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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 14.6 सच में / राजनीतिज्ञ दलों की आपसी रंजिश के कारण राजकीय शासकीय जन धन संपत्ति प्राणी की हानि हो रही है पर देश में अंधे बहरे गूंगे लंगड़े सत्ता में बैठे हैं! Status (Contacts) + # Aa 14.6 सच में / राजनीतिज्ञ दलों की आपसी रंजिश के कारण राजकीय शासकीय जन धन संपत्ति प्राणी की हानि हो रही है पर देश में अंधे बहरे गूंगे लंगड़े सत्ता में बैठे हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat