Ajit Kumar Sinha
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📓 हिंदी साहित्य
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - प्रज्ञा अभियान पढ़े - पढ़ाये ज्ञानदीप जले घर-घर, यही प्रज्ञा अभियान पुकारे, अंधियारे मन-आंगन में , सद्विचार उजियारे उतारे। श्रद्धा बने साधना पथ, निष्ठा हो जीवन की रीत, कर्मयोग से रचे भविष्य, यही गुरुदेव की प्रीत।  आंवलखेड़ा जन्मभूमि से, मथुरा तप की वाणी आई, शांतिकुंज " हरिद्वार बना, युग-चेतना की परछाई। पन्नों में नहीं बंधा ज्ञान, यह जन-्जन की श्वास बने, गांव-गांव, घर-घर पहुँचे , विचारों का विश्वास बने। पढ़े परिजन , जगे समाज, यही अभियान का धर्म, लेखनी नहीं, जीवन बदले, ऐसा हो हर एक कर्म। प्रज्ञा अभियान यज्ञ बने, जिसमें हम आहुति दें, नवयुग रचना का संकल्प , हर हृदय में अंकित करें। যথাই 31.01 6.37 am प्रज्ञा अभियान पढ़े - पढ़ाये ज्ञानदीप जले घर-घर, यही प्रज्ञा अभियान पुकारे, अंधियारे मन-आंगन में , सद्विचार उजियारे उतारे। श्रद्धा बने साधना पथ, निष्ठा हो जीवन की रीत, कर्मयोग से रचे भविष्य, यही गुरुदेव की प्रीत।  आंवलखेड़ा जन्मभूमि से, मथुरा तप की वाणी आई, शांतिकुंज " हरिद्वार बना, युग-चेतना की परछाई। पन्नों में नहीं बंधा ज्ञान, यह जन-्जन की श्वास बने, गांव-गांव, घर-घर पहुँचे , विचारों का विश्वास बने। पढ़े परिजन , जगे समाज, यही अभियान का धर्म, लेखनी नहीं, जीवन बदले, ऐसा हो हर एक कर्म। प्रज्ञा अभियान यज्ञ बने, जिसमें हम आहुति दें, नवयुग रचना का संकल्प , हर हृदय में अंकित करें। যথাই 31.01 6.37 am - ShareChat
#😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान
😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख - जीवन इतनी विनम्रता से जिओ की, में किसी भरी महफिल में जाओ जब बुढ़ापे ( तो लोग बैठने के जगह बना दे, सम्मान मांगा नहीं जाता, कमाया जाता है, में लाठी टेकते हुए भी आओ, बुढ़ापे तो लोग सिंहासन छोड़ने को मजबूर हो जाएं, भीड़ में जगह धक्के मार कर नहीं बनाई जाती , व्यक्तित्व में दम हो, अगर तो भीड़ खुद ब॰खुद रास्ता दे देती है, जीवन इतनी विनम्रता से जिओ की, में किसी भरी महफिल में जाओ जब बुढ़ापे ( तो लोग बैठने के जगह बना दे, सम्मान मांगा नहीं जाता, कमाया जाता है, में लाठी टेकते हुए भी आओ, बुढ़ापे तो लोग सिंहासन छोड़ने को मजबूर हो जाएं, भीड़ में जगह धक्के मार कर नहीं बनाई जाती , व्यक्तित्व में दम हो, अगर तो भीड़ खुद ब॰खुद रास्ता दे देती है, - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
✍मेरे पसंदीदा लेखक - गायत्री परिवार के मुख्य उद्देश्यः गायत्री परिवार गायत्री मंत्र और वेदों की आध्यात्मिक ज्ञानः शिक्षाओं पर आधारित आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ावा देता है। व्यक्तित्व विकासः संगठन व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और सत्रों का आयोजन करता है, जैसे कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स। सुधारः गायत्री परिवार समाज सुधार के लिए काम समाज करता है, जिसमें शिक्षा , स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं। सामुदायिक सेवाः संगठन विभिन्न सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों में भाग लेता है, जैसे कि रक्तदान शिविर और अनाथालयों में सहायता। गायत्री परिवार के मुख्य उद्देश्यः गायत्री परिवार गायत्री मंत्र और वेदों की आध्यात्मिक ज्ञानः शिक्षाओं पर आधारित आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ावा देता है। व्यक्तित्व विकासः संगठन व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और सत्रों का आयोजन करता है, जैसे कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स। सुधारः गायत्री परिवार समाज सुधार के लिए काम समाज करता है, जिसमें शिक्षा , स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं। सामुदायिक सेवाः संगठन विभिन्न सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों में भाग लेता है, जैसे कि रक्तदान शिविर और अनाथालयों में सहायता। - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️जीवन की सीख #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
✍मेरे पसंदीदा लेखक - वसन्त पञ्चमी মন 1926 को १५ वर्ष की 31g ச अखण्ड दीप से ही हमारे शताब्दी  L मार्गदर्शक दादा गुरुदेव ने దౌ णड दर्शन देकर हमारा 1820 2020 (युग ्सृजन का ) eTdup 1eನ s मार्गदर्शन किया श्रीराम शर्मा आचार्य फरवरी २०२६ शाके १९४७ संवत् २०८२ ٥٩٥ ٠ फाल्गुन वसन्त पञ्चमी মন 1926 को १५ वर्ष की 31g ச अखण्ड दीप से ही हमारे शताब्दी  L मार्गदर्शक दादा गुरुदेव ने దౌ णड दर्शन देकर हमारा 1820 2020 (युग ्सृजन का ) eTdup 1eನ s मार्गदर्शन किया श्रीराम शर्मा आचार्य फरवरी २०२६ शाके १९४७ संवत् २०८२ ٥٩٥ ٠ फाल्गुन - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ज्ञान अथाह है अनंत है। हम में से कोई भी सब कुछ नहीं जान सकता | स्वाध्याय के लिए सीमित समय ही होता है | इसलिए अच्छे विषयों में अपनी रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर स्वाध्याय ज़रूरी है | ज्ञान अथाह है अनंत है। हम में से कोई भी सब कुछ नहीं जान सकता | स्वाध्याय के लिए सीमित समय ही होता है | इसलिए अच्छे विषयों में अपनी रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर स्वाध्याय ज़रूरी है | - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #❤️जीवन की सीख #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - पाप की कमाईं घर पर आती मालूम होती है, पर जाने g$ নী; के लिए उसके हजारों पैर लग जाते हैं।उसका उपयोग करने वाले इतने अय्याश और फिजूलखर्च बन जाते है कि उनकी जरुरतें कभी पूरी नहीं पाप की कमाई करने কীনী| वाले को आत्मसुख कभी नहीं मिलता है। पाप की कमाईं घर पर आती मालूम होती है, पर जाने g$ নী; के लिए उसके हजारों पैर लग जाते हैं।उसका उपयोग करने वाले इतने अय्याश और फिजूलखर्च बन जाते है कि उनकी जरुरतें कभी पूरी नहीं पाप की कमाई करने কীনী| वाले को आत्मसुख कभी नहीं मिलता है। - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
✍मेरे पसंदीदा लेखक - #I लोक का कार्य वानप्रस्थ लेकर सभी को करना चाहिए। एक न्यायप्रिय राजा साधु वेश में अपनी प्रजा की खैर-खबर लेने  निकला । जब कभी वह जनता के दुःख दरद को सुनने निकलता, तो किसी अँगरक्षक या मंत्री को साथ मेँ नहीं लेता था और न राज्य  के अधिकारियों को किसी प्रकार को सूचना देता। कितने ही व्यक्तियों से संपर्क करते हुए वह एक बगीचे में पहुँचा 1 वहाँ एक  ने पूछा वृद्ध माली नया पौधा लगा रहा था। उसे देखकर राजा  यह तो अखरोट जैसा पौधा मालूम पड़ता है। ' हाँ! हाँ! ೪ಷ; तुम्हारा अनुमान ठीक है। माली का उत्तर था।  अखरोट तो बीस् - बाईंस वर्षोँ में फलता है, तब तक क्या इस पौधे के फल खाने के बात यह है कि हमारे लिए बैठे रहोगे। ' माली ने उत्तर दिया - बाप- दादा ने इस बगीचे को लगाया था। खून - पसीना एक करके  सीँचा , देख-भाल की और फल हम लोगों ने खाए। अब इसको ন লিব লবা ঐ ! भी तो यह कर्त्तव्य है कि कुछ वृक्ष  दूसरों  डम्पना खाने केलिए पेड़ लगाना, तो स्वार्थ की बात होगी । मैं यह आज इस पौधे की क्या उपयोगिता है ? यह भी भवस्येचं ढूसरूँ किो को फल प्रदान करे, बस यही इच्छा है दूसरों  ೧೩೯ ೧೨೫೫೫ ೪#೫ ೯೩೦೨೨ # # #೩೫೫೫೫ K#೫೩೩೫ ೫೫ %೪ ೩೮೩ # #೫೪ ###೫#೫-೫ೇ೭೬೫##೫೬೫ #೫೪೪೬#೪ धर्परहित जीवन तो वास्तव में मृत्यु है। #I लोक का कार्य वानप्रस्थ लेकर सभी को करना चाहिए। एक न्यायप्रिय राजा साधु वेश में अपनी प्रजा की खैर-खबर लेने  निकला । जब कभी वह जनता के दुःख दरद को सुनने निकलता, तो किसी अँगरक्षक या मंत्री को साथ मेँ नहीं लेता था और न राज्य  के अधिकारियों को किसी प्रकार को सूचना देता। कितने ही व्यक्तियों से संपर्क करते हुए वह एक बगीचे में पहुँचा 1 वहाँ एक  ने पूछा वृद्ध माली नया पौधा लगा रहा था। उसे देखकर राजा  यह तो अखरोट जैसा पौधा मालूम पड़ता है। ' हाँ! हाँ! ೪ಷ; तुम्हारा अनुमान ठीक है। माली का उत्तर था।  अखरोट तो बीस् - बाईंस वर्षोँ में फलता है, तब तक क्या इस पौधे के फल खाने के बात यह है कि हमारे लिए बैठे रहोगे। ' माली ने उत्तर दिया - बाप- दादा ने इस बगीचे को लगाया था। खून - पसीना एक करके  सीँचा , देख-भाल की और फल हम लोगों ने खाए। अब इसको ন লিব লবা ঐ ! भी तो यह कर्त्तव्य है कि कुछ वृक्ष  दूसरों  डम्पना खाने केलिए पेड़ लगाना, तो स्वार्थ की बात होगी । मैं यह आज इस पौधे की क्या उपयोगिता है ? यह भी भवस्येचं ढूसरूँ किो को फल प्रदान करे, बस यही इच्छा है दूसरों  ೧೩೯ ೧೨೫೫೫ ೪#೫ ೯೩೦೨೨ # # #೩೫೫೫೫ K#೫೩೩೫ ೫೫ %೪ ೩೮೩ # #೫೪ ###೫#೫-೫ೇ೭೬೫##೫೬೫ #೫೪೪೬#೪ धर्परहित जीवन तो वास्तव में मृत्यु है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏 प्रेरणादायक विचार
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - शिक्षा और विकासः परिवार बच्चों की प्रथम पाठशाला है। जहां बच्चों को नैतिक शिक्षा और सामाजिक शिक्षा मिलती है जिससे उनके व्यक्तित्व का निर्माण होता है। एकता और सहयोगः परिवार के सदस्य एक के साथ 8#? का समर्थन करते हैं। यह मिलकर काम करते हैं और एक दूसरे एकता और सहयोग परिवार को मजबूत बनाता है। सामाजिक नियंत्रणः परिवार में सामाजिक मानदंड और नियम होते हैं जो परिवार के सदस्यों को सही रास्ते पर रखने में मदद करते हैं। परिवार की शक्ति उसके सदस्यों के बीच के प्यार, सहयोग और समर्थन में है, जो व्यक्तियों को मजबूत और सुरक्षित महसूस कराता ೯1| शिक्षा और विकासः परिवार बच्चों की प्रथम पाठशाला है। जहां बच्चों को नैतिक शिक्षा और सामाजिक शिक्षा मिलती है जिससे उनके व्यक्तित्व का निर्माण होता है। एकता और सहयोगः परिवार के सदस्य एक के साथ 8#? का समर्थन करते हैं। यह मिलकर काम करते हैं और एक दूसरे एकता और सहयोग परिवार को मजबूत बनाता है। सामाजिक नियंत्रणः परिवार में सामाजिक मानदंड और नियम होते हैं जो परिवार के सदस्यों को सही रास्ते पर रखने में मदद करते हैं। परिवार की शक्ति उसके सदस्यों के बीच के प्यार, सहयोग और समर्थन में है, जो व्यक्तियों को मजबूत और सुरक्षित महसूस कराता ೯1| - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🏠घर-परिवार #😇मन शांत करने के उपाय #🤗 अच्छी सेहत का राज
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - परिवार की शक्ति क्या ह? परिवार की शक्ति कई पहलुओं में विभाजित की जा सकती हैः भावनात्मक समर्थनः परिवार के सदस्य एक दूसरे को मानसिक सुरक्षा, संतोष, प्रेम, सहयोग और स्नेह प्रदान करते हैं। यह भावनात्मक समर्थन व्यक्तियों को आत्मविश्वास दिलाता है और उनके व्यक्तित्व का पूर्ण विकास करता है। आर्थिक शक्तिः परिवार के सदस्यों की आर्थिक व्यवस्था एक के साथ जुड़ी होती है। परिवार के सदस्य एक को दूसरे दूसरे आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। सामाजिक संरक्षणः परिवार के सदस्य एक को মুসই : सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। परिवार में संस्कृति, प्रथाओं , आदतों और रीति रिवाजों का ज्ञान प्राप्त होता है जो व्यक्तियों को समाज में स्थापित करने में मदद करता है। परिवार की शक्ति क्या ह? परिवार की शक्ति कई पहलुओं में विभाजित की जा सकती हैः भावनात्मक समर्थनः परिवार के सदस्य एक दूसरे को मानसिक सुरक्षा, संतोष, प्रेम, सहयोग और स्नेह प्रदान करते हैं। यह भावनात्मक समर्थन व्यक्तियों को आत्मविश्वास दिलाता है और उनके व्यक्तित्व का पूर्ण विकास करता है। आर्थिक शक्तिः परिवार के सदस्यों की आर्थिक व्यवस्था एक के साथ जुड़ी होती है। परिवार के सदस्य एक को दूसरे दूसरे आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। सामाजिक संरक्षणः परिवार के सदस्य एक को মুসই : सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। परिवार में संस्कृति, प्रथाओं , आदतों और रीति रिवाजों का ज्ञान प्राप्त होता है जो व्यक्तियों को समाज में स्थापित करने में मदद करता है। - ShareChat
#🙏 प्रेरणादायक विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान
🙏 प्रेरणादायक विचार - कठिन परिश्रम के सिद्धांत कठिन परिश्रम के सिद्धांत में कुछ महत्वपूर्ण बातें शामिल हैंः निरंतर प्रयासः सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास 1 करना आवश्यक है। लक्ष्य उन्मुखताः स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उसे प्राप्त 2. करने के लिए कडी मेहनत करना। अनुशासन और समर्पणः अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के 3. लिए अनुशासन और समर्पण की आवश्यकता होती है। सीखने की इच्छाः असफलताओं से सीखने और आगे बढ़ने 4. की इच्छा। धैर्यः सफलता प्राप्त करने में समय लगता है, इसलिए धैर्य 5. रखना आवश्यक है। इन सिद्धांतों को अपनाकर , कोई भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम कर सकता है। कठिन परिश्रम के सिद्धांत कठिन परिश्रम के सिद्धांत में कुछ महत्वपूर्ण बातें शामिल हैंः निरंतर प्रयासः सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास 1 करना आवश्यक है। लक्ष्य उन्मुखताः स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उसे प्राप्त 2. करने के लिए कडी मेहनत करना। अनुशासन और समर्पणः अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के 3. लिए अनुशासन और समर्पण की आवश्यकता होती है। सीखने की इच्छाः असफलताओं से सीखने और आगे बढ़ने 4. की इच्छा। धैर्यः सफलता प्राप्त करने में समय लगता है, इसलिए धैर्य 5. रखना आवश्यक है। इन सिद्धांतों को अपनाकर , कोई भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम कर सकता है। - ShareChat