ShareChat
click to see wallet page
search
# दहकता अंगारा (महाराणा प्रताप) -------------- था ख़ोला रक्त धमनियों में, भड़की श्वाँसों में चिंगारी । था ज़ोर विलक्षण बाज़ुओं में, नस-नस में थी वो उजियारी ।। उस अंगारे की लपटों से, तमतमा उठी पावन माटी । जहाँ चेतक घोड़े पर प्रताप, वह याद रहे हल्दी-घाटी ।। बप्पा रावल के दीपक का, इतिहास जहाँ के कण-कण में । जो अंधकार में रह कर भी, एक बने प्रेरणा क्षण-क्षण में ।। वह रौंद रहा कांटों को जिसकी, अद्भुत बड़ी कहानी है । उमड़े रग़-रग़ में स्वाभिमान, संकट ही पानी-पानी है ।। इक क्षत्राणी का दुग्ध वही, चित्तौड़ का अमिट उजाला है । जिसके फ़ौलादी पंजों में, तलवार दुधारी-भाला है ।। इक आन-मान के खातिर, भीषण कष्टों से नित जूझा था । सर्वस्व समर्पित कर जिसने, चन्दन-माटी को पूजा था ।। हर कदम-कदम और मोड़-मोड़, अनगिनत आपदा आई थी । परिवार सहित उस वीर ने जहाँ पर, घास की रोटी खाई थी ।। खेला प्राणों पर हरदम लेकिन, हिम्मत कभी न हारी थी । अंगारे से चेहरे पर जिसके, प्राणों की बलिहारी थी ।। ऐसी थी वह एक विकट घड़ी, बन एक चुनौती आई थी । दुश्मन ने आगे ही उसके, उल्टे मुँह की खाई थी ।। स्व-प्राण विसर्जन करते करते, प्रतिद्वंद्वी पर फूट पड़ा । एक कड़कड़ाती बिजली बन वह, घमासान में टूट पड़ा ।। बलिवेदी की घनघोर घटा में, महा-विजय का शंख बजा । ऐसे चिराग को पाने आखिर, माता का निज अंक सजा ।। ऐसा पल जीवन-दर्पण में जो, कभी न देखा जा सकता । मरते दम तक जिसकी रूह से, चित्तौड़ न भूला जा सकता ।। जब बरस पड़े शत्रु के अश्रु, थी कैसी उल्टी पाटी । जहाँ चेतक घोड़े पर प्रताप, वह याद रहे हल्दी-घाटी ।। था ख़ोला रक्त धमनियों में, भड़की श्वाँसों में चिंगारी । था ज़ोर विलक्षण बाज़ुओं में, नस-नस में थी वो उजियारी ।। उस अंगारे की लपटों से, तमतमा उठी पावन माटी । जहाँ चेतक घोड़े पर प्रताप, वह याद रहे हल्दी-घाटी ।। #महाराणा प्रतापजयंती #महाराणा #जय महाराणा जय राजपुताना
महाराणा प्रतापजयंती - MAHENDRA ARTS | WhatsApp: 9373271975 Sharechat @Mahendra Arts महारणा प्रताप जयंती १७ जून २०२६ सोमवार ४मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले , स्वाभिमान और वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप को कोटिन्कोटि नमन। " ठीर योद्धा , मेवाड़ रत्न | जयंती महोत्सव যসপুরানা! 2026 जय "।। वीर भोग्या वसुंधरा II ' MAHENDRA ARTS | WhatsApp: 9373271975 Sharechat @Mahendra Arts महारणा प्रताप जयंती १७ जून २०२६ सोमवार ४मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले , स्वाभिमान और वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप को कोटिन्कोटि नमन। " ठीर योद्धा , मेवाड़ रत्न | जयंती महोत्सव যসপুরানা! 2026 जय "।। वीर भोग्या वसुंधरा II ' - ShareChat