ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ) 96 ज़माना एक दिन मुझको इन्हीं लफ़्ज़ों में ढूँढेगा* *वो हर एहसास जो में लफ़्ज़ों में छोड़ जाऊगा ) 96 ज़माना एक दिन मुझको इन्हीं लफ़्ज़ों में ढूँढेगा* *वो हर एहसास जो में लफ़्ज़ों में छोड़ जाऊगा - ShareChat