Ajit Kumar Sinha
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#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 प्रेरणादायक विचार #✍️ जीवन में बदलाव
🕉️सनातन धर्म🚩 - ShareChat
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#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 प्रेरणादायक विचार #✍️ जीवन में बदलाव
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#🙏 प्रेरणादायक विचार #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #❤️जीवन की सीख #✍️ जीवन में बदलाव
🙏 प्रेरणादायक विचार - आहार के साथ पर्याप्त जल का उपयोग करें - जो विषाक्त तत्त्वों को बाहर निकालता है, चयापचय तंत्र को सक्रिय रखता है और भार नियंत्रण में भी सहायक रहता है। दूसरा आधार है, सक्रिय जीवन - लगातार एक ही इसके लिए बैठने से अधिक चलें स्थान पर बैठने से एक तरह से शरीर को जंग लग जाती है और तमाम तरह के विकार एकत्र होना हृदय रोग, मोटापा जैसे रोग प्रारंभ होते हैं । मधुमेह, नियमित इसके स्वाभाविक परिणाम रहते हैं अतः रूप से चलने को जीवनचर्या का अंग बना लें। छह से नौ हजार कदम चलने को जहाँ आदर्श माना जाता है, वहीं दो से साढ़े चार हजार कदमों  किया जा सकता है। इसके साथ शारीरिक से शुभारंभ  হমন্ধ बल और गतिशीलता पर कार्य करते रहें नियमित रूप से जितना संभव हो व्यायाम লিব करें, जिसमें अपनी क्षमता अनुसार आसन, स्ट्रेचिंग, भारोत्तोलन आदि को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है । इनसे मांसर्पेशियाँ व जोड़ सशक्त एवं स्वस्थ रहेँगे आहार के साथ पर्याप्त जल का उपयोग करें - जो विषाक्त तत्त्वों को बाहर निकालता है, चयापचय तंत्र को सक्रिय रखता है और भार नियंत्रण में भी सहायक रहता है। दूसरा आधार है, सक्रिय जीवन - लगातार एक ही इसके लिए बैठने से अधिक चलें स्थान पर बैठने से एक तरह से शरीर को जंग लग जाती है और तमाम तरह के विकार एकत्र होना हृदय रोग, मोटापा जैसे रोग प्रारंभ होते हैं । मधुमेह, नियमित इसके स्वाभाविक परिणाम रहते हैं अतः रूप से चलने को जीवनचर्या का अंग बना लें। छह से नौ हजार कदम चलने को जहाँ आदर्श माना जाता है, वहीं दो से साढ़े चार हजार कदमों  किया जा सकता है। इसके साथ शारीरिक से शुभारंभ  হমন্ধ बल और गतिशीलता पर कार्य करते रहें नियमित रूप से जितना संभव हो व्यायाम লিব करें, जिसमें अपनी क्षमता अनुसार आसन, स्ट्रेचिंग, भारोत्तोलन आदि को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है । इनसे मांसर्पेशियाँ व जोड़ सशक्त एवं स्वस्थ रहेँगे - ShareChat
#😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #✍️ जीवन में बदलाव
😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख - जीवन को एक जीवंत उद्देश्य के साथ जिएँ- सबसे महत्त्वपूर्ण है - एक अर्थपूर्ण जीवन जीने की राह, जो जीवन को उत्साह, उमंग से भरे रखती है अपने किसी शौक या मिशन के साथ जीवन, व्यक्ति में भी आशा- उत्साह के साथ लबरेज को बुढ़ापे रखता है, जो स्वतः ही तन-मन को अपने अनुकूल TTభ గై7 चलने के लिए विवश- बाध्य करता है दूसरों के काम आने की अनुभूति भी व्यक्ति को आनंदपूरित रखती है जीवन को एक जीवंत उद्देश्य के साथ जिएँ- सबसे महत्त्वपूर्ण है - एक अर्थपूर्ण जीवन जीने की राह, जो जीवन को उत्साह, उमंग से भरे रखती है अपने किसी शौक या मिशन के साथ जीवन, व्यक्ति में भी आशा- उत्साह के साथ लबरेज को बुढ़ापे रखता है, जो स्वतः ही तन-मन को अपने अनुकूल TTభ గై7 चलने के लिए विवश- बाध्य करता है दूसरों के काम आने की अनुभूति भी व्यक्ति को आनंदपूरित रखती है - ShareChat
#✍️ जीवन में बदलाव #😇मन शांत करने के उपाय #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #❤️जीवन की सीख
✍️ जीवन में बदलाव - सादगी को सभ्यता का, महानता का चिह्न माना गया है। संसार के सभी महापुरुषों ने सादा जीवन- उच्च विचार ' के को आदर्श अपनाया और उत्कर्ष पथ पर आगे बढ़़े हैं। व्यक्तिगत जीवन में अभाव, निर्धनता और गरीबी, नैसर्गिक सुख शांति को नष्ट न कर सके, इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी आवश्यकताएँ उतनी ही रखें, जिन्हें सीमित आय में पूरा किया जा सके | सादगी का सिद्धांत केवल व्यक्तिगत जीवन में उपयोगी है, वरन 7 सामाजिक सुव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है सादगी को सभ्यता का, महानता का चिह्न माना गया है। संसार के सभी महापुरुषों ने सादा जीवन- उच्च विचार ' के को आदर्श अपनाया और उत्कर्ष पथ पर आगे बढ़़े हैं। व्यक्तिगत जीवन में अभाव, निर्धनता और गरीबी, नैसर्गिक सुख शांति को नष्ट न कर सके, इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी आवश्यकताएँ उतनी ही रखें, जिन्हें सीमित आय में पूरा किया जा सके | सादगी का सिद्धांत केवल व्यक्तिगत जीवन में उपयोगी है, वरन 7 सामाजिक सुव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है - ShareChat
#🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #🏃‍♂️ वेट लॉस टिप्स 🥛 #💪हेल्थ & स्किन केयर🌿 #😇मन शांत करने के उपाय #✍️ जीवन में बदलाव
🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ - प्रज्ञा योग व्यायाम - {a'faurmಇ" 4 16 संस्कूतिर्विश्वारा TT೯9 Tಾಗಾ 10 Code No. SV41 विचार क्रान्ति अभियान, शांतिकुंज , हरिद्वार प्रज्ञा योग व्यायाम - {a'faurmಇ" 4 16 संस्कूतिर्विश्वारा TT೯9 Tಾಗಾ 10 Code No. SV41 विचार क्रान्ति अभियान, शांतिकुंज , हरिद्वार - ShareChat
#😇मन शांत करने के उपाय #💪हेल्थ & स्किन केयर🌿 #🏃‍♂️ वेट लॉस टिप्स 🥛 #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌
😇मन शांत करने के उपाय - अंततः कहा जा सकता है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, अपितु एक जीवनपद्धति एक आध्यात्मिक साधना है, जो मनुष्य को ೩ उसकी पूर्ण संभावनाओं की ओर ले जाती है यह आत्मनिर्माण की वह प्रक्रिया है, जिसके भीतर छिपी असीम  அக 314 &H कर सकता है और अपने হাক্ষিমী ক্ী जाग्रत जीवन को सच्चे अर्थों में सफल, समृद्ध और कल्याणकारी बना सकता है लोक अंततः कहा जा सकता है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, अपितु एक जीवनपद्धति एक आध्यात्मिक साधना है, जो मनुष्य को ೩ उसकी पूर्ण संभावनाओं की ओर ले जाती है यह आत्मनिर्माण की वह प्रक्रिया है, जिसके भीतर छिपी असीम  அக 314 &H कर सकता है और अपने হাক্ষিমী ক্ী जाग्रत जीवन को सच्चे अर्थों में सफल, समृद्ध और कल्याणकारी बना सकता है लोक - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #✍️ जीवन में बदलाव
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - आकांक्षाएँ वस्तुतः मनुष्य जीवन की प्रेरणा- स्रोत हैं आकांक्षाओं के अभाव में जीवन की गतिशीलता समाप्त हा जाती है हम अपनी आकांक्षाओं को परीक्षा करें, उन्हें सत्य एवं यथार्थ की कसौटी पर परखें तथा हित-्अहित मूल्यांकन करें ক্ষা বুলা इसी में पर उनका समझदारी है ೫೫: ೫೯೫೯೫೯ (30) 2026 माच आकांक्षाएँ वस्तुतः मनुष्य जीवन की प्रेरणा- स्रोत हैं आकांक्षाओं के अभाव में जीवन की गतिशीलता समाप्त हा जाती है हम अपनी आकांक्षाओं को परीक्षा करें, उन्हें सत्य एवं यथार्थ की कसौटी पर परखें तथा हित-्अहित मूल्यांकन करें ক্ষা বুলা इसी में पर उनका समझदारी है ೫೫: ೫೯೫೯೫೯ (30) 2026 माच - ShareChat
#😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख - आम के वृक्ष से कई पके हुए आम नीचे आ गिरे। राहगीर  राहगीर ने पत्थर मारा तो उन्हें उठाकर अपनी राह पर चल दिया। यह दृश्य देख रहे आसमान ने वृक्ष से कहा _ दिन तुम पर पत्थर से प्रहार करते हैं , पर तुम तब भी उन्हें फलों का वृक्ष! मनुष्य आए उपहार देते हो, ऐसा क्यों ? ' वृक्ष हँसा और बोला _ ' बंधु! मनुष्य भले ही अपना धर्म छोड़ दे, पर मैं अपना धर्म कैसे छोड़ सकता हूँ ?  नारी सशक्तीकरण' वर्ष ভ্মানি अखण्ड माच २०२६ आम के वृक्ष से कई पके हुए आम नीचे आ गिरे। राहगीर  राहगीर ने पत्थर मारा तो उन्हें उठाकर अपनी राह पर चल दिया। यह दृश्य देख रहे आसमान ने वृक्ष से कहा _ दिन तुम पर पत्थर से प्रहार करते हैं , पर तुम तब भी उन्हें फलों का वृक्ष! मनुष्य आए उपहार देते हो, ऐसा क्यों ? ' वृक्ष हँसा और बोला _ ' बंधु! मनुष्य भले ही अपना धर्म छोड़ दे, पर मैं अपना धर्म कैसे छोड़ सकता हूँ ?  नारी सशक्तीकरण' वर्ष ভ্মানি अखण्ड माच २०२६ - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #✍️ जीवन में बदलाव
🕉️सनातन धर्म🚩 - इदं कृतमिदं   नेति द्वन्द्वैर्मुक्तं यदा मनः धर्मार्थकाममोक्षेषु निशिंचतं तदा भवेत्।। चाहिए, यह नहीं करना अर्थात यह करना  चाहिए ऐसे द्वंद्व से मुक्त हुआ मन धर्म, अर्थ, में इच्छारहित होता है काम और मोक्ष इदं कृतमिदं   नेति द्वन्द्वैर्मुक्तं यदा मनः धर्मार्थकाममोक्षेषु निशिंचतं तदा भवेत्।। चाहिए, यह नहीं करना अर्थात यह करना  चाहिए ऐसे द्वंद्व से मुक्त हुआ मन धर्म, अर्थ, में इच्छारहित होता है काम और मोक्ष - ShareChat