रोगी काया क्या करे ,भूख लगे न प्यास I
दूजे का सुख देख कर ,हर पल रहे उदास ॥
हर पल रहे उदास, निराशा मन में भरता ।
उर्जा करता नाश , दुखी सबको है करता ॥
करे कभी न योग, रोग पाले बन भोगी ।
जीवन भर दुख भोग,रहे बनकर के रोगी ॥ #📚कविता-कहानी संग्रह #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #कविता #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍



