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#मैं नास्तिक क्यों हू #🌠ओशो☘️ #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख
मैं नास्तिक क्यों हू - जीचन को आभिनय की तरह जीओ गंभीरता से मत लो। बस नाटक के पात्र होओ। मैं इसी को संन्यास कहता हूं भागने को नहीं जागने को! 1 जीचन को आभिनय की तरह जीओ गंभीरता से मत लो। बस नाटक के पात्र होओ। मैं इसी को संन्यास कहता हूं भागने को नहीं जागने को! 1 - ShareChat