूजे ने कहा तू आज वीछूड़ जा कल में वीछूड़ जाऊंगाTit for tatकरके जाऊंगा! Status (Contacts) + # Aa 4.A सचमें / १नजारा देखके थोड़ी थोड़ा गम खुशी हुआ१ने २जे से कहा में तुझसे वीछूड जाऊंगा दूजे ने कहा तू आज वीछूड़ जा कल में वीछूड़ जाऊंगाTit for tatकरके जाऊंगा! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग कोई बुझता नहीं है बुझा दिया जाता है कोई सुलगता नहीं है सुलगा दिया जाता है इंसान बुरा नहीं होता है लालच सोच को निकृष्ट बना देती है! Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग कोई बुझता नहीं है बुझा दिया जाता है कोई सुलगता नहीं है सुलगा दिया जाता है इंसान बुरा नहीं होता है लालच सोच को निकृष्ट बना देती है! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग सोना रखने वाले चैन से सो नहीं सकते बेईमानी से कमाया सोना ईमानदार के पास नहीं होता जो सोना नहीं रखते वह चैन से सोते बेईमान नहीं होते!  Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग सोना रखने वाले चैन से सो नहीं सकते बेईमानी से कमाया सोना ईमानदार के पास नहीं होता जो सोना नहीं रखते वह चैन से सोते बेईमान नहीं होते!  Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग विरोधी हरजाति धर्म मजहब राजनीति में मिलेंगे कुछ अपने पराए विदेशी मिलेंगे टूटते हुए देखके सब खुश हो जाते जुड़ते हुए देखके रोने बैठ जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग विरोधी हरजाति धर्म मजहब राजनीति में मिलेंगे कुछ अपने पराए विदेशी मिलेंगे टूटते हुए देखके सब खुश हो जाते जुड़ते हुए देखके रोने बैठ जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 04.04.26 हास्य व्यंग हिस्से किस्से बन जाते খ্ন নীলন सुविधा है साथ में हिस्सेदार अनेक आते हैं अपने पराए सब आते जब परेशानी हो संग सब दूर भाग जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 04.04.26 हास्य व्यंग हिस्से किस्से बन जाते খ্ন নীলন सुविधा है साथ में हिस्सेदार अनेक आते हैं अपने पराए सब आते जब परेशानी हो संग सब दूर भाग जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.04 Rவர लकीर छोटी हो बड़ी कोई फर्क नहीं पड़ेगा पर फकीर को मुंह मत लगाना 1 रोटी दे देना पर वोट मत देना समझ आपकी अपनी आपके काम आएगी! Status (Contacts) + # Aa 4.04 Rவர लकीर छोटी हो बड़ी कोई फर्क नहीं पड़ेगा पर फकीर को मुंह मत लगाना 1 रोटी दे देना पर वोट मत देना समझ आपकी अपनी आपके काम आएगी! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.04 हास्य व्यंग गधे को गधे पहचानते यह गधे मानते हैं कुत्ते नहीं मानते है पर बुढ़े गधे जवान गधे को अपने साथ रखना चाहते हैं कुत्ते सवारी भी गधे की करते हैं! Status (Contacts) + # Aa 4.04 हास्य व्यंग गधे को गधे पहचानते यह गधे मानते हैं कुत्ते नहीं मानते है पर बुढ़े गधे जवान गधे को अपने साथ रखना चाहते हैं कुत्ते सवारी भी गधे की करते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग पहले जब चूल्हे जलते थे तब मच्छर नहीं खाते थे मलेरिया नहीं डेंगू नहीं कोरोना नहीं होता था जबसे गैस आया यह आने लगे गधे भी ! सुनाने कहानी Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग पहले जब चूल्हे जलते थे तब मच्छर नहीं खाते थे मलेरिया नहीं डेंगू नहीं कोरोना नहीं होता था जबसे गैस आया यह आने लगे गधे भी ! सुनाने कहानी Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 04.04.2026 हास्य व्यंग तू बनता जा वो बनाता जाएगा वह संत बनकर आएगा बेवकूफ बनाकर चला जाएगा  पर तू अंधभक्त ही कहलाएगा भक्त नहीं बन पाएगा! Status (Contacts) + # Aa 04.04.2026 हास्य व्यंग तू बनता जा वो बनाता जाएगा वह संत बनकर आएगा बेवकूफ बनाकर चला जाएगा  पर तू अंधभक्त ही कहलाएगा भक्त नहीं बन पाएगा! Status (Contacts) + # - ShareChat