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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - काँटोँ को दोश देना ठीक नहीं है, पार्थ.. पैर तो हमने खुद रखे थे, fdga वो तो अपनी जगह सही थेे। @sona_creationa3 काँटोँ को दोश देना ठीक नहीं है, पार्थ.. पैर तो हमने खुद रखे थे, fdga वो तो अपनी जगह सही थेे। @sona_creationa3 - ShareChat