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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa हास्य व्यंग HHI राजनेताओं के झोले से सेटों की महलों से निकल कर गरीबों की खोली में आती यहां सुख शांति होती है यहीं बस जाती है २वक्त की रोटी हराम करती है! Status (Contacts) + # Aa हास्य व्यंग HHI राजनेताओं के झोले से सेटों की महलों से निकल कर गरीबों की खोली में आती यहां सुख शांति होती है यहीं बस जाती है २वक्त की रोटी हराम करती है! Status (Contacts) + # - ShareChat