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रोगी काया क्या करे ,भूख लगे न प्यास I दूजे का सुख देख कर ,हर पल रहे उदास ॥ हर पल रहे उदास, निराशा मन में भरता । उर्जा करता नाश , दुखी सबको है करता ॥ करे कभी न योग, रोग पाले बन भोगी । जीवन भर दुख भोग,रहे बनकर के रोगी ॥ #📚कविता-कहानी संग्रह #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #कविता #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍
📚कविता-कहानी संग्रह - रोगी काया क्या करे ,भूख लगे न प्यास [ दूजे का सुख देख कर ,हर पल रहे उदास Il महेन्द्र नारायण दूजे का सुख देख कर , राोगी काया क्या करे भूख लगे न प्यास | हर पल रहे उदास Il हर पल रहे उदास, ऊर्जा करता नाश निराशा दुखी सबको है करता Il निराशा मन में भरता जीवन भर दुख भोग , करे कभी न योग , रहे बनकर के रोगी Il रोग पाले बन भोगी | CHIPS योग करो योग , सत्विक आहार, व्यायाम और सद्विचार सात्त्विक भोजन करो से जीवन बनता है व्यायाम करो और निरोगी | स्वस्थ, স্তুস্ত্রী प्रसन्त्र रहो মনকা মুস্ত্র ঐস্ত্র TT3i खुशी  रोगी काया क्या करे ,भूख लगे न प्यास [ दूजे का सुख देख कर ,हर पल रहे उदास Il महेन्द्र नारायण दूजे का सुख देख कर , राोगी काया क्या करे भूख लगे न प्यास | हर पल रहे उदास Il हर पल रहे उदास, ऊर्जा करता नाश निराशा दुखी सबको है करता Il निराशा मन में भरता जीवन भर दुख भोग , करे कभी न योग , रहे बनकर के रोगी Il रोग पाले बन भोगी | CHIPS योग करो योग , सत्विक आहार, व्यायाम और सद्विचार सात्त्विक भोजन करो से जीवन बनता है व्यायाम करो और निरोगी | स्वस्थ, স্তুস্ত্রী प्रसन्त्र रहो মনকা মুস্ত্র ঐস্ত্র TT3i खुशी - ShareChat