दया मोहन गर्ग
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दया मोहन गर्ग
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डरनाहैतोपहलेमातापितागुरुसेडरेंझूंटनाबोले?
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 Rவர मजबूत गठबंधन चोर सिपाही का खाकीनकाले का है राजनेता से उपर्युक्त तीनो का होता है कमजोर गठबंधन साहूकार का साहूकार से भाई का भाई से होता है Status (Contacts) + # Aa 20.01 Rவர मजबूत गठबंधन चोर सिपाही का खाकीनकाले का है राजनेता से उपर्युक्त तीनो का होता है कमजोर गठबंधन साहूकार का साहूकार से भाई का भाई से होता है Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग १००%ईमानदार व्यापारी सेठ साहूकार कर्मचारी भी नहीं है तो फिर राजनेता किसी भी दल का हो ईमानदार कैसे होगा वो इन सबका का बाप होगा Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग १००%ईमानदार व्यापारी सेठ साहूकार कर्मचारी भी नहीं है तो फिर राजनेता किसी भी दल का हो ईमानदार कैसे होगा वो इन सबका का बाप होगा Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग सच्चे लोग तुम्हें अपनाएंगे नहीं झूंटे तुमसे मोहब्बत दोस्ती करने से గే चूकेंगे झूंटों के साथ चोरों का विकास शेष अंधभक्तों डमरू बजाना यार Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग सच्चे लोग तुम्हें अपनाएंगे नहीं झूंटे तुमसे मोहब्बत दोस्ती करने से चूकेंगे झूंटों के साथ चोरों का विकास शेष अंधभक्तों डमरू बजाना यार Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग रात गई बात गई दिन आया तो ना बात करने वाली आई ना बात बताने वाला आया फेंकू  जो भी आया ச3I लपेटने समेटने वाले भी कोई नहीं आए Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग रात गई बात गई दिन आया तो ना बात करने वाली आई ना बात बताने वाला आया फेंकू  जो भी आया ச3I लपेटने समेटने वाले भी कोई नहीं आए Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 Rவர नीच प्राणी qaf + नरहो नारी के खानदान पर कभी भरोसा मत करना चाहे भूखे मर जाना अकेले रह जाना पर इनसे दूर रहना ऐसे हर धर्म में मिलेंगे Status (Contacts) + # Aa 20.01 Rவர नीच प्राणी qaf + नरहो नारी के खानदान पर कभी भरोसा मत करना चाहे भूखे मर जाना अकेले रह जाना पर इनसे दूर रहना ऐसे हर धर्म में मिलेंगे Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 Rவர किसी को हराने हेतु किसी को१होना पड़ेगा तकी नहीं होगे जब तब तक उसको हरा नहीं पाओगे दल बदलने वालों से दल में मिलाने वालों को सतर्क रहना होगा Status (Contacts) + # Aa 20.01 Rவர किसी को हराने हेतु किसी को१होना पड़ेगा तकी नहीं होगे जब तब तक उसको हरा नहीं पाओगे दल बदलने वालों से दल में मिलाने वालों को सतर्क रहना होगा Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 Rவர अधर्म कि राह पर चलने वाले राजनीतिज्ञ जब धर्म कि बात करने लगते हैं तब उनका पाखंड उजागर हो जाता है इसमें कोई दोराय नहीं है जागो वोटर्स जागो Status (Contacts) + # Aa 20.01 Rவர अधर्म कि राह पर चलने वाले राजनीतिज्ञ जब धर्म कि बात करने लगते हैं तब उनका पाखंड उजागर हो जाता है इसमें कोई दोराय नहीं है जागो वोटर्स जागो Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग अहंकारी हो या संस्कारी झुकना दोनों को ही पड़ेगा लिए एक को उठाने के अपने पराए भी झुक जाते हैं जिसको उठाते हैं उसमें यह दोनों गुण होते हैं Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग अहंकारी हो या संस्कारी झुकना दोनों को ही पड़ेगा लिए एक को उठाने के अपने पराए भी झुक जाते हैं जिसको उठाते हैं उसमें यह दोनों गुण होते हैं Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग हिंदू हिंदू में है गहरा भाईचारा इसीलिए तो हिंदू हिंदू से कतरता है और पकड़ लेता है दूसरा किनारा मोहब्बत को आग भी लगाता है हिंदू ही प्यारा Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग हिंदू हिंदू में है गहरा भाईचारा इसीलिए तो हिंदू हिंदू से कतरता है और पकड़ लेता है दूसरा किनारा मोहब्बत को आग भी लगाता है हिंदू ही प्यारा Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग जो उत्तर दे नहीं सकते वह वोटर्स के ? को आग लगा देते इन्हें वोटर्स-बालक को जलवाते मरवाते जेल भिजवाते हैं सत्ता में बैठे पागल सब कुछ करते हैं Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग जो उत्तर दे नहीं सकते वह वोटर्स के ? को आग लगा देते इन्हें वोटर्स-बालक को जलवाते मरवाते जेल भिजवाते हैं सत्ता में बैठे पागल सब कुछ करते हैं Status (Contacts) + # - ShareChat