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#✍️ जीवन में बदलाव #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 प्रेरणादायक विचार
✍️ जीवन में बदलाव - V( ( / माँ के ऐसे प्रश्नों को सुनकर बालक और भी मुझे किसी साथी ने नहीं रोने लगा और बोला - मारा माँ | मुझे खेलते हुए कोई चोट भी नहीं आई है। मुझे तो छोटी माँ ने डाँटते हुए पिता की गोद से नीचे उतार दिया माँ; क्योँकि उनका कहना है कि पिता की गोद पर सिर्फ उनके पुत्र का ही अधिकार है यह सुनकर तो ध्रुव की माँ भी बहुत आहत वह कर भी क्या सकती थी ? अपने fg' हुई, 7 को पुचकारते हुए बोली -  पुत्र ! तुम दुःखी ٦چ हो। पर हाँ, यदि तुम गोद में बैठना ही चाहते हो परमपिता की गोद में बैठो पिता की तुम्हारे से तुम्हें तुम्हारी सौतेली माँ उतार सकती है, पर जो परमपिता की गोद मेँ जा बैठता है , उसे उनकी गोद से कोई नहीं उतार सकता पर वह परमपिता, भगवान कौन हैं 6 और रहते कहाँ हैं माँ?   - निर्मल हृदय ध्रुव ने সাঁ স পুন্তা  अपनी समझाते हुए माँ बोली - / पुत्र को जैसे यह राजमहल तुम्हारे पिता का है और ४ * पुत्र ! 7 वे इस राज्य के राजा हैं, वैसे ही इस संसार, इस सृष्टि को भगवान ने बनाया है और वे ही इस संसार के, इस सृष्टि के राजा हैँ पर वे रहते कहाँ हैं माँ ? ' ' ध्रुव ने पुनः प्रश्न किया माँ ने कहा - पुत्र! वे सर्वव्यापी हैँ॰ वे सर्वत्र हैं, वे सर्वज्ञ हैँ, इसलिए उन्हें तुम जहाँ भी पुकारोगे , याद करोगे, उनकी आराधना करोगे, उनसे प्रेम करोगे , वहीं वे तुम्हारी पुकार सुनेंगे और  तुम्हारी अभिलाषा पूरी करेंगे । V( ( / माँ के ऐसे प्रश्नों को सुनकर बालक और भी मुझे किसी साथी ने नहीं रोने लगा और बोला - मारा माँ | मुझे खेलते हुए कोई चोट भी नहीं आई है। मुझे तो छोटी माँ ने डाँटते हुए पिता की गोद से नीचे उतार दिया माँ; क्योँकि उनका कहना है कि पिता की गोद पर सिर्फ उनके पुत्र का ही अधिकार है यह सुनकर तो ध्रुव की माँ भी बहुत आहत वह कर भी क्या सकती थी ? अपने fg' हुई, 7 को पुचकारते हुए बोली -  पुत्र ! तुम दुःखी ٦چ हो। पर हाँ, यदि तुम गोद में बैठना ही चाहते हो परमपिता की गोद में बैठो पिता की तुम्हारे से तुम्हें तुम्हारी सौतेली माँ उतार सकती है, पर जो परमपिता की गोद मेँ जा बैठता है , उसे उनकी गोद से कोई नहीं उतार सकता पर वह परमपिता, भगवान कौन हैं 6 और रहते कहाँ हैं माँ?   - निर्मल हृदय ध्रुव ने সাঁ স পুন্তা  अपनी समझाते हुए माँ बोली - / पुत्र को जैसे यह राजमहल तुम्हारे पिता का है और ४ * पुत्र ! 7 वे इस राज्य के राजा हैं, वैसे ही इस संसार, इस सृष्टि को भगवान ने बनाया है और वे ही इस संसार के, इस सृष्टि के राजा हैँ पर वे रहते कहाँ हैं माँ ? ' ' ध्रुव ने पुनः प्रश्न किया माँ ने कहा - पुत्र! वे सर्वव्यापी हैँ॰ वे सर्वत्र हैं, वे सर्वज्ञ हैँ, इसलिए उन्हें तुम जहाँ भी पुकारोगे , याद करोगे, उनकी आराधना करोगे, उनसे प्रेम करोगे , वहीं वे तुम्हारी पुकार सुनेंगे और  तुम्हारी अभिलाषा पूरी करेंगे । - ShareChat