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।। ॐ ।। न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु ॥ अध्याय ४/९ में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा कि महापुरुष की कार्य- प्रणाली अलौकिक है। अध्याय ९/४ में बताया- मैं अव्यक्त रूप से करता हूँ। यहाँ भी वही कहते हैं- धनंजय ! जिन कर्मों को मैं अदृश्य रूप से करता हूँ, उनमें मेरी आसक्ति नहीं है। उदासीन के सदृश स्थित रहनेवाले मुझ परमात्मस्वरूप को वे कर्म नहीं बाँधते; क्योंकि कर्म के परिणाम में जो लक्ष्य मिलता है उसमें मैं स्थित हूँ, इसलिये उन्हें करने के लिये मैं विवश नहीं हूँ। यह तो स्वभाव के साथ जुड़ी प्रकृति के कार्यों का प्रश्न था, महापुरुष की रहनी थी, उनकी रचना थी। अब मेरे अध्यास से जो माया रचती है, वह क्या है? वह भी एक कल्प है- #❤️जीवन की सीख #🙏गीता ज्ञान🛕 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #यथार्थ गीता
❤️जीवन की सीख - II32 Il नच मां तानि कर्माणि निवध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु Il में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा कि अध्याय ४/९ महापुरुष की कार्य- प्रणाली अलौकिक है। अध्याय ९/४ में बताया- मैं अव्यक्त रूप से करता हूँ। यहाँ भी वही कहते हें- धनंजय ! जिन कर्मो को में अदृश्य रूप से करता हू॰ उनमें मेरी आसक्ति नहीं है। उदासीन के सदृश स्थित रहनेवाले मुझ परमात्मस्वरूप कोवे कर्म नहीं बाँधते; क्योंकि कर्म के परिणाम में जो लक्ष्य मिलता है उसमें मैं स्थित हूँ॰ इसलिये उन्हें करने के लिये मैं विवश नहीं हूँ। यह तो स्वभाव के साथ जुड़ी प्रकृति के कार्यो का प्रश्न था, महापुरुष की रहनी थी उनकी रचना थी। अब मेरे अध्यास सेजो माया रचती हे, वह क्या हे? वहःभी एक कल्प हे॰ II32 Il नच मां तानि कर्माणि निवध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु Il में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा कि अध्याय ४/९ महापुरुष की कार्य- प्रणाली अलौकिक है। अध्याय ९/४ में बताया- मैं अव्यक्त रूप से करता हूँ। यहाँ भी वही कहते हें- धनंजय ! जिन कर्मो को में अदृश्य रूप से करता हू॰ उनमें मेरी आसक्ति नहीं है। उदासीन के सदृश स्थित रहनेवाले मुझ परमात्मस्वरूप कोवे कर्म नहीं बाँधते; क्योंकि कर्म के परिणाम में जो लक्ष्य मिलता है उसमें मैं स्थित हूँ॰ इसलिये उन्हें करने के लिये मैं विवश नहीं हूँ। यह तो स्वभाव के साथ जुड़ी प्रकृति के कार्यो का प्रश्न था, महापुरुष की रहनी थी उनकी रचना थी। अब मेरे अध्यास सेजो माया रचती हे, वह क्या हे? वहःभी एक कल्प हे॰ - ShareChat